Rajasthan News: भरतपुर में अमर शहीद डालचंद गुर्जर की प्रतिमा का हुआ भव्य अनावरण, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म रहे मुख्य अतिथि
Rajasthan News: राजस्थान में भरतपुर जिले के ग्राम रायपुर में अमर शहीद डालचंद गुर्जर की प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. शुक्रवार को हुए इस कार्यक्रम में राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए थे. आयोजन में बड़ी संख्या में गांव वालों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहीद के परिजन मौजूद रहे. उन्होंने शहीद के बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी.
लगे अमर शहीद के नारे
इस गौरवपूर्ण समारोह की शुरुआत शहीद डालचंद गुर्जर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई. प्रतिमा अनावरण के साथ ही पूरे परिसर में 'अमर शहीद डालचंद गुर्जर अमर रहें' के नारों की गूंज सुनाई दी. उपस्थित लोगों ने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूत को नमन किया और उनके त्याग से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया.
गृह राज्य मंत्री बने मुख्य अतिथि
मुख्य अतिथि गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने अपने संबोधन में कहा कि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है. उन्होंने कहा कि अमर शहीद डालचंद गुर्जर जैसे वीर जवानों की बदौलत ही आज भारत सुरक्षित है. राज्य सरकार शहीदों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने युवाओं से शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा और समाजसेवा के मार्ग पर चलने को कहा.
शहीद डालचंद गुर्जर के जीवन पर डाला प्रकाश
मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शहीद डालचंद गुर्जर के जीवन, उनके साहस और देशभक्ति पर प्रकाश डाला. ग्रामवासियों ने कहा कि गांव में शहीद की प्रतिमा स्थापित होने से आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति जगेगी और बलिदान की प्रेरणा मिलेगी. यह प्रतिमा न केवल रायपुर गांव बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का प्रतीक बनेगी.
भरतपुर जिले के ग्राम रायपुर में अमर शहीद श्री डालचंद गुर्जर की प्रतिमा का, अनावरण समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म रहे। प्रतिमा अनावरण के अवसर पर शहीद के बलिदान को स्मरण करते हुए, उपस्थित जनसमूह ने उन्हें… pic.twitter.com/UoFeJZCQe4
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) January 16, 2026
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दिखाई गई
रायपुर ग्राम के इस समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनमें देशभक्ति गीतों और नारों के माध्यम से शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया. अंत में उपस्थित लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर अमर शहीद डालचंद गुर्जर को याद किया.
शहीदों का सम्मान कर रही राजस्थान सरकार
राजस्थान सरकार द्वारा ऐसे आयोजन शहीदों के सम्मान और स्मरण का सशक्त उदाहरण बन रहे हैं, जिसने पूरे देश में देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया है.
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पाकिस्तान: इस्लामाबाद में अफगान शरणार्थियों की धरपकड़ तेज, अस्थायी शिविरों में भेजे गए
काबुल, 16 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान की पुलिस ने इस्लामाबाद में अफगान शरणार्थियों की गिरफ्तारी तेज कर दी है और निर्वासन अभियान के तहत दर्जनों लोगों को, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है, अस्थायी शिविरों में भेज दिया गया है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।
अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने इस्लामाबाद के सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी पुलिस अफगान शरणार्थियों और शरण मांगने वालों को गिरफ्तार कर जबरन देश से बाहर भेज रही है, जिससे पहले से विस्थापित समुदायों पर दबाव और बढ़ गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को पुलिस ने इस्लामाबाद के बी-17 इलाके से कई अफगान शरणार्थियों को हिरासत में लिया और उन्हें हाजी कैंप नामक अस्थायी शिविर में स्थानांतरित कर दिया। सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में एक पत्रकार भी शामिल है, जिससे पाकिस्तान में प्रेस स्वतंत्रता और मीडिया कर्मियों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
इससे पहले भी अफगान शरणार्थियों ने पाकिस्तानी पुलिस पर उत्पीड़न, जबरन वसूली और मनमाने छापों के आरोप लगाए हैं। खासकर फैसल टाउन जैसे इलाकों में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर चौबीसों घंटे अभियान चलाए गए, जिनमें कई बार वे सिविल कपड़ों में नजर आए।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से शरणार्थियों में डर का माहौल बन गया है। इनमें से कई लोग वर्षों से पाकिस्तान में रह रहे हैं और उनके पास कोई कानूनी सुरक्षा नहीं है।
मानवाधिकार संगठनों ने बार-बार पाकिस्तान से कानूनी प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दायित्वों का पालन करने की अपील की है। उनका कहना है कि जबरन निर्वासन अफगान शरणार्थियों को गंभीर खतरों के सामने ला सकता है।
पिछले सप्ताह प्रमुख मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तानी सरकार से अपने देश में रह रहे अफगान शरणार्थियों को उत्पीड़न और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अवैध यातनाओं से बचाने की अपील की थी।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को लिखे एक खुले पत्र में संगठन ने वहां रह रहे अफगान शरणार्थियों की अवैध हिरासत, उत्पीड़न और निर्वासन पर गहरी चिंता जताई और कहा कि वे बेहद संवेदनशील स्थिति में हैं तथा राज्य संरक्षण के हकदार हैं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मांग की कि पाकिस्तानी अधिकारी अफगान शरणार्थियों के निर्वासन को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाएं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
पत्र में कहा गया, “पाकिस्तानी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफगान शरणार्थियों के अधिकारों की रक्षा हो, विशेषकर उन्हें मनमानी हिरासत और शरणार्थी शिविरों या आवासों से जबरन निकाले जाने से बचाया जाए।”
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के आंकड़ों का हवाला देते हुए एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बताया कि लगभग 1.10 लाख शरणार्थी और शरण चाहने वाले सीधे तौर पर निर्वासन के खतरे का सामना कर रहे हैं और उन्हें संरक्षण की आवश्यकता है। संगठन ने विशेष रूप से महिलाओं, पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की संवेदनशील स्थिति की ओर ध्यान दिलाया, जिन्हें जबरन अफगानिस्तान लौटाए जाने पर गंभीर जोखिम हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान पिछले 40 वर्षों से अफगान शरणार्थियों की मेजबानी करता आ रहा है और उसने संघर्ष व राजनीतिक अस्थिरता से भागे लाखों अफगानों को शरण दी है। हालांकि, सितंबर 2023 में “अवैध विदेशी प्रत्यावर्तन योजना” शुरू होने के बाद पाकिस्तान ने बिना दस्तावेजों और अप्रमाणित अफगानों को, यहां तक कि कुछ वैध शरणार्थी दर्जा रखने वालों को भी, देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
--आईएएनएस
डीएससी
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