मिसाइल हमलों से दहला Saudi Arabia! अमेरिका ने जारी किया हाई-सिक्योरिटी रेड अलर्ट, ताइफ़ और यानबू में यात्रा पर लगा बैन
यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के प्रमुख शहरों और नागरिक बुनियादी ढांचों पर लगातार किए जा रहे मिसाइल व ड्रोन हमलों के बीच सुरक्षा स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। बढ़ते खतरों को देखते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने सरकारी कर्मचारियों के लिए यात्रा संबंधी पाबंदियों को और कड़ा कर दिया है। अमेरिकी मिशन ने सुरक्षा हालात का हवाला देते हुए अपने कर्मचारियों को ताइफ़ और यानबू की यात्रा करने से पहले विशेष मंजूरी लेने का आदेश दिया है।
सऊदी अरब में अमेरिकी मिशन ने रविवार को यह एडवाइजरी जारी की, जो सरकारी और निजी-दोनों प्रकार की आधिकारिक यात्राओं पर लागू होगी। इसके अलावा पूरे देश में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
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अमेरिकी कर्मचारियों के लिए यात्रा पर नई पाबंदियां
सुरक्षा के नए उपायों के तहत, सऊदी अरब में तैनात अमेरिकी सरकारी कर्मचारी पहले से खास मंज़ूरी लिए बिना ताइफ़ या यानबू की यात्रा नहीं कर सकते। यह कदम उन मौजूदा पाबंदियों में और इजाफ़ा करता है जो सुरक्षा जोखिमों के कारण देश के कई हिस्सों में यात्रा करने वाले कर्मचारियों पर पहले से ही वाशिंगटन द्वारा लगाई गई हैं। अमेरिकी विदेश विभाग की 15 सितंबर की सऊदी अरब यात्रा एडवाइज़री में देश को अभी भी लेवल 3 या "यात्रा पर पुनर्विचार करें" की श्रेणी में रखा गया है। एडवाइज़री में ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों, सशस्त्र संघर्ष और आतंकवाद से जुड़े जोखिमों का ज़िक्र किया गया है। इसमें यमन सीमा क्षेत्र को लेवल 4 या "यात्रा न करें" की श्रेणी में भी रखा गया है। विदेश विभाग का कहना है कि अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को यमन सीमा के 20 मील के दायरे में यात्रा करने की मनाही है और जिज़ान, असीर, नज्रान और कतीफ़ की यात्रा के लिए खास मंज़ूरी की ज़रूरत होती है।
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रियाद की ओर दागी गई हूथी मिसाइल को रोका गया
ये नई पाबंदियां 19 सितंबर को बढ़े तनाव के बाद लगाई गई हैं, जब सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, सऊदी वायु रक्षा प्रणालियों ने हूथी समूह द्वारा रियाद की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया था। गठबंधन ने यह भी कहा कि बिषा, ताइफ़, फ़रासान और यानबू में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया। सऊदी अधिकारियों ने हवाई हमले के खतरे को लेकर आपातकालीन चेतावनी जारी की, जबकि रियाद हवाई अड्डे के पास आग की लपटें और धुआं देखा गया। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि रियाद की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही कोई नुकसान हुआ।
ये हमले कई दिनों तक बढ़ी हुई सैन्य गतिविधियों के बाद हुए। 14 सितंबर को सऊदी अधिकारियों ने बताया कि खमीस मुशैत, आभा और ताइफ़ पर हूथी मिसाइल और ड्रोन हमलों में 13 आम नागरिक घायल हो गए और सात घरों व दो गाड़ियों को नुकसान पहुँचा। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, ताइफ़ में एक और ड्रोन घटना हुई जिसमें रोके गए हूथी ड्रोन के मलबे से एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
अमेरिका ने अमेरिकियों के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस जारी कीं
अपने कर्मचारियों पर लगी पाबंदियों के साथ-साथ, अमेरिकी मिशन ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेट डिपार्टमेंट के 'स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम' में रजिस्टर करें, स्थानीय मीडिया और सरकारी घोषणाओं पर नज़र रखें, मोबाइल फ़ोन चार्ज रखें और सऊदी अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
अमेरिकियों को प्रदर्शनों और बड़ी भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहने, अमेरिका से जुड़ी सार्वजनिक जगहों पर सावधानी बरतने और ज़्यादा ध्यान आकर्षित न करने (लो प्रोफ़ाइल बनाए रखने) की सलाह भी दी गई है। हवाई हमले की स्थिति में, मिशन ने लोगों को खिड़कियों और कांच के दरवाज़ों से दूर रहने और सरकारी जानकारी पर नज़र रखते हुए गिरे हुए मलबे से बचने की सलाह दी है। सऊदी अरब में अमेरिकी नागरिकों के लिए नियमित और आपातकालीन कांसुलर सेवाएँ उपलब्ध रहेंगी।
कतर ने सऊदी अरब पर हुए हमलों की निंदा की
हालिया तनाव बढ़ने पर कतर ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उसके विदेश मंत्रालय ने रियाद को निशाना बनाकर किए गए हूथी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के साथ-साथ बिषा, ताइफ़, फ़रासान और यानबू में नागरिकों और नागरिक संपत्तियों पर हमले की कोशिशों की निंदा की। दोहा ने कहा कि ये हमले सऊदी अरब की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और रियाद के साथ एकजुटता दोहराई। कतर ने यह भी कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा, कतर और व्यापक गल्फ़ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) की सुरक्षा का एक अहम हिस्सा है।
21 September: 1857 की क्रांति के बाद मुगल बादशाह Bahadur Shah Zafar की गिरफ्तारी का ऐतिहासिक दिन
मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर का जिक्र आते ही उनकी उर्दू शायरी और हिंदुस्तान से उनकी मोहब्बत की भी बात होती है। कहने को तो वह 1837 में बादशाह बने, लेकिन तब तक देश के काफी बड़े इलाके पर अंग्रेजों का कब्जा हो चुका था। सल्तनत के नाम पर उनके पास कुछ ही इलाके बचे थे।
सन 1857 में क्रांति की चिंगारी भड़की तो सभी विद्रोही सैनिकों और राजा-महाराजाओं ने उन्हें हिंदुस्तान का सम्राट माना और उन्होंने भी अंग्रेजों को खदेड़ने का आह्वान किया, लेकिन 82 बरस के बूढ़े बहादुर शाह जफर की अगुवाई में लड़ी गई यह लड़ाई कुछ ही दिन चली और 21 सितंबर को अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें रंगून (आज का म्यांमा) निर्वासित कर दिया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। देश और दुनिया के इतिहास में 21 सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- 1677 : नीदरलैंड के जॉन और निकोल्स वान डर हेडेन को अग्निशामक यंत्र के लिए पेटेंट मिला।
1784 : पेनसिलवेनिया पैकेट एंड जनरल एडवरटाइजर नाम से अमेरिका का पहला दैनिक अखबार छपा। 1790 : पालघाट ने 60 बंदूकों के साथ जनरल मिडोज के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना की टुकड़ी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। 1792 : फ्रेंच नेशनल कन्वेंशन ने राजशाही को समाप्त करने के लिए मतदान किया।
1857 : अंग्रेजों ने अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार किया। इससे एक दिन पहले वह ब्रिटिश फौज के हाथों दिल्ली हार बैठे थे तथा उनके सामने आत्मसमर्पण के अलावा और कोई चारा नहीं था। 1866 : ब्रिटेन के प्रख्यात लेखक एवं इतिहासकार हर्बर्ट जॉर्ज वेल्ज़ का जन्म।
1883 : अमेरिका और ब्राजील के बीच टेलीग्राफ सेवा शुरू। 1921 : जर्मनी के ओपू में एक केमिकल प्लांट में धमाके में 800 लोगों की मौत। 1934 : जापान के होंसू द्वीप पर आए भयंकर तूफान से 4000 लोगों की मौत।
1949 : चीन में कम्युनिस्ट नेताओं ने ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ पार्टी की घोषणा की। 1964 : माल्टा ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता हासिल की। 1985 : उत्तर और दक्षिण कोरिया ने परिवारों की मुलाकात के लिए अपनी सीमाएं खोली।
1991 : आर्मेनिया को सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिली। 1999 : मध्य ताइवान में भूकंप से 2400 लोगों की मौत। 2004 : अमेरिका ने लीबिया से आर्थिक प्रतिबंध हटाए।
2020: दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट के शिखर पर ऑक्सीजन सिलेंडर के बिना 10 बार चढ़ने वाले नेपाल के मशहूर पर्वतारोही अंग रीता शेरपा का निधन। 2023: संसद ने 128वें संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दी, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है। 2024: आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने दिल्ली की आठवीं मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।
सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित के बाद वह दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनीं। 2025 : ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा ने अमेरिका और इजराइल के विरोध को दरकिनार करते हुए फलस्तीनी राष्ट्र को औपचारिक रूप से मान्यता देने की पुष्टि की।
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