BSE Sensex 564 अंक उछलकर 74,858 पर बंद, Nifty में भी बढ़त
कच्चे तेल के दाम में नरमी के बीच घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को तेजी रही और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 564 अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी लगातार चौथे दिन लाभ में रहा और 68 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल में नरमी के अलावा विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख से घरेलू बाजार में तेजी आई। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 564.03 अंक यानी 0.76 प्रतिशत चढ़कर 74,858.99 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान एक समय यह 692.44 अंक चढ़कर 74,987.40 अंक तक पहुंच गया था। इसी तरह, 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी लगातार चौथे दिन बढ़त में रहा और यह 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत चढ़कर 23,414.30 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर सबसे ज्यादा 4.11 प्रतिशत चढ़ा।
इसके अलावा, एचसीएल टेक, इटर्नल, टाइटन, आईटीसी और टेक महिंद्रा भी प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, इन्फोसिस और अदाणी पोर्ट्स शामिल हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजार के मानक सूचकांक सोमवार ऊंचे स्तर पर बंद हुए और हाल की सुधार की रफ्तार जारी रही।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और व्यापक स्तर पर हुई लिवाली से बाजार धारणा मजबूत हुई। ऊर्जा कीमतों में नरमी से भारत के आयात बिल, मुद्रास्फीति के परिदृश्य और कंपनियों के मार्जिन यानी लाभ पर दबाव को लेकर कुछ राहत मिली है। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता बने रहने से व्यापक रूप से बाजार का रुख सतर्क बना हुआ है।
मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.35 प्रतिशत चढ़ा, जबकि छोटी कंपनियों से संबंधित स्मॉलकैप सेलेक्ट 0.05 प्रतिशत नीचे आया। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘आगामी अमेरिका-चीन वार्ता से पहले बाजार धारणा में सुधार, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत की नई उम्मीद तथा कच्चे तेल की कीमतों और बॉण्ड प्रतिफल में गिरावट से निवेशकों को राहत मिली है। मुद्रास्फीति और ऊर्जा लागत को लेकर चिंताएं कम होने से विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सुधार को समर्थन मिला और इससे कुल मिलाकर बाजार धारणा मजबूत हुई है।’’ वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.36 प्रतिशत टूटकर 101.4 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 599.54 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी दोपहर के कारोबार में उल्लेखनीय तेजी रही।
अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स शुक्रवार को 19.63 अंक की गिरावट के साथ 74,294.96 अंक पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी लगातार तीसरे दिन 75.80 अंक चढ़कर 23,346.40 अंक पर रहा था।
Odisha में पाठ्यपुस्तकों में गलतियों का विरोध, कॉजपा ने मांगा मंत्री Nityanand Gond का इस्तीफा
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कथित गलतियों के लिए ओडिशा के स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी नवनिर्माण युवा छात्र संगठन (एनवाईसीएस) के सत्याग्रह को सोमवार को अपना समर्थन दिया। कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि पार्टी स्कूली शिक्षा में सुधारों और पाठ्यपुस्तकों में गलतियों के लिए जवाबदेही तय करने की कार्यकर्ताओं की मांग का समर्थन करती है। दास पार्टी के स्कूल ठीक करो अभियान के तहत शहर में थे।
उन्होंने कहा, “कॉजपा, एनवाईसीएस के कार्यकर्ताओं का समर्थन करती है जो स्कूली शिक्षा में सुधार और पाठ्यपुस्तकों में गलतियों को लेकर गोंड के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।” उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए पाठ्यपुस्तकों की छपाई के लिए 380 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, लेकिन उनमें कई गलतियां सामने आई हैं। हमें लगता है कि पाठ्यपुस्तकों में भारी गलतियों के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए और मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।” दास ने कहा कि वह नवनिर्माण कृषक संगठन (एनकेएस) के संयोजक अक्षय कुमार और एनवाईसीएस नेता मनवर अली के निमंत्रण पर राज्य में आए थे, जो पाठ्यपुस्तक मुद्दे पर दो सप्ताह से अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा, “साथ मिलकर, हम शिक्षा सुधारों और पाठ्यपुस्तक की गलतियों से संबंधित मुद्दे पर एक खाका तैयार करेंगे।” दास ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी जिक्र किया और कहा कि गोंड को भी पाठ्यपुस्तकों में हुई गलतियों की इसी तरह से जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
इस बीच, नवनिर्माण युवा छात्र संगठन ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र में सुधार और अधिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही की मांग करते हुए 22 सितंबर को ओडिशा विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की है। इस बीच, विपक्षी बीजू जनता दल की युवा और छात्र इकाई ने भी गोंड के इस्तीफे की मांग करते हुए विधानसभा का मंगलवार को घेराव करने की घोषणा की।
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