जिन पेड़ों से पल रहा था परिवार, कोयला कंपनी ने चलाई उस पर आरी, ग्रामीण ने पेड़ पर चढ़ कर उठाया आत्मघाती कदम
मध्य प्रदेश में तेज से होता विकास और बढ़ता कोयला उत्पादन उन ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है जो जंगल पर निर्भर है जिनका परिवार पीढ़ियों से जंगल से अपना पेट पाल रहा है लेकिन अब उनके सामने रोजी रोटी का संकर खड़ा हो गया है, कोयला कंपनी कोल ब्लॉक के लिए पेड़ों की कटाई कर रही है, अपने सामने अपने रोजगार का साधन छिनने से एक ग्रामीण इतना परेशान हो गया कि उसें पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाने का प्रयास किया, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत बन्धा के पिडरवाह क्षेत्र में उस समय विषम स्थिति बन गई जब ग्रामीण विश्वनाथ प्रसाद बिन्द ने पेड़ पर चढ़कर आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है विश्वनाथ लंबे समय से जंगल में मौजूद महुआ के पेड़ों से अपनी आजीविका चलाते हैं लेकिन कंपनी अब उन पेड़ों की कटाई कर रही है।
पेड़ कटने से दुखी ग्रामीण ने उठाया आत्मघाती कदम
विश्वनाथ सहित ग्रामीणों का आरोप है कि कोल ब्लॉक के लिए पेड़ों की कटाई शुरू होने के बाद उन्होंने मुआवजा और विस्थापन समेत अपनी मांगों को लेकर कंपनी और प्रशासन के सामने कई बार गुहार लगाई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। जब अपनी आजीविका का साधन जाता दिखा तो विश्वनाथ पेड़ पर चढ़ गए और उन्होंने गले में रस्सी डालकर आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया।
अस्पताल में भर्ती ग्रामीण विश्वनाथ की हालत स्थिर
विश्वनाथ के आत्मघाती कदम से लोग घबरा गये उन्होंने उसे समझाइश देकर नीचे उतारा और उसे गंभीर हालत में बैढ़न ट्रामा सेंटर पहुंचा।ड्यूटी डॉक्टर राहुल पाठक ने विश्वनाथ का इलाज किया और डॉक्टर के मुताबिक फिलहाल विश्वनाथ खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज जारी है।घटना के बाद सरपंच संघ अध्यक्ष दरोगा पाठक भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रदेश में कम्पनियों का बोलबाला है गरीबों की कोई सुनवाई नहीं है लेकिन हम समस्या के निराकरण का प्रयास कर रहे हैं।
बड़ा सवाल, क्या विकास की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी और आजीविका
अब यहाँ बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि अगर मुआवजा और विस्थापन की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई, तो पेड़ों की कटाई को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों है? आखिर ग्रामीणों की शिकायतों पर समय रहते सुनवाई क्यों नहीं हुई? क्या विकास की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी और आजीविका बननी चाहिए? फिलहाल कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर क्या कार्रवाई करता है।
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डिवाइडर से टकराकर पलटी मरीज को ले जा रही एंबुलेंस, चालक और पेशेंट दोनों घायल
जबलपुर में एक सड़क हादसा देखने को मिला। यहां मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज जा रही एक तेज रफ्तार एंबुलेंस पलट गई। इस हादसे में मरीज और चालक दोनों को ही चोट लगी है। जानकारी के मुताबिक 108 एंबुलेंस बरेला से एक मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज जा रही थी।
मरीज को धनपुरी में हुए एक्सीडेंट के बाद इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। एंबुलेंस कैंट थाना क्षेत्र पहुंची तभी अनियंत्रित होकर डिवाइड से टकरा गई और पलट गई। मरीज और चालक दोनों घायल हुए हैं।
टकराकर पलटी एंबुलेंस
यह मामला रविवार रात 11 से 12 बजे के बीच सीईओ बंगले के पास का बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि एंबुलेंस काफी स्पीड में थी। तेज रफ्तार होने की वजह से वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और एंबुलेंस डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर काफी तेज थी, जिससे एंबुलेंस पलटी खा गई।
क्रेन से हटाई गाड़ी
घटना की सूचना जैसे ही कंट्रोल रूम पहुंची। तुरंत ही कैंट थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इस मामले में एसआई ने जानकारी देते हुए बताया कि मौके पर पहुंची टीम ने मरीज और चालक को एंबुलेंस से बाहर निकाला। इसके बाद ट्रेन की मदद से गाड़ी को सड़क के किनारे पहुंचाया गया। जो मरीज है वह धनपुरी का है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
परिजनों से मिली सूचना
बता दें कि एंबुलेंस जिस मरीज को मेडिकल कॉलेज लेकर जा रही थी। उसके परिजन पीछे से बाइक और कार से आ रहे थे। जैसे ही हादसा हुआ उन्होंने पुलिस को सूचना दी। आसपास मौजूद लोगों की मदद से मरीज और चालक को बाहर निकाला गया। मरीज पहले से ही एक्सीडेंट का शिकार हो चुका था और वापस हुआ हादसे के कारण उसके सर से लगातार खून बह रहा था। उसे और चालक दोनों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
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