CSK के 17 सीजन, 5 खिताब और अब जहीर खान बने तीसरा कोच, देखें चेन्नई के कोचों का पूरा इतिहास और प्रदर्शन
IPL 2027: आईपीएल 2027 से पहले 5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने एक ऐसा फैसला लेकर क्रिकेट जगत और फैंस को चौंका दिया है, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. चेन्नई सुपर किंग्स ने भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान को अपना नया हेड कोच नियुक्त किया है. जहीर खान CSK में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेंगे, जो करीब 17 साल तक चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा रहे. 17 सीजन, 12 प्लेऑफ और 5 आईपीएल ट्रॉफियों की गवाह रही इस येलो आर्मी के इतिहास में जहीर खान सिर्फ तीसरे हेड कोच बने हैं. इससे पहले CSK के सिर्फ 2 ही हेड कोच रहे हैं। आइए जानते हैं सीएसके के इन दोनों कोचों का कार्यकाल कैसा रहा और उनके मार्गदर्शन में टीम ने कैसा प्रदर्शन किया.
केपलर वेसल्स - साल 2008
आईपीएल के पहले ही सीजन यानी 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स के सबसे पहले हेड कोच बने थे दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी केपलर वेसल्स. उनकी कोचिंग और एमएस धोनी की कप्तानी में सीएसके ने टूर्नामेंट में धमाकेदार शुरुआत की थी. इस सीजन में टीम ने सेमीफाइनल मैच में किंग्स इलेवन पंजाब को पटखनी देकर फाइनल में जगह बनाई थी. हालांकि, खिताबी मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आखिरी गेंद पर सीएसके को एक बेहद रोमांचक हार झेलनी पड़ी और टीम उपविजेता रही. वेसल्स का CSK के साथ सफर सिर्फ इसी एक सीजन तक रहा.
स्टीफन फ्लेमिंग - साल 2009 से 2026 तक
साल 2008 में सीएसके के लिए बतौर खिलाड़ी खेलने वाले न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग को 2009 में टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया था. इसके बाद फ्लेमिंग और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जोड़ी ने मिलकर जो करिश्मा किया, वह आईपीएल इतिहास का सबसे सुनहरा अध्याय बन गया. इन दोनों दिग्गजों की जुगलबंदी और शानदार तालमेल ने चेन्नई सुपर किंग्स को एक ऐसी चैंपियन टीम बना दिया जिसकी मिसाल आज पूरी दुनिया देती है.
स्टीफन फ्लेमिंग के 17 साल लंबे कोचिंग करियर के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स ने एक नया इतिहास रच दिया. उनके मार्गदर्शन में टीम ने रिकॉर्ड 12 बार प्लेऑफ में जगह बनाई और रिकॉर्ड 10 बार फाइनल का सफर तय किया. फ्लेमिंग के कोच रहते हुए ही सीएसके ने 5 बार आईपीएल की ट्रॉफी (2010, 2011, 2018, 2021, 2023) अपने नाम की. इसके अलावा, टीम ने दो बार दुनिया की बेहतरीन टीमों के बीच होने वाली चैंपियंस लीग टी20 (CLT20) का खिताब भी जीता.
CSK का लगातार तीन सीजन (2024, 2025 और 2026) के प्लेऑफ में न पहुंच पाने और साल 2026 में प्वाइंट्स टेबल में 8वें स्थान पर रहने के बाद, जुलाई 2026 में सीएसके फ्रेंचाइजी और स्टीफन फ्लेमिंग ने आपसी सहमति से एक-दूसरे से अलग होने का फैसला किया.
1 franchise
— Cricbuzz (@cricbuzz) September 21, 2026
17 seasons
2 head coaches
12 Playoffs
5 IPL titles
A new era begins. pic.twitter.com/wjUm2IODUW
जहीर खान बने CSK ने नए हेड कोच
चेन्नई सुपर किंग्स ने अब भारत के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान को आईपीएल 2027 सीजन के लिए अपना नया हेड कोच नियुक्त किया है. फ्रेंचाइजी ने 21 सितंबर 2026 को इस बात का आधिकारिक ऐलान किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CSK ने जहीर खान को एक साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया है, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है.
Won the Cricket World Cup together, time to win the IPL together as well ????????
— Johns. (@CricCrazyJohns) September 21, 2026
MS DHONI × ZAHEER KHAN...!!!! pic.twitter.com/hFSP4oFtj8
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बादल परिवार ने अकाली दल को एक पारिवारिक पार्टी बना दिया, निजि एजेंडे के लिए सिख संस्थाओं का प्रयोग किया: बलतेज पन्नू
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने सोमवार को बादल परिवार पर तीखा हमला करते हुए ऐतिहासिक अकाली दल पर कुर्बानियों पर बने पंथक आंदोलन को एक पारिवारिक राजनीतिक पार्टी में बदलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पार्टी लीडरशिप ने योजनाबद्ध तरीके से सिख संस्थाओं पर कब्जा जमाया है. उन्हें निजी और राजनीतिक फायदे के लिए उपयोग करने का प्रयास किया है.
बहुत बड़े योगदान की जरूरत
मीडिया को संबोधित करते हुए, आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि अकाली मोर्चों का इतिहास कुर्बानियों का इतिहास रहा है, जिसमें आम अकाली सिर्फ कंधे पर परना रखकर जेल जाते थे और अपनी कुर्बानियों से 'जत्थेदार' का खिताब हासिल करते थे. पन्नू ने कहा,"वह शब्द कमाया हुआ था, यह ऐसी चीज नहीं थी, जिसे जिसे कोई अपने नाम के साथ जोड़े." उन्होंने आगे कहा कि यह परंपरा अब खत्म हो चुकी है. एक खास परिवार ने इस मोर्चे पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह बादल भी अपने पूरे राजनीतिक करियर में अपने नाम के साथ 'जत्थेदार' नहीं जोड़ पाए क्योंकि उस दर्जे के लिए बहुत बड़े योगदान की जरूरत होती थी.
कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए
शिरोमणि अकाली दल के लीडर और पूर्व एसजीपीसी मेंबर अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ हाल ही में दर्ज एफआईआर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आनंदपुर साहिब सराय में एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों ने सिख संस्थाओं के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने सवाल किया, “एफआईआऱ में एक महिला का आरोप है कि उसे आनंदपुर साहिब सराय में बंधक बनाकर रखा गया था.
बलतेज पन्नू ने खास तौर पर एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की भूमिका पर सवाल उठाए और धामी से यह बताने की मांग की कि जब महिला शिकायत लेकर उनके पास आई तो क्या कार्रवाई की गई. उन्होंने पूछा, “आप कहते हैं कि पुलिस की कोई ज़रूरत नहीं है और आप सब कुछ खुद संभाल लेंगे, तो आप हफ्तों और महीनों तक चुप क्यों रहे?”
इन सवालों के जवाब देने होंगे
बलतेज पन्नू ने अमरजीत सिंह चावला से जुड़े राजनीतिक और संगठनात्मक संबंधों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि यूथ अकाली दल के प्रधान सरबजीत सिंह झिंजर ने बहरीन की एक महिला के लिए टिकट का इंतज़ाम क्यों किया, विरसा सिंह वल्टोहा इसमें क्यों शामिल थे और असल में प्रेस कॉन्फ्रेंस किस मकसद से बुलाई गई थी. उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल और हरजिंदर सिंह धामी को इन सवालों के जवाब देने होंगे.
बलतेज पन्नू ने आगे सवाल उठाया कि गंभीर आरोपों के बावजूद अमरजीत सिंह चावला अपने नाम के बाद 'भाई' शब्द का इस्तेमाल क्यों करते रहे, जबकि सिख परंपरा में ऐसे टाइटल व्यवहार और योगदान से मिलते हैं.
उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब की कार्रवाई का भी ज़िक्र किया, जिसने विवाद के बाद 20 सितंबर को अमरजीत सिंह चावला और एसजीपीसी कर्मचारी मलकीत सिंह को खालसा पंथ से निकाल दिया था. उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "यह घटना कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि बादल परिवार के सिख संस्थाओं पर कब्ज़ा करने और उनका इस्तेमाल करने के एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है."
आंसू गैस और गोलियां चलाई गईं
2015 के बेअदबी विवाद का ज़िक्र करते हुए, बलतेज पन्नू ने कहा, "बुर्ज जवाहर सिंह वाला से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सरूप चोरी किया गया था और महीनों तक प्रशासन को चुनौती देने वाले पोस्टर लगाए गए थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. जब बेअदबी की घटनाओं के बाद सिख समुदाय विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरा, तो प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें, आंसू गैस और गोलियां चलाई गईं."
कोटकपूरा और बहबल कलां गोलीकांड की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि जिस तरह से बादल सरकार ने स्थिति को संभाला, उससे सिख समुदाय की आस्था को ठेस पहुंची है. उन्होंने कहा, “सिखों पर बेअदबी का इल्ज़ाम लगाने की कोशिश में दो सिख नौजवानों को बिना सोचे-समझे टॉर्चर किया गया. पंजाब के लोग 2015 और 2017 के बीच जो हुआ, उसे नहीं भूले हैं.”
बलतेज पन्नू ने कहा कि बादल के एजेंडे का दूसरा हिस्सा सिख संस्थाओं पर कब्ज़ा करना और फिर उनका इस्तेमाल राजनीतिक और निजी फ़ायदों के लिए करना है. पंजाब विधानसभा में एसजीपीसी के रिसोर्स का इस्तेमाल किसी और के खर्चे पर लंगर के लिए करने के बारे में दिए गए बयानों का ज़िक्र करते हुए पन्नू ने कहा, “धार्मिक संस्थाएं भी बादल परिवार के फ़ायदों को पूरा करने के लिए बनाई गई थीं. गंभीर विवादों का सामना कर रहे लोगों को बादल लीडरशिप द्वारा बार-बार अहमियत क्यों दी गई?”
पंजाब को पटरी पर लाने के लिए काम कर रही
बलतेज पन्नू ने कहा, "भगवंत मान सरकार पंजाब को पटरी पर लाने के लिए काम कर रही है, लेकिन बादल गुट द्वारा सिख संस्थाओं को किया जा रहा नुकसान एक और गंभीर चुनौती बन गया है." आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने सिख बुद्धिजीवियों और दुनिया भर के पूरे सिख समुदाय से अपनी आवाज उठाने की अपील की. "अगर सिख बुद्धिजीवी और पंजाबी चुप रहे, तो बादल परिवार और उनकी 'जुंडली' सिख संस्थाओं और पंजाब का और नुकसान करेगी. बलतेज पन्नू ने पंजाबियों और सिख समुदाय से अपील की कि और नुकसान होने से पहले वे अपनी आवाज उठाएं. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सुखबीर बादल और जिन लोगों को उन्होंने सिख संस्थाओं में रखा है, उन्हें पंजाब की राजनीति और इन संस्थाओं से बाहर किया जाए."
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