एशियन गेम्स 2026 में आज इन खिलाड़ियों से भारत को होगी मेडल की उम्मीद, शेड्यूल पर डालें नजर
India Asian Games 2026 Today Schedule :
एशियन गेम्स 2026 में 21 सिंतबर को भारत के कई खिलाड़ियों से अच्छा प्रदर्शन कर देश की झोली में मेडल डालने की उम्मीद होगी. आज भारतीय पुरुष कबड्डी टीम अपने अभियान की शुरुआत मेजबान जापान के साथ करेगी. एशियन गेम्स में आज भारतीय निशानेबाज भी अपने पदकों की संख्या बढ़ाने के इरादे से उतरने वाली है. भारत ने रविवार को महिला 10 मीटर एयर राइफल में दो रजत पदक जीते थे. अब पार्थ माने, हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में पुरुष 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में हिस्सा लेंगे और देश को और मेडल दिलाना चाहेंगे.
इन खिलाड़ियों से होगी मेडल की उम्मीद
वहीं ओलंपियन अनंतजीत सिंह नरूका, मैराज अहमद खान और रैजा ढिल्लों भी शॉटगन शूटिंग स्पर्धा में चुनौती पेश करेंगे. आज ही भारतीय महिला हॉकी टीम इंडोनेशिया के खिलाफ अपना एशियन गेम्स खेलेगी. भारत मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में पहले ही पदक पक्का कर चुका है। सुचिका तारियाल महिला ट्रेडिशनल -60 किग्रा सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं. आज फाइनल में जगह बनाने के लिए उनका सामना सिंगापुर की तेओ हुई हून से होगा.
वहीं आज ही एशियन गेम्स 2026 में लक्ष्य सेन और उनकी टीम पुरुष टीम बैडमिंटन अभियान की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ करेगी. वहीं ओलंपियन श्रीहरि नटराज, साजन प्रकाश और अन्य भारतीय तैराक स्विमिंग में पूरे दिन के इवेंट में हिस्सा लेंगे. तो आइए जानते हैं कि, कौन से घेल में कौन से खिलाड़ी कितने बजे से हिस्सा लेंगे. मतलब आज के पूरे शेड्यूप पर एक नजर डालेत हैं.
India's Schedule for Day 2 at AG 2026 ????????
— The Khel India (@TheKhelIndia) September 20, 2026
- Men 10m Air Rifle Final & Skeet Day 1
- Wushu & Soft Tennis matches
- Multiple Swimming Final based on Qualify
- Crucial MMA clash of Suchika Tariyal
- India’s Kabaddi matches starting Tom pic.twitter.com/DCeBZKTZ5x
एशियन गेम्स में भारत का आज का शेड्यूल
| खेल | इवेंट / मुकाबला | भारतीय खिलाड़ी / टीम | प्रतिद्वंद्वी | समय |
|---|---|---|---|---|
| शूटिंग | पुरुष 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत फाइनल | पार्थ माने, हिमांशु ढिल्लों, रुद्रांक्ष पाटिल* | — | सुबह 9:00 |
| हॉकी | महिला, पूल बी | भारत | इंडोनेशिया | सुबह 9:30 |
| कबड्डी | पुरुष टीम, ग्रुप ए | भारत | जापान | सुबह 9:45 |
| सॉफ्ट टेनिस | मिक्स्ड डबल्स क्वार्टर फाइनल | जय मीना, आध्या तिवारी* | — | सुबह 10:30 |
| बैडमिंटन | पुरुष टीम, राउंड 1 | भारत | बांग्लादेश | सुबह 11:30 |
| सॉफ्ट टेनिस | मिक्स्ड डबल्स सेमीफाइनल | जय मीना, आध्या तिवारी* | — | दोपहर 12:00 |
| तैराकी | पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक फाइनल | ऋषभ दास, श्रीहरि नटराज* | — | दोपहर 1:30 |
| सॉफ्ट टेनिस | मिक्स्ड डबल्स गोल्ड मेडल मैच | जय मीना, आध्या तिवारी* | — | दोपहर 1:30 |
| तैराकी | पुरुष 50 मीटर फ्रीस्टाइल फाइनल | आकाश मणि, हीर गितेश शाह* | — | दोपहर 1:42 |
| तैराकी | पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक फाइनल | दानुश सुरेश* | — | दोपहर 2:08 |
| वुशु | महिला सांडा 60 किग्रा, राउंड ऑफ 16 | रोशिबिना देवी | मोस्ट शिका खातून (बांग्लादेश) | दोपहर 2:30 से |
| वुशु | पुरुष सांडा 56 किग्रा, राउंड ऑफ 32 | आर्यन | शहजादा सफी (अफगानिस्तान) | दोपहर 2:30 से |
| तैराकी | पुरुष 4x200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले फाइनल | साजन प्रकाश, अनीश सुनील कुमार गौड़ा, वेदांत माधवन, दक्षन शशिकुमार* | — | दोपहर 2:43 |
| टेबल टेनिस | पुरुष टीम, ग्रुप एफ | भारत | पाकिस्तान | दोपहर 3:30 |
| कबड्डी | महिला टीम, ग्रुप ए | भारत | बांग्लादेश | शाम 4:15 |
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विश्व अल्जाइमर दिवस : ब्लड टेस्ट से दशकों पहले मिल सकती है इस बीमारी को पहचानने में मदद- स्टडी
नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। अल्जाइमर रोग को आमतौर पर बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके पीछे होने वाले बदलाव शरीर और दिमाग में इसके लक्षण दिखाई देने से काफी पहले शुरू हो सकते हैं। अब एक नई स्टडी ने संकेत दिया है कि ब्लड टेस्ट के जरिए अल्जाइमर से जुड़े शुरुआती बदलावों को मिडिल एज में ही पहचाना जा सकता है। यह शोध द लैंसेट में प्रकाशित हुआ है।
इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने मिडिल एज के लोगों के खून में अल्जाइमर से जुड़े कुछ खास बायोमार्कर्स की जांच की। इनमें खास तौर पर फॉस्फोराइलेटेड टाऊ और अमाइलॉइड-बीटा जैसे संकेतकों को देखा गया। ये ऐसे प्रोटीन हैं, जिनमें होने वाले बदलाव अल्जाइमर से जुड़ी दिमागी प्रक्रियाओं की ओर इशारा कर सकते हैं।
इस स्टडी में ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जो अभी मिडिल एज में थे और जिनमें अल्जाइमर के स्पष्ट लक्षण जरूरी नहीं थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ लोगों में अल्जाइमर से जुड़ी न्यूरोपैथोलॉजी के संकेत पहले से मौजूद थे। हालांकि, ऐसे मामले आम नहीं थे।
जिन लोगों में ये बायोमार्कर्स अल्जाइमर से जुड़े पाए गए, उनमें सोचने-समझने और याददाश्त से जुड़े कुछ परीक्षणों में अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन देखने को मिला। यह संबंध उम्र, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), किडनी की कार्यक्षमता और एपीओई जीन जैसे कई कारकों को ध्यान में रखने के बाद भी देखा गया।
शोध में यह भी संकेत मिला कि इन संबंधों में लिंग, एपीओई जीन और नस्लीय समूहों के अनुसार अंतर हो सकता है। कुछ विश्लेषणों में ब्लैक प्रतिभागियों, एपीओई 4 जीन वाले लोगों और महिलाओं में संबंध अधिक मजबूत दिखाई दिए, हालांकि यह हर तुलना में एक जैसा नहीं था।
अल्जाइमर की बीमारी के लक्षण सामने आने तक दिमाग में इससे जुड़े बदलाव काफी समय से चल रहे हो सकते हैं। ऐसे में अगर आसान और कम खर्चीले ब्लड टेस्ट से इन बदलावों का संकेत पहले मिल सके, तो भविष्य में डॉक्टरों को जोखिम वाले लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति के लिए सामान्य ब्लड टेस्ट से अभी अल्जाइमर की निश्चित भविष्यवाणी की जा सकती है। यह रिसर्च शुरुआती पहचान की संभावनाओं को मजबूत करती है, लेकिन ऐसे टेस्ट के इस्तेमाल, सटीकता और क्लिनिकल उपयोग को लेकर अभी और अध्ययन की जरूरत है।
फिर भी, स्टडी इस बात को मजबूती देती है कि अल्जाइमर केवल बुढ़ापे में अचानक शुरू होने वाली बीमारी नहीं है। इसके जैविक बदलाव लक्षणों से कई साल पहले शुरू हो सकते हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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