दिल को रखना है मजबूत तो अपनाएं ये योगासन
नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खान-पान और तनाव के कारण हृदय रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अपनी दिनचर्या में सुधार लाना बेहद जरूरी है, जिनमें योगासन बेहद जरूरी होता है। योग एक ऐसी प्राचीन पद्धति है जो न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखती है, बल्कि दिल को भी मजबूत बनाती है। नियमित योगासन करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, तनाव कम होता है और हृदय स्वस्थ रहता है।
ताड़ासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, वीरभद्रासन, गोमुखासन, अधोमुख श्वानासन, भुजंगासन, विपरीतकरणी आसन, मत्स्यासन, नाड़ीशोधन प्राणायम जैसे योगासन करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
ताड़ासन: सीधे खड़े होकर हाथों को ऊपर की ओर खींचने वाला योगासन है, जो शरीर का संतुलन सुधारता है और रक्त संचार को बेदतर करने में मदद करता है, जिससे हृदय और मांसपेशियों को सही पोषण मिलता है और मांसपेशियों को सही पोषण मिलता है।
अर्धचक्रासन: अर्धचक्रासन छाती और फेफड़ों को फैलाकर हृदय क्षेत्र को खोलता है, जिससे रक्त संचार और ऑक्सीजन का स्तर बेहतर होता है। गहरी सांस लेने की प्रक्रिया से तंत्रिका तंत्र शांत होता है, जिससे दिल पर मानसिक तनाव का असर कम होता है।
त्रिकोणासन: नियमित अभ्यास से हृदय प्रणाली सक्रिय होती है, जिससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। लंबी और गहरी सांसों के साथ इसे करने से मानसिक तनाव और चिंता कम होती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से हृदय को स्वस्थ रखता है।
वीरभद्रासन: यह आसन शरीर की ताकत और लचीलापन बढ़ाता है। यह दिल तक ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और नसों में ब्लॉकेज की संभावना को कम करता है। इसके नियमित अभ्यास से छाती, कंधे और जांघों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।
गोमुखासन: यह आसन छाती की मांसपेशियों को खींचता और फैलाता है, जिससे हृदय क्षेत्र में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। बेहतर मेटाबॉलिज्म और रक्त प्रवाह के कारण यह शरीर में वसा और कोलेस्ट्रॉल को जमने से रोकने में मददगार साबित हो सकता है।
अधोमुख श्वानासन: इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर के सभी अंगों में रक्त संचार बेहतर होता है। इसे करने से खासतौर पर सिर की ओर रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जिससे दिमाग को आराम मिलता है और मानसिक शांति महसूस होती है। जब मानसिक तनाव कम होता है, तो नींद अपने आप अच्छी आने लगती है।
भुजंगासन: गहरी सांस लेने की प्रक्रिया से पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र सक्रिय होता है, जिससे तनाव और कोर्टिसोल का स्तर कम होता है और दिल को सुकून मिलता है। यह आसन छाती (चेस्ट) और फेफड़ों के हिस्से को चौड़ा करता है, जिससे हृदय और फेफड़ों तक ऑक्सीजन का प्रवाह सुधरता है।
विपरीतकरणी: यह आसन गुरुत्वाकर्षण के विपरीत काम करता है, जिससे पैरों और निचले शरीर से रक्त का प्रवाह वापस हृदय और मस्तिष्क की ओर सुचारू रूप से बढ़ता है। यह हाइपोएक्टिव थायरॉइड से जुड़ी समस्याओं को प्रबंधित करने में सहायक है।
मत्स्यासन: इस आसन में पीठ को ऊपर उठाने से छाती फैलती है, जिससे दिल और फेफड़ों पर दबाव कम होता है और उनकी कार्यक्षमता बढ़ती है। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन से हृदय तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही मात्रा में पहुंचते हैं, जिससे दिल स्वस्थ रहता है।
नाड़ीशोधन प्राणायम: धीमी गति से सांस लेने और छोड़ने से रक्त वाहिकाओं को आराम मिलता है, जिससे उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है। यह प्राणायाम पैरासिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे हृदय की गति सामान्य और शांत होती है।
--आईएएनएस
एनएस/एएस
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भारत की मेडल टैली में इजाफा! अब तक देश के पास आए कितने पदक, जानें हिमांशु और सुचिका समेत किन खिलाड़ियों को मिला कौन सा मेडल
Asian Games 2026 : एशियन गेम्स 2026 का आज तीसरा दिन है. आज यानी 21 सिंतबर (सोमवार) को भारत की मेडल टैली में इजाफा हुआ है. कल यानी 20 सिंतबर तक भारत के पास सिर्फ 2 पदक थे लेकिन अब इंडिया की झोली में कुल 6 पदक आ चुके हैं. इसके साथ ही भारत ने एशियन गेम्स 2026 की पदक तालिका में टॉप-10 में जगह बना ली है. भारत के लिए किस खिलाड़ी ने कौन से खेल में मेडल अब तक जीते हैं. आइए जानते हैं.
सुचिका तारियाल ने रचा इतिहास
भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 में सुचिका तारियाल ने सोमवार को इतिहास रच दिया. सुचिका मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में देश के लिए मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं. सुचिका ने पारंपरिक 60 किलोग्राम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया.हांलाकि उनका ऐतिहासिक कैंपेन सेमीफाइनल में खत्म हो गया, जहां उन्हें सिंगापुर की हुई हून टीओ से एक करीबी हार मिली.
SUCHIKA TARYAL WINS THE BRONZE! ????
— The Khel India (@TheKhelIndia) September 21, 2026
- Historic first-ever medal for India in Mixed Martial Arts (MMA) at the Asian Games! pic.twitter.com/zb9AazpPZb
इस मुकाबले में भारत की इस स्टार खिलाड़ी को बहुत कम अंतर से हारी. इसके साथ ही गोल्ड-मेडल मुकाबले तक पहुंचने की उनकी उम्मीदें खत्म हो गईं और उन्हें सिर्फ कांस्य पदक से ही संतोश करना पड़ा. 36 साल की यह खिलाड़ी आइची-नागोया से एक ऐतिहासिक मेडल लेकर लौटीं, जो महाद्वीपीय स्टेज पर भारतीय एमएमए के लिए एक बड़ी कामयाबी है. रविवार को क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तांचिमेग बैगलमा के खिलाफ सुचिका ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. उन्होंने अल्तांचिमेग बैगलमा के खिलाफ 2-0 से जीत हासिल की थी.
हिमांशु ढिल्लों ने साधा सिल्वर पर निशाना
भारतीय शूटर हिमांशु ढिल्लों ने एशियन गेम्स 2026 में धमाल मचा दिया है. उन्होंने भारत को एक और सिल्वर मेडल दिला दिया है. एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को पुरुषों के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भारत ने दो पदक हासिल किए. हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर मेडल और रुद्राक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. इसके साथ ही इन दोनों ने भारत के पदकों की संख्या में इजाफ कर दिया. हिमांशु ने कुल 252.4 प्वाइंट्स अर्जित किए और वह दूसरे स्थान पर रहे, जबकि रुद्राक्ष 230.9 प्वाइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर रहे. चीन के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन शेंग लिहाओ ने 254.2 के गेम्स रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीत लिया.
HIMANSHU DHILLON WINS SILVER ???? pic.twitter.com/KK3gR5fZvo
— The Khel India (@TheKhelIndia) September 21, 2026
हिमांशु शुरुआत में 104.8 प्वाइंट्स के साथ थे. एलिमिनेशन राउंड शुरू होने पर भी भारतीय खिलाड़ी टॉप दो स्थानों पर काबिज रहे. रुद्राक्ष आगे बने रहे, जबकि हिमांशु ने 10.9 प्वाइंट्स का स्कोर हासिल किया लेकिन अंत में दोनों ही पहला स्थान हासिल करने से चूक गए.
इन खिलाड़ियों को भी मिला मेडल
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