आईएसआई की नई साजिश, पंजाब को मोहरा बनाकर खालिस्तान आंदोलन भड़काने की योजना
नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। खुफिया एजेंसियों से मिले ताजा इनपुट के मुताबिक पाकिस्तान स्थित अराजक तत्व पंजाब में ड्रग्स, हथियार और गोला-बारूद की बाढ़ लाने की साजिश रच रहे हैं। हाल ही में लाहौर में हुई एक बैठक में तय किया गया कि इस पूरे ऑपरेशन की अगुवाई प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) करेगा। इस योजना के तहत पंजाब में ड्रग्स, हथियार और गोला-बारूद की बड़े पैमाने पर सप्लाई की जाएगी।
खुफिया अधिकारियों के अनुसार, इससे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को पंजाब में खालिस्तान आंदोलन को फिर से सक्रिय करने में मदद मिलेगी, जबकि शेष खेप को जम्मू-कश्मीर तक पहुंचाया जाएगा।
इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि कनाडा और अन्य देशों में सक्रिय खालिस्तानी तत्वों की ओर से आईएसआई पर दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि पंजाब में उनके मंसूबे सफल नहीं हो पा रहे हैं। केंद्रीय एजेंसियों और पंजाब पुलिस ने अब तक इन तत्वों को राज्य में पैर जमाने से प्रभावी ढंग से रोका है।
एक अधिकारी ने बताया कि पंजाब का युवा वर्ग अलग खालिस्तान राष्ट्र के विचार को साफ तौर पर नकार रहा है। युवाओं के कट्टरपंथीकरण की कई कोशिशें नाकाम रही हैं, जिसका बड़ा कारण राज्य के बुजुर्गों की भूमिका है, जिन्होंने इस आंदोलन के दुष्परिणामों के बारे में खुलकर बात की है।
बीकेआई का मानना है कि जब विचारधारा काम नहीं कर रही है, तो पैसे के जरिए पंजाब के युवाओं की भर्ती की जानी चाहिए। इसी कड़ी में लाहौर के गुलबर्ग इलाके में हुई बैठक में पंजाब में एक नई और आक्रामक रणनीति अपनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों के अनुसार, पंजाब में ड्रग्स की समस्या पहले से ही गंभीर है। बैठक में यह तय किया गया कि युवाओं को ड्रग्स और पैसों के लालच के जरिए खालिस्तान आंदोलन की ओर आकर्षित किया जाएगा, क्योंकि विचारधारा के आधार पर समर्थन नहीं मिल पा रहा है।
खुफिया एजेंसियों को यह भी पता चला है कि बीकेआई ने आईएसआई द्वारा उपलब्ध कराए गए गोदामों में भारी मात्रा में ड्रग्स, हथियार और गोला-बारूद जमा कर रखा है। बीकेआई के ये ठिकाने लाहौर, इस्लामाबाद और फैजाबाद में स्थापित हैं।
पिछले कुछ महीनों में इन गोदामों में बड़ी खेप पहुंची है और इन्हें भारत भेजने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं।
हाल के दिनों में यह भी देखा गया है कि पंजाब में खालिस्तानी तत्वों को जमीनी स्तर पर समर्थन नहीं मिल रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी गतिविधियां अपेक्षाकृत सफल रही हैं। ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) जैसे आतंकी संगठन कथित जनमत संग्रह आयोजित करने के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिए भारत के खिलाफ नफरत फैलाने में सक्रिय हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय इन तत्वों ने अब आईएसआई से सवाल करना शुरू कर दिया है कि भारत में उनके अभियानों को क्यों नहीं बढ़ाया जा पा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इन तत्वों को भारत में गतिविधियां तेज करने के लिए पाकिस्तान के समर्थन की जरूरत है।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भक्ति या चमत्कार! कुत्ते ने लगाई बजरंग बली और मां दुर्गा की परिक्रमा, वीडियो देख लोग बोले- 'अटूट है ईश्वरीय आस्था'
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. वीडियो में एक कुत्ता मंदिर परिसर में स्थापित भगवान बजरंग बली की मूर्ति के चारों ओर लगातार चक्कर लगाता हुआ दिखाई दे रहा है. यह दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो कुत्ता विधिवत भगवान की परिक्रमा कर रहा हो.
लगातार परिक्रमा करता है कुत्ता
करीब एक मिनट लंबे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कुत्ता बिना रुके मूर्ति के चारों ओर घूमता रहता है. इस दौरान एक अन्य कुत्ता भी वहां आता है, लेकिन पहले से परिक्रमा कर रहा कुत्ता अपनी गतिविधि जारी रखता है. कुछ क्षणों के लिए ऐसा लगता है कि वह वहां से चला जाएगा, लेकिन कुत्ता रुकता नहीं है और लगातार चक्कर लगाता रहता है.
मां दुर्गा की मूर्ती का करता है परिक्रमा
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कुत्ता केवल बजरंग बली की मूर्ति तक ही सीमित नहीं रहा. बताया जा रहा है कि उसने इसके बाद मंदिर परिसर में स्थित दुर्गा मां की प्रतिमा की भी परिक्रमा की. परिक्रमा पूरी करने के बाद कुत्ता मंदिर के एक कोने में जाकर शांत भाव से बैठ गया. इस पूरी घटना को देखकर मंदिर में मौजूद लोग हैरान रह गए.
आस्था से जुड़ने लगे लोग
कुत्ते की इस हरकत को देखने के बाद कई लोगों ने इसे आस्था और चमत्कार से जोड़कर देखना शुरू कर दिया. सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुत्ता आराम से बैठा हुआ है और लोग उसके सामने जाकर सिर झुकाकर प्रणाम कर रहे हैं. कुछ श्रद्धालु इसे ईश्वरीय संकेत मान रहे हैं.
मंदिर में बढ़ी भीड़ और रौनक
यह पूरा मामला नगीना तहसील के नंदपुर गांव स्थित एक प्राचीन मंदिर परिसर का बताया जा रहा है. कुत्ते के दर्शन के लिए अब दूर-दूर से लोग मंदिर पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के कारण मंदिर परिसर और उसके बाहर रौनक बढ़ गई है. मंदिर के बाहर प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें भी सज गई हैं.
अलग-अलग नजरिया
हालांकि, इस घटना को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ लोग इसे केवल कुत्ते की मानसिक या प्राकृतिक आदत मान रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं. फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.
Now, devotees have started treating the dog as some spiritual incarnation with a priest sitting next to him inside the temple. The stray is now resting on a comfy mattress with devotees making a beeline to touch his feet. https://t.co/b6bSSFFtvP pic.twitter.com/xmZgSSvKkS
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) January 16, 2026
ये भी पढ़ें- सांडों को कंट्रोल करने वाला खेल जल्लीकट्टू एकबार फिर चर्चा में, जानें क्या है इस रोचक प्रतियोगिता की कहानी
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation















.jpg)


