जावेद अख्तर को किसने बनाया नास्तिक? खोली इंडस्ट्री की पुरानी हकीकत, बोले- मैडम के जूते-कोट सब 1 आवाज में लाते थे
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जावेद अख्तर फिल्म इंडस्ट्री की पुरानी हकीकत भी बताई कि पहले असिस्टेंट डायरेक्टर्स को सितारों के जूते-कोट तक लाने पड़ते थे. जावेद के मुताबिक, आज इंडस्ट्री ज्यादा प्रोफेशनल हो चुकी है और असिस्टेंट्स को सम्मान मिलता है. उन्होंने वो किस्सा भी सुनाया कि कैसे 50 पैसे हारकर उन्हें जीवन की सीख मिली और वो नास्तिक बन बैठे.
'सुपर डीलक्स' से '96' तक, टॉप 7 फिल्में, जिनके किरदारों में विजय सेतुपति ने फूंकी जान, 1 मूवी कहलाई मास्टरपीस
विजय सेतुपति की सबसे बड़ी खूबी यही है कि वो पर्दे पर एक्टिंग करते नहीं, बल्कि उस किरदार को जीते हैं. 'मक्कल सेलवन' के नाम से मशहूर विजय ने अपनी फिल्मों के जरिए यह साबित कर दिया है कि एक एक्टर अपनी वर्सटाइल एक्टिंग से किसी भी रोल को आइकॉनिक बना सकता है. चाहे वो 'सुपर डीलक्स' में 'शिल्पा' का चुनौतीपूर्ण किरदार हो या '96' में यादों में डूबा हुआ 'राम'. उन्होंने हर फिल्म में अपनी एक अलग छाप छोड़ी है.
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