BMC Election Results: चुनाव नतीजों में कैसा रहा महिला उम्मीदवारों का प्रदर्शन, नई जेनरेशन का हुआ उदय?
BMC Election Results: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों में एक अहम और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है. इस बार बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर न सिर्फ अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई, बल्कि मुंबई की शहरी राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया है. बता दें कि इस बार कुल 227 वार्डों में से 114 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित थे. आइए जानते हैं कैसा रहा महिला उम्मीदवारों का प्रदर्शन.
चुनाव में महिलाओं की भागीदारी के आंकड़े
- आरक्षित सीटें: बीएमसी के कुल 227 वार्डों में से 50% (114 सीटें) महिलाओं के लिए आरक्षित थीं
- कुल उम्मीदवार: इस बार मैदान में पुरुषों (821) से ज्यादा महिला उम्मीदवार (879) थीं.
- पार्टी-वार टिकट: शिवसेना (UBT): सबसे ज्यादा 99 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा
- भाजपा: 76 महिलाओं पर दांव लगाया
- शिवसेना (शिंदे): 62 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया
- कांग्रेस: 66 महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारा
इन महिला उम्मीदवारों की अहम जीत
बीएमसी चुनाव में कुछ महिला कैंडिडेट की जीत काफी अहम है. इनमें आशा दीपक काले (वार्ड 183). आशा धारावी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र से थीं. इन्होंने शिवसेना की वैशाली शेवाले को हराकर कांग्रेस के लिए एक बड़ी जीत दर्ज की है.
वहीं शिल्पा केलुस्कर (वार्ड 173) भाजपा से टिकट न मिलने पर इन्होंने निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, जो काफी चर्चा में है.
इसके अलावा वार्ड 1 से रेखा राम यादव, जिन्होंने शिवसेना (शिंदे) दहिसर/आर-नॉर्थ से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. वहीं वार्ड 51से वर्षा टेम्बवलकर भी शिवसेना (शिंदे) की टिकट पर पी-साउथ से लड़ीं और जीत हासिल की. इसके अलावा वार्ड 163 से शैला लांडे भी शिवसेना (शिंदे) के टिकट पर कुर्ला (चांदीवली) से जीती हैं. इसी तरह वार्ड 156 से अश्विनी मातेकर ने शिवसेना (शिंदे) गुट से टिकट लेकर चुनाव लड़ा और जीतीं. वह कुर्ला/एल से चुनावी मैदान में थीं.
उधर वार्ड 200 से उर्मिला पांचाल शिवसेना (UBT) जी-साउथ (वरली) ने भी जीत का परचम लहराया, वार्ड 173 से शिल्पा केलुस्कर भाजपा (बागी/स्वतंत्र) से चुनाव लड़ीं और सायन/कोलीवाड़ा क्षेत्र में जीत दर्ज की. वार्ड 134 से मेहजबीन अतीक खान ने सपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और मानखुर्द इलाके में जीत हासिल की. वार्ड 124 से भी मुस्लिम उम्मीदवार सकीना अयूब शेख ने शिवसेना (UBT) के टिकट पर चुनाव लड़ा और एम-ईस्ट से जीत दर्ज की.
महिला प्रतिनिधित्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
बीएमसी चुनाव 2026 में महिला आरक्षण का असर साफ तौर पर नतीजों में दिखाई दिया. कई वार्डों में महिला उम्मीदवारों ने बड़े अंतर से जीत हासिल की. इन चुनावों में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट), शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और अन्य दलों की महिला प्रत्याशियों ने मजबूत प्रदर्शन किया है. इससे नगर निगम में महिलाओं की संख्या पहले के मुकाबले और बढ़ने की उम्मीद है.
यह भी पढ़ें - BMC Election Results: सिंगल डिजिट में सिमटी राज ठाकरे की मनसे, जानें कैसा रहा प्रदर्शन
वंदे भारत स्लीपर : रेल यात्रियों को सफर में नया एहसास, वर्ल्ड क्लास तकनीक और सुविधाओं के आप भी हो जाएंगे फैन
नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे पिछले 11 साल से यात्रियों की सुविधा को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। भारतीय रेलवे ने इस दौरान अपनी यात्रा में कई नए अध्याय जोड़े हैं।
पिछले कुछ सालों में रेलवे ने रेलगाड़ियों की गति, उसके इंफ्रास्ट्रक्चर और साथ ही रेल डिब्बों और इंजन के विकास के साथ कैसे रेलवे की यात्रा यात्रियों के लिए सुखद, सुविधाजनक और समय बचाने वाली हो, इसको लेकर प्रयास किए हैं। रेलवे ने इस विकास यात्रा में कई हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड ट्रेनों को पटरी पर उतारा है, जिनमें हमसफर, वंदे भारत और साथ ही अमृत भारत जैसी ट्रेनें हैं, जो समय के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से या तो शुरू की जा चुकी हैं या इनकी शुरुआत की जा रही है।
अब रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई रूटों पर नई स्लीपर वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के परिचालन का फैसला लिया है। अभी तक वंदे भारत ट्रेनें केवल बैठकर यात्रा करने के लिए डिजाइन की गई थीं। लेकिन, अब लंबी दूरी के यात्रियों को ध्यान में रखते हुए और उनकी यात्रा को सुखद और सुविधाजनक बनाने के लिए स्लीपर वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के परिचालन का फैसला रेलवे ने लिया है। इस स्लीपर वंदे भारत ट्रेन के परिचालन और इसकी स्पीड की वजह से लंबी दूरी की यात्राओं में यात्रियों का 3 घंटे से ज्यादा का समय बचेगा और साथ ही यात्रियों की यात्रा पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक और लग्जरी होगी।
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पीएम नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को हरी झंडी दिखाएंगे और 18 जनवरी को हावड़ा से कामख्या के लिए इस ट्रेन की नियमित सेवा शुरू हो जाएगी। इसमें स्लीपर के साथ एसी1, एसी2 और एसी3 कोच भी शामिल होंगे।
इस ट्रेन के इंटीरियर को जहां भारतीय संस्कृति से प्रेरित होकर डिजाइन किया गया है, वहीं यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसमें कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट और बेहतर सैनिटेशन के लिए कीटाणुनाशक तकनीक (डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी) का इस्तेमाल किया गया है। यानी यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए इस ट्रेन में ड्राइवर के केबिन में भी एडवांस कंट्रोल और सुरक्षा सिस्टम लगे होंगे। ट्रेन का बाहरी लुक भी एरोडायनामिक होगा, यानी यह हवा को चीरता हुआ आगे बढ़ेगा। इसके बाहरी दरवाजे भी ऑटोमेटिक तरीके से खुलेंगे और बंद होंगे।
बेहतर सैनिटेशन के लिए कीटाणुनाशक तकनीक (डिसइंफेक्टेंट टेक्नोलॉजी) के इस्तेमाल की वजह से वंदे भारत स्लीपर में साथ बैठे यात्री को सर्दी-जुकाम है तो साथी यात्री को कोई टेंशन लेने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि अब नई तकनीक से वायरस की छुट्टी होगी। रेल मंत्रालय से अब जो जानकारी निकलकर सामने आई है, उसकी मानें तो इसके कोच में यूवीसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे हवा में वायरस डिसइंफेक्टेंट हो जाएंगे। यानी यह उपकरण हवा को खींचेगा और फिर उसे फ्रेश करके दोबारा कोच में छोड़ देगा।
वैसे इस लग्जरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की गति की बात करें तो इसकी अधिकतम गति सीमा 180 किमी/घंटा होगी, जबकि नियमित सेवा में यह 130 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी।
इस स्लीपर ट्रेन में यात्रियों को कई प्रीमियम सुविधाएं मिलेंगी। यात्रियों को इसमें हाई क्वालिटी वाले कंबल कवर और एडवांस्ड बेडरोल यात्रा के दौरान दिए जाएंगे। इसके साथ ही इस ट्रेन में यात्रियों को कैटरिंग की सर्विस भी दी जाएगी। इसके साथ ही यह भी जानकारी है कि इस ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों को आईआरसीटीसी की तरफ से 1 लीटर रेल नीर बोतल के साथ एक अखबार भी मिलेगा, जिसके लिए अलग से कोई चार्ज नहीं किया जाएगा।
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें यात्री अपनी आरामदायक यात्रा का इसलिए भी आनंद ले सकेंगे क्योंकि इसमें कोई आरएससी (आरएसी) या वेटिंग लिस्ट का झंझट नहीं होगा, इसके साथ ही पार्ट कन्फर्म टिकट की भी इसमें व्यवस्था नहीं होगी। यानी इसमें केवल पूर्णतः कंफर्म टिकट ही प्राप्त होगा और इसी के साथ यात्री इस ट्रेन में सफर कर सकेंगे। मतलब अब टिकट कंफर्म है तो चार्ट बनने के इंतजार वाले सिस्टम से यात्रियों को मुक्ति मिलेगी।
इस ट्रेन में यात्रियों की आरामदायक यात्रा के लिए बेहतर कुशनिंग के साथ आरामदायक बर्थ और शोर कम करने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यानी इसमें एर्गोनोमिक बर्थ की सुविधा मिलेगी। साथ ही इस यात्रा में यात्रियों के लिए सभी ऑनबोर्ड स्टाफ निर्धारित यूनिफॉर्म में ट्रेन पर तैनात रहेंगे।
इस ट्रेन के बारे में जो विशेष जानकारी मिल पाई है, उसके अनुसार इसकी यात्रा सेवा के दौरान नो वीआईपी कोटा ऑप्शन बना रहेगा। यानी इस ट्रेन में वीआईपी या इमरजेंसी कोटा की अनुमति नहीं होगी। यहां तक कि वरिष्ठ रेल अधिकारी भी पास का इस्तेमाल करके इसमें यात्रा नहीं कर पाएंगे। यानी इसमें केवल चार कोटा होंगे, महिला कोटा, दिव्यांग कोटा, वरिष्ठ नागरिक कोटा, और ड्यूटी पास कोटा। इसके अलावा इसमें कोई कोटा मान्य नहीं होगा।
इस ट्रेन में यात्रियों का सफर अब सिर्फ तेज और आरामदायक नहीं, बल्कि स्वाद से भरपूर भी होने वाला है। भारतीय रेलवे की तरफ से अब वंदे भारत ट्रेनों में वही खाना परोसा जाएगा, जो उस इलाके की पहचान है, जहां से ट्रेन की शुरुआत होगी।
बात करें तो वंदे भारत स्लीपर का किराया राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा होगा। जानकारी के मुताबिक इसका न्यूनतम किराया 400 किमी की दूरी के आधार पर तय किया गया है।
इस ट्रेन में पहली बार लोको पायलट को भी खास सुविधा मिलने जा रही है। किसी सेमी हाई स्पीड ट्रेन यानी वंदे भारत के पावर कार (इंजन) में टॉयलेट बनाया गया है। भारतीय रेलवे लोको पायलट की सुविधा के लिए मेल-एक्सप्रेस के इंजनों में टॉयलेट बनवाने की शुरुआत पहले ही कर चुकी है। चूंकि वंदे भारत सेमी हाई स्पीड ट्रेन है, इसमें अलग से इंजन नहीं है, एक पावर कार होती है। ऐसे में इसी पावर कार में लोको पायलट को टॉयलेट की सुविधा प्रदान की जाएगी।
वैसे तो पहले से पटरी पर दौड़ रही वंदे भारत चेयरकार में 8, 16 और 20 कोच तक होते थे। लेकिन, स्लीपर वंदे भारत में 16 कोच होंगे। इसमें थर्ड एसी के 11, सेकंड एसी के 4 और फर्स्ट एसी का एक कोच शामिल होगा।
हालांकि, ये सभी जानकारी तब तक कंफर्म नहीं हो सकती जब तक इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परिचालन पटरी पर शुरू नहीं हो जाता। लेकिन, इस ट्रेन के ट्रायल रन और साथ ही रेलवे की तरफ से जो अलग-अलग जानकारी अभी तक उपलब्ध हो पाई है, वह इन सभी सुविधाओं की पुष्टि करती है।
--आईएएनएस
जीकेटी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation



















