Aaj Ka Panchang 21 September 2026: दशमी तिथि पर शुभ-अशुभ मुहूर्त क्या रहेगा? पढ़ें सोमवार का विस्तृत पंचांग
Aaj Ka Panchang 21 September 2026: ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अरविंद त्रिपाठी के अनुसार, आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 8 बजे तक रहेगी. इसके बाद एकादशी तिथि का प्रारंभ होगा. सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है. इस दिन शिव जी की पूजा करें, उन्हें जल चढ़ाएं और भगवान शिव जी की श्रद्धा भाव से आराधना करें. इससे वे प्रसन्न होंगे और शुभ फल देंगे. पंचांग के माध्यम से हर दिन की तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण की जानकारी की जाती है. इनके साथ ही सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, चंद्रमा का गोचर, राहुकाल और दिशा शूल का भी पता चलता है. हर व्यक्ति को सुबह सबसे पहले पंचांग पढ़ना चाहिए. चलिए अब पढ़ते हैं आज का पंचांग विस्तार से.
पढ़ें आज का पंचांग 21 सितंबर 2026
आज की तिथि, वार और नक्षत्र
- तारीख- 21 सितंबर 2026
- दिन- सोमवार
- तिथि- दशमी
- नक्षत्र- उत्तराषाढ़ा
- सूर्योदय- सुबह 6:08 बजे
- सूर्यास्त- शाम 6:19 बजे
- करण- तैतिल, गर
- चंद्रमा- धनु राशि
- शुभ मुहूर्त- 11:49 से दोपहर 12:38 तक
- राहुकाल- 7:40 से सुबह 9:11 तक
- दिशा शूल- पूर्व
- दिशा शूल उपाय- दर्पण देखकर घर से निकलें
आज का महामंत्र
ऊं नमः शिवाय
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चंद्र गोचर
चंद्रमा का गोचर धनु राशि में सुबह 11 बजकर 14 मिनट तक उसके बाद मकर राशि में होगा.
संवत
- विक्रम संवत- 2083, रौद्र
- शक संवत- 1948, पराभव
चंद्रमास
सूर्योदय- आज सुबह 6:08 पर हुआ है
सूर्यास्त- आज शाम 06 बजकर 19 मिनट पर होगा
चंद्रोदय- 21 सितंबर दोपहर 03:04 बजे पर होगा
चंद्र अस्त- 22 सितंबर को सुबह 02:01 मिनट पर होगा
आज का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:43 मिनट से सुबह 05:31 मिनट तक
अमृत काल- सुबह 12:01 बजे से सुबह 01:47 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:49 मिनट से दोपहर 12:38 मिनट तक
आज का अशुभ समय
राहुकाल- सुबह 07 बजकर 40 मिनट से लेकर सुबह 09 बजकर 11 मिनट तक
यम गण्डक- सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
गुलिक काल- दोपहर 01:50 मिनट से दोपहर 03:20 बजे तक
आज का दुर्मुहूर्त- दोपहर 12:44 बजे से दोपहर 01:32 मिनट तक और दोपहर 03:08 मिनट से दोपहर 03:56 मिनट तक
आपका दिन मंगलमय हो.
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रूस, इजरायल और तुर्किये एशियन गेम्स में क्यों नहीं:तुर्किए की 97% और रूस की 75% जमीन एशिया में, तीनों देशों की अलग वजह
एशियन गेम्स को एशिया का ओलिंपिक कहा जाता है। इसमें 45 देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। लेकिन एशिया के नक्शे पर मौजूद रूस, तुर्किये और इजरायल इन खेलों में क्यों नहीं खेलते? इसका जवाब सिर्फ भूगोल से नहीं मिलता। किसी देश की एशियन गेम्स में भागीदारी उसके इतिहास, खेल संस्थाओं की सदस्यता, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राजनीतिक परिस्थितियों से भी तय होती है। और यहीं से इन तीनों देशों की कहानी एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हो जाती है। इजरायल: राजनीतिक विवादों के कारण एशियन गेम्स से बाहर इजरायल कभी एशियन गेम्स का हिस्सा था। उसने 1954 से 1974 तक इन खेलों में हिस्सा लिया। लेकिन वेस्ट एशिया में बढ़ते राजनीतिक तनाव का असर खेलों पर भी पड़ा। 1962 के जकार्ता एशियन गेम्स में इंडोनेशिया ने इजरायल को आमंत्रित नहीं किया था। कई अरब देशों ने इजरायली खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबले पर आपत्ति जताई थी। बाद में 1981 में ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के गठन के समय भी इजरायल सदस्य नहीं बना। इसके बाद उसने यूरोपीय खेल संस्थाओं के साथ जुड़ाव बढ़ाया। उसकी फुटबॉल टीम यूरोपियन फुटबॉल एसोसिएशन के तहत खेलती है। क्या भविष्य में खेल सकते हैं- वेस्ट एशिया के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव जरूर आया है। 2020 के अब्राहम समझौते के बाद इजरायल के UAE और बहरीन के साथ औपचारिक संबंध बने। मोरक्को के साथ भी संबंध सामान्य हुए। सितंबर 2026 में दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों को और मजबूत करने की घोषणा की। हालांकि, इसे एशियन गेम्स में इजरायल की वापसी की प्रक्रिया नहीं कहा जा सकता। मौजूदा ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया की सदस्य सूची में इजरायल शामिल नहीं है। तुर्किये: 97% जमीन एशिया में, लेकिन खेल ढांचा यूरोप का तुर्किये का करीब 97% भूभाग एशियाई हिस्से यानी अनातोलिया में है। इसके बावजूद तुर्किये ने राजनीतिक, आर्थिक और खेल संस्थाओं में यूरोपीय ढांचे के साथ मजबूत जुड़ाव बनाया। 1923 में आधुनिक तुर्किये के गठन के बाद पश्चिमी संस्थाओं से उसका जुड़ाव बढ़ा। खेलों में भी उसने यूरोपीय व्यवस्था को प्राथमिकता दी। उसकी फुटबॉल टीम यूरोपियन फुटबॉल एसोसिएशन की सदस्य है। बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स जैसे कई खेलों में भी तुर्किये यूरोपीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेता है। क्या भविष्य में खेल सकते हैं- तुर्किये ने ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) की सदस्यता नहीं ली है। इसलिए उसका ज्यादातर भूभाग एशिया में होना अपने आप उसे एशियन गेम्स में खेलने का अधिकार नहीं देता। अगर वह भविष्य में एशियन गेम्स में शामिल होना चाहता है, तो उसे OCA की सदस्यता या किसी भागीदारी व्यवस्था के तहत जगह बनानी होगी। रूस: 75% जमीन एशिया में, लेकिन आबादी और खेल पहचान यूरोप में रूस की करीब 75% जमीन एशिया में है, लेकिन उसकी 75% आबादी यूरोपीय रूस में रहती है। राजधानी मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग जैसे प्रमुख शहर भी यूरोपीय हिस्से में हैं। खेलों में भी रूस की पहचान लंबे समय से यूरोप से जुड़ी रही है। सोवियत दौर से उसकी खेल संरचना यूरोपीय संस्थाओं से जुड़ी रही। फुटबॉल में भी रूस यूरोपीय खेल ढांचे का हिस्सा रहा है। क्या भविष्य में खेल सकते हैं- रूस ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया में शामिल नहीं है। हालांकि इसी साल OCA ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रूसी खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के फैसले का स्वागत किया। रूस के एशियाई हिस्सों का एशियाई खेल गतिविधियों से कुछ जुड़ाव जरूर है। याकूतिया में आयोजित चिल्ड्रन ऑफ एशिया गेम्स में एशियाई देशों के युवा खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ऑस्ट्रेलिया एशिया में नहीं, फिर भी करीब आ रहा ऑस्ट्रेलिया एशिया का हिस्सा नहीं है, लेकिन खेलों में उसका एशिया से मजबूत जुड़ाव है। 2006 में उसने ओशिनिया फुटबॉल कॉन्फेडरेशन छोड़कर एशियन फुटबॉल कॉन्फेडरेशन की सदस्यता ली। इसके पीछे एक बड़ा कारण वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन का रास्ता था। ओशिनिया की टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए इंटर-कॉन्टिनेंटल प्लेऑफ खेलना पड़ता था, जबकि एशिया के पास सीधे क्वालिफिकेशन के ज्यादा मौके थे। क्या भविष्य में खेल सकते हैं- एशियन फुटबॉल कॉन्फेडरेशन की सदस्यता का मतलब एशियन गेम्स खेलने का अधिकार नहीं है। एशियन गेम्स ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के तहत होते हैं। मौजूदा OCA जनरल असेंबली में ऑस्ट्रेलिया शामिल नहीं है। फिर भी ऑस्ट्रेलिया के लिए एक उदाहरण मौजूद है। OCA ने ओशिनिया के देशों को अतिथि के रूप में अपने आयोजनों में शामिल किया है। 2025 एशियन विंटर गेम्स में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को अतिथि राष्ट्रीय ओलिंपिक समितियों के रूप में जगह मिली थी। इसके पीछे सिर्फ खेल नहीं, बाजार भी एक वजह हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया फुटबॉल के जरिए पहले ही एशियाई खेल बाजार से जुड़ा है। 2026 एआईची-नागोया एशियन गेम्स के लिए 9,305 मीडिया और ब्रॉडकास्टिंग प्रतिनिधियों की पुष्टि हुई है, जिनमें 23 राइट्स होल्डिंग ब्रॉडकास्टर्स शामिल हैं।
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