टाटा ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने को गैरकानूनी बताया:शेयर बाजार में इस हफ्ते 6 IPO आएंगे, पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं
कल की बड़ी खबर एन चंद्रशेखरन से जुड़ी रही। टाटा ट्रस्ट ने एन. चंद्रशेखरन को दोबारा 5 साल के लिए टाटा संस का चेयरमैन बनाने के फैसले को गैरकानूनी बताया है। वहीं, भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते 6 कंपनियां अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स यानी IPOs लॉन्च करने की तैयारी में हैं। यह कंपनियां बाजार से टोटल ₹3,825 करोड़ जुटाएंगी। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. टाटा ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने को गैरकानूनी बताया:कहा– बहुमत नहीं, डायरेक्टर्स की मंजूरी जरूरी; टाटा संस चेयरमैन का कार्यकाल 3 दिन पहले बढ़ा था टाटा ट्रस्ट ने एन. चंद्रशेखरन को दोबारा 5 साल के लिए टाटा संस का चेयरमैन बनाने के फैसले को गैरकानूनी बताया है। ट्रस्ट ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि कंपनी के नियमों के मुताबिक चेयरमैन पद के लिए उनके दोनों प्रतिनिधियों की सहमति अनिवार्य है। टाटा संस में 66% हिस्सेदारी टाटा ट्रस्ट्स के पास ही है, इसलिए उसके इस विरोध का असर कंपनी के लीडरशिप फैसले पर पड़ सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. शेयर बाजार में इस हफ्ते 6 IPO आएंगे:कंपनियां टोटल ₹3,825 करोड़ जुटाएंगी; 22 से 28 सितंबर के बीच ओपन होंगे भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते 6 कंपनियां अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स यानी IPOs लॉन्च करने की तैयारी में हैं। यह कंपनियां बाजार से टोटल ₹3,825 करोड़ जुटाएंगी। इन छह कंपनियों में एलीवेट कैंपस, वारमोरा ग्रैनिटो, ए-वन स्टील्स इंडिया, अरमी इन्फोटेक, स्वस्तिक इंफ्रा और एड्रॉइट इंडस्ट्रीज (इंडिया) शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सितंबर में विदेशी-निवेशकों ने भारतीय बाजार से ₹20,974 करोड़ निकाले:2026 में अब तक ₹2.45 लाख करोड़ की बिकवाली; क्रूड-US यील्ड और रुपया बना वजह भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPIs की बिकवाली का सिलसिला फिर लौट आया है। सितंबर महीने में 18 तारीख तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से ₹20,974 करोड़ की भारी निकासी की है। वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका में बढ़ती ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपए ने विदेशी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. वॉट्सएप नंबर बदलने से पहले जान लें ये जरूरी बातें:पुराने नंबर का बैकअप नए नंबर पर काम नहीं करेगा; 5 स्टेप्स में बदलें अपना नंबर यदि आप अपना नया सिम कार्ड ले रहे हैं या फोन नंबर बदलने का प्लान बना रहे हैं, तो वॉट्सएप का चेंज नंबर फीचर आपके काम आसान कर सकता है। हालांकि, नंबर बदलने की प्रोसेस शुरू करने से पहले कुछ जरूरी तकनीकी बातों और बैकअप नियमों को जानना बेहद जरूरी है। सही तरीका न अपनाने पर आप अपने पुराने चैट बैकअप और डेटा का एक्सेस खो सकते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शनिवार और रविवार को बाजार बंद था तो शुक्रवार के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए...
इंदौर में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ दंपत्ति का अनशन, गांधी प्रतिमा के नीचे बैठे प्रहलाद-संगीता पांडे
इंदौर शहर की सड़कों, चौराहों और गलियों से अवैध बैनर-होर्डिंग हटाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद पांडे अपनी पत्नी संगीता पांडे के साथ अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गए हैं।
रीगल तिराहा स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे पांडे का साफ कहना है कि जब तक शहर को इन अवैध पोस्टरों से मुक्ति नहीं मिल जाती, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे और सिर्फ पानी पीकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
मोमबत्तियां और फ्लैशलाइट लेकर पहुंचे लोग
रविवार की शाम धरना स्थल पर समर्थकों की खासी भीड़ जुटी, जहां ‘आशा की किरण’ नाम से एक सांकेतिक विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग हाथों में मोमबत्तियां व मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर पहुंचे और अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रीगल इलाके में पैदल मार्च भी निकाला। प्रहलाद पांडे का लक्ष्य इंदौर में 100 ऐसे जागरूक नागरिकों को जोड़ना है जो जनहित के मुद्दों पर बेबाकी से अपनी आवाज उठा सकें।
16 सितंबर को वीडियो बनाते समय मारपीट और बदसलूकी का आरोप
मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए प्रहलाद पांडे ने बताया कि 16 सितंबर को वे मरीमाता चौराहे पर लगे एक अवैध बैनर का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। उसी समय कुछ अज्ञात लोगों ने आकर उनके साथ मारपीट की और उनका माइक व रिकॉर्डिंग डिवाइस छीन लिया। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें एक स्थानीय विधायक का नाम न लेने की धमकी भी दी। पांडे का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उनके साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे आहत होकर उन्होंने गांधीजी की शरण में जाने का फैसला किया।
घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर
सामाजिक कार्यकर्ता का आरोप है कि इस पूरी हिंसक घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई FIR दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर ही हमलावरों की असली पहचान उजागर हो सकेगी। एफआईआर दर्ज न होने और पुलिस के टालमटोल वाले रवैये से नाराज होकर ही उन्होंने अपने आंदोलन को तेज करने का रास्ता चुना।
पत्नी संगीता पांडे भी उपवास में शामिल
पति के समर्थन में उतरीं संगीता पांडे भी उनके साथ उपवास पर बैठ गई हैं, जिससे इस मुहिम को और मजबूती मिली है। प्रहलाद पांडे ने उच्च न्यायालय के पुराने आदेशों का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि नियम के मुताबिक किसी भी अवैध होर्डिंग या बैनर की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर उसे हटाया जाना अनिवार्य है। वे प्रशासन से इस नियम का सख्ती से पालन कराने की मांग कर रहे हैं।
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