Responsive Scrollable Menu

Health Tips: पंचकर्म की Nasya Therapy से डिटॉक्स होगी बॉडी, लेकिन Pregnant Women रहें दूर

आयुर्वेद में कुछ बीमारियों के इलाज के समय पंचकर्म थेरेपी ली जाती है। वहीं मेंटल हेल्थ, साइनस की समस्या, सिर से जुड़ी समस्या दूर करने और फर्टिलिटी में मदद करने के लिए नस्य सबसे ज्यादा पंचकर्म थेरेपी असरदार है। लेकिन हर किसी के लिए नस्य थेरेपी को सेफ नहीं माना गया है। अगर गलत समय और बिना नस्य एक्सपर्ट के इस थेरेपी को कराया जाता है, तो इसके फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस थेरेपी से जुड़ी कुछ अहम बातें बताने जा रहे हैं कि जिससे कि नस्य पंचकर्म थेरेपी का फायदा आपको मिल सके।

क्या है नस्य पंचकर्म थेरेपी

नस्य का मतलब है नाक के जरिए आयुर्वेदिक दवाएं देना, जिससे नाक, कान, गले और सिर से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जा सके। इस थेरेपी के जरिए माइग्रेन, हार्मोनल असंतुलन, क्रोनिक साइनसाइटिस, बालों का झड़ना, गर्दन में अकड़न,फर्टिलिटी प्रोब्लम्स एवं न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर जैसी समस्याओं को दूर किया जा सकता है। वहीं इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते हैं। यह पंचकर्म इलाज का एक हिस्सा होता है, जब इसको आयुर्वेद के जानकार करते हैं। तो यह शरीर में वात, पित्त-कफ का संतुलन वापस लाने में ज्यादा असरदार होता है। यह प्रोसेस सिर्फ नाक में तेल डालने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि नस्य पंचकर्म थेरेपी के दौरान -

इसे भी पढ़ें: Dengue Symptoms Warning: क्या डेंगू से आ सकता है Brain Stroke? जानिए डॉक्टर की राय


प्रोसेस से पहले फेस की मालिश यानी अभ्यंग उपचार किया जाता है।

हल्की स्टीम थेरेपी दी जाती है, जिसको आयुर्वेद में स्वेदन इलाज बोलते हैं।

औषधीय तेल डालना

प्रोसेस के बाद गरारे करवाए जाते हैं और फिर आराम करने की सलाह दी जाती है।

शरीर की एक नहीं बल्कि कई समस्याओं को दूर करने के लिए नस्य पंचकर्म थेरेपी को प्रभावी माना गया है। लेकिन यह थेरेपी की सलाह कुछ लोगों को नहीं दी जाती है।

हर किसी के लिए नहीं है पंचकर्म थेरेपी

प्रेग्नेंसी

प्रेग्नेंसी एक बेहद संवेदनशील स्थिति होती है और ऐसे में नस्य कर्म से प्रेग्नेंट महिला को कई तरह की समस्या हो सकती है।
इससे वात बढ़ सकता है।
शरीर में दोषों की अनचाही हलचल शुरू हो सकती है।
हार्मोनल प्रोसेस पर भी असर हो सकता है।
आयुर्वेद प्रेग्नेंसी के के दौरान की देखभाल को सपोर्ट करता है। लेकिन इस थेरेपी को हल्के-फुल्के ढंग से नहीं करना चाहिए।

अगर पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या है, तो इस दौरान शरीर नेचुरल रूप से साफ होता है। इस दौरान वात सक्रिय हो जाता है। इस दौरान यह थेरेपी लेने से शरीर में नीचे की ओर होने वाला बहाव रुक सकता है। इसलिए पीरियड्स होने तक इसको टाल देना बेहतर है।

इसके अलावा साइनस की गंभीर समस्या, तेज फीवर, गले में इंफेक्शन, ज्यादा सर्दी-जुकाम की समस्या रहने पर पहले इन सबका इलाज किया जाता है। क्योंकि नस्य पंचकर्म थेरेपी से शरीर डिटॉक्स होता है और इससे साइनस, तेजी फीवर या सर्दी-जुकाम की समस्या बढ़ सकती है।

अगर हाल ही में मस्तिष्क की सर्जरी, नाक की सर्जरी, सेप्टम ठीक करने की सर्जरी या फिर सिर में चोट जैसी स्थिति के होने पर भी नस्य थेरेपी नहीं ली जा सकती है।

अगर अचानक से माइग्रेन की समस्या तेज हो गई है। तो इस स्थिति में भी नस्य थेरेपी नहीं लेनी चाहिए। क्योंकि इससे माइग्रेन की समस्या अधिक बढ़ सकती है।

अगर हाई बीपी की समस्या हो और ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं हो रहा है, तो इस स्थिति में भी यह थेरेपी लेने से पहले आयुर्वेदिक इलाज के माध्यम से बीपी को कंट्रोल किया जाता है। वहीं नियमित चेकअप के बाद अगर बीपी कंट्रोल हो जाता है, तो फिर उसके बाद ही यह थेरेपी कराने की सलाह दी जाती है।

यदि किसी व्यक्ति की उम्र ज्यादा है और वह कमजोर है। इम्यूनिटी कम हो या हमेशा थकान महसूस करने वाले बुजुर्गों को भी यह थेरेपी नहीं दी जाती है। क्योंकि उनमें नस्य पंचकर्म की प्रक्रिया को सहने की क्षमता कम हो सकती है। 

इसके अलावा 7 साल से कम उम्र के बच्चों को नस्य थेरेपी नहीं दी जाती है। इसका मुख्य कारण छोटे बच्चों की नाक की नली नाजुक और बेहद संवेदनशील होती है। ऐसे में इस थेरेपी के दौरान बच्चे को नाक में जलन या असुविधा हो सकती है।

जिन लोगों को ब्लीडिंग डिसऑर्डर की समस्या होती है, जैसे प्लेटलेट्स काउंट कम होना, नाक से बार-बार खून आने की समस्या, ब्लड क्लॉट जैसी समस्या होने पर भी नस्य थेरेपी की सलाह नहीं दी जाती है।

जिन लोगों को बेचैनी, घबराहट या फिर क्लॉस्ट्रोफोबिया की समस्या होती है। उनको नस्य थेरेपी की सलाह नहीं दी जाती है। आयु्र्वेद एक्सपर्ट सबसे पहले पैनिक अटैक या घबराहट जैसी स्थितियों को समझकर इलाज करते हैं। वहीं जब मरीज ठीक हो जाता है, तो जरूरत होने पर नस्य थेरेपी की शुरूआत करते हैं।

इन स्थितियों के अलावा आयुर्वेद एक्सपर्ट मरीज फिजिकल स्थितियों को समझकर नस्य पंचकर्म थेरेपी की सलाह देते हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर कई इन्फुएंसर नस्य ट्रीटमेंट घर पर खुद करने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन इसके साथ कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

वात-पित्त-दोष की समझ
सही तेल का चुनाव
शारीरिक जांच
 
वहीं सही समय और सही तकनीक मालूम ना होने पर शारीरिक परेशानी बढ़ सकती है। जैसे- सिरदर्द, जलन, ज्यादा बलगम बनना, नाक में जलन होना और चक्कर आना आदि या अन्य कोई फिजिकल या मेंटल परेशानी शुरू हो सकती है। इसलिए सलाह दी जाती है कि किसी प्रोफेशनल आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से ही सुरक्षित आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट करवाना चाहिए।

नस्य थेरेपी कब होती है सेफ

इसको किसी क्वालिफाइड पंचकर्म डॉक्टर की देखरेख में करवाना चाहिए।

इसको किसी भरोसेमंद आयुर्वेदिक सेंटर में किया जाना चाहिए।

इसको दोष के हिसाब से कस्टमाइज किया जाए।

इसको सही जांच के बाद किया जाए।

नस्य ट्रीटमेंट कब बंद करना चाहिए

देखने में परेशानी महसूस होना
तेज सिरदर्द की समस्या होना
लगातार उल्टी आना
तेज जलन होना
नाक से लगातार खून आना

Continue reading on the app

Bollywood Wrap Up | 'रामायण' के इंग्लिश कट से लेकर IIFA 2027 के बड़े ऐलान तक, ये है बॉलीवुड की आज की बड़ी खबरें

18 सितंबर का दिन भारतीय मनोरंजन जगत और खेल प्रेमियों के लिए बड़ी सुर्खियों और घोषणाओं से भरा रहा। एक तरफ जहां बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया अपडेट सामने आया है, वहीं दूसरी तरफ अवॉर्ड शो के सबसे बड़े मंच IIFA 2027 की मेजबानी को लेकर भी नया ऐलान कर दिया गया है। इसके अलावा, बॉलीवुड गलियारों से लेकर क्रिकेट के मैदान तक की कई अहम खबरों ने आज इंटरनेट पर खूब हलचल मचाई। आइए नज़र डालते हैं 18 सितंबर की 6 सबसे प्रमुख और चर्चित खबरों पर:

....................................................................................................................................
'रामायण' का इंग्लिश वर्शन 30 मिनट छोटा, गानों के बिना होगा रिलीज
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही भव्य फिल्म 'रामायण: पार्ट वन' 
के मेकर्स इसे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए अलग अंदाज में पेश कर रहे हैं।
'वैरायटी इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म का इंग्लिश कट हिंदी वर्शन से
लगभग 30 मिनट छोटा होगा और इसमें कोई भी गाना शामिल नहीं होगा। 
रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश स्टारर यह फिल्म 6 नवंबर, 2026 को रिलीज होगी

....................................................................................................................................

IIFA 2027: करण जौहर संग वरुण धवन करेंगे होस्टिंग डेब्यू
अबू धाबी के यास आइलैंड में 22-23 जनवरी, 2027 को आयोजित होने वाले 
IIFA Awards के 27वें संस्करण के लिए मेजबानों का ऐलान हो गया है
वरुण धवन पहली बार करण जौहर के साथ मुख्य अवार्ड शो को होस्ट करेंगे
सलमान खान और करीना कपूर खान जैसे बड़े सितारे मंच पर परफॉर्म करते नजर आएंगे

....................................................................................................................................

ऑस्कर 2027 में भारत की ओर से जाएगी ‘गोंधल'
सिर्फ 84 लाख कमाने वाली मराठी फिल्म की कहानी है खास
संतोष डावखर निर्देशित फिल्म प्रेम, छल और अपराध की कहानी है,
ऑस्कर की रेस में भारत की ओर से ‘गोंधल’ का पहुंचना क्षेत्रीय सिनेमा की
बढ़ती ताकत और उसकी कहानियों की व्यापक स्वीकार्यता को भी दर्शाता है
अब यह फिल्म बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी
खास बात यह है कि इस साल देश की अलग-अलग भाषाओं
में बनी 33 फिल्मों ने ऑस्कर के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच चयन समिति ने ‘गोंधल’ को आगे भेजने का फैसला किया

....................................................................................................................................

दूसरी डिलीवरी से पहले सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे दीपिका-रणवीर
लालबागचा राजा के दर्शन करने के अगले दिन, बॉलीवुड स्टार
कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे
जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने जा रहे इस कपल के साथ
रणवीर के माता-पिता भी मौजूद थे। इससे पहले 8 सितंबर को
उन्होंने अपनी बेटी 'दुआ' का दूसरा जन्मदिन मनाया था

....................................................................................................................................
1000 लड़कियों की पढ़ाई के लिए रणवीर सिंह ने बढ़ाया हाथ
लालबागचा राजा के दर्शक करने पहुंचे रणवीर सिंह ने 1,000 
लड़कियों की शिक्षा में मदद करने का वादा किया
इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आलिया भट्ट 
और रणबीर कपूर ने 20 स्कूलों को बेहतर बनाने का संकल्प लिया था
रणवीर ने आगे कहा, 'गणेश चतुर्थी और हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री
श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर मैं सेवा संकल्प अभियान 
से जुड़कर 1,000 बेटियों की शिक्षा में सहयोग करने का संकल्प लेता हूं। 
मुझे उम्मीद है कि  बप्पा प्रसन्न होंगे और उनका आशीर्वाद हमेशा हम पर बना रहेगा।'

....................................................................................................................................
गणेशोत्सव के बीच आमिर खान और ने जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से की मुलाकात
आमिर खान हाल ही में परम पूज्य जगद्गुरु स्वामी सतीश आचार्य महाराज जी से मिले
मुलाकात के दौरान सुपरस्टार बहुत खुश दिखाई दिए और 
उन्होंने आध्यात्मिक गुरु के प्रति अपना आभार व्यक्त किया
जगद्गुरु महाराज ने मुंबई के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की
जगद्गुरु ने इन खास पलों की झलक भी अपने सोशल मीडिया पर शेयर की है

....................................................................................................................................

Continue reading on the app

  Sports

एशियन गेम्स में पांचवें दिन भारत ने जीते 5 पदक, कुल पदकों की संख्या पहुंची 12, देखिए आज का पूरा रिपोर्ट कार्ड

एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारत ने पांच पदक जीते। कुल पदकों की संख्या 12 हो गई। मीराबाई चानू ने देश को रजत पदक दिलाया। चार कांस्य पदक आए। गोल्ड मेडल एक भी नहीं मिला। देखिए आज का पूरा रिपोर्ट कार्ड। Wed, 23 Sep 2026 22:22:30 +0530

  Videos
See all

रील नहीं बनाया होता तो वो पकड़ता क्या?- Samrat Chaudhary | #Shorts #Viral #Aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-23T18:31:55+00:00

Uttarakhand News Today: 12 बजते ही उत्तराखंड से आई बड़ी खबर! | CM Dhami | BJP | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-23T18:30:16+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers