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फिजिकल हेल्थ- देश में बढ़ रहे स्क्रब टाइफस के मामले:कैसे फैलता है ये संक्रमण, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, बचाव और सावधानियां

हाल के दिनों में देश के अलग-अलग राज्यों से ‘स्क्रब टाइफस’ के कई मामले दर्ज किए गए हैं। स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जो संक्रमित चिगर के काटने से होता है। चिगर घास-झाड़ियों वाले इलाकों में पाया जाने वाला एक छोटा कीड़ा होता है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, दुनिया में हर साल करीब 10 लाख लोग स्क्रब टाइफस से संक्रमित होते हैं। शुरुआत में स्क्रब टाइफस के लक्षण सामान्य वायरल या डेंगू जैसे लग सकते हैं। लेकिन इलाज में देरी होने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में स्क्रब टाइफस के बारे में जानना बेहद जरूरी है। इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में स्क्रब टाइफस के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. आशीष मेहरोत्रा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर आगे बढ़ने से पहले आइए देश के अलग-अलग राज्यों में फैल रहे स्क्रब टाइफस के आंकड़ों पर एक नजर डाल लेते हैं। सवाल- स्क्रब टाइफस क्या है और यह क्यों होता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- यह बीमारी किन इलाकों में ज्यादा देखने को मिलती है? जवाब- स्क्रब टाइफस बीमारी आमतौर पर घास, झाड़ियों, खेतों और जंगल जैसे इलाकों में ज्यादा होती है। किन जगहों पर इसका रिस्क ज्यादा होता है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- यह बैक्टीरिया इंसानों तक कैसे पहुंचता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- स्क्रब टाइफस के शुरुआती लक्षण क्या हैं? जवाब- इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या इसके अलावा कोई और लक्षण है, जो सिर्फ इस बैक्टीरिया के काटने पर दिखता है? जवाब- इसके अलावा एक खास संकेत भी है- ‘एस्चर’ यानी पपड़ी। जिस जगह पर संक्रमित चिगर ने काटा हो, वहां काले रंग की पपड़ी या घाव जैसा निशान बन सकता है। हालांकि, हर मरीज में एस्चर दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। सवाल- अगर एस्चर या पपड़ी न हो तो कैसे पता चलेगा कि यह स्क्रब टाइफस है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- डॉक्टर स्क्रब टाइफस का पता लगाने के लिए कौन से टेस्ट करते हैं? जवाब- स्क्रब टाइफस की जांच के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षण और मेडिकल हिस्ट्री देखने के साथ कुछ ब्लड टेस्ट करा सकते हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए- IgM ELISA (एंजाइम-लिंक्ड इम्यूनोसॉरबेंट एसे) टेस्ट: स्क्रब टाइफस के खिलाफ बनी IgM (इम्युनोग्लोबुलिन एम) एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए किया जाता है। IFA (इम्यूनोफ्लोरोसेंट एसे) टेस्ट: स्क्रब टाइफस की एंटीबॉडी की जांच करता है और इसे रेफरेंस स्टैंडर्ड माना जाता है। PCR (पॉलीमरेज चेन रिएक्शन) टेस्ट: ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी के जेनेटिक मटेरियल की पहचान करता है। यह बीमारी के शुरुआती चरण में खासतौर पर उपयोगी हो सकता है। CBC (कंप्लीट ब्लड काउंट), लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट: डॉक्टर संक्रमण की गंभीरता का पता लगाने के लिए ये टेस्ट भी करा सकते हैं। केवल एक टेस्ट से बीमारी का पता नहीं चलता। डॉक्टर लक्षण, बीमारी की अवधि और टेस्ट रिपोर्ट को देखकर इसकी पुष्टि करते हैं। सवाल- अगर समय पर इलाज न मिले तो क्या स्क्रब टाइफस खतरनाक हो सकता है? जवाब- ‘यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ के मुताबिक, समय पर इलाज न मिलने पर स्क्रब टाइफस गंभीर हो सकता है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- स्क्रब टाइफस का इलाज क्या है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- ध्यान रखें, बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक शुरू या बंद न करें। सवाल- इलाज शुरू होने के बाद कितने समय में लक्षणों में सुधार आता है? जवाब- आमतौर पर 24-48 घंटे में बुखार और दूसरे लक्षणों में सुधार दिखने लगता है। हालांकि, पूरी तरह ठीक होने में 3-7 दिन लग सकते हैं। सवाल- स्क्रब टाइफस का रिस्क किन लोगों को ज्यादा होता है? जवाब- इसका रिस्क किसी खास व्यक्ति को नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति को हो सकता है, जो किसी भी कारण से संक्रमित चिगर के संपर्क में आया हो। डिटेल ग्राफिक में देखिए– सवाल- स्क्रब टाइफस से बचने के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं? जवाब- इससे बचाव का सबसे जरूरी तरीका संक्रमित चिगर माइट के संपर्क से बचना है। खासकर घास, झाड़ियों और घनी वनस्पति वाले इलाकों में जाते समय शरीर को ढककर रखें। साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखें- सवाल- स्क्रब टाइफस में मरीज की डाइट कैसी होनी चाहिए? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- स्क्रब टाइफस से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब सवाल- क्या स्क्रब टाइफस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है? जवाब- नहीं, यह आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। सवाल- क्या पालतू जानवरों से स्क्रब टाइफस फैल सकता है? जवाब- नहीं, स्क्रब टाइफस पालतू जानवरों से सीधे तौर पर इंसानों में नहीं फैलता है। लेकिन ये जानवर संक्रमण का एक अप्रत्यक्ष माध्यम बन सकते हैं। सवाल- क्या स्क्रब टाइफस दोबारा हो सकता है? जवाब- हां, दोबारा संक्रमण संभव है, क्योंकि बैक्टीरिया के अलग-अलग स्ट्रेन से दोबारा संक्रमण हो सकता है। सवाल- क्या स्क्रब टाइफस जानलेवा हो सकता है? जवाब- हां, समय पर इलाज न मिलने पर ऑर्गन फेल्योर का रिस्क होता है। सवाल- क्या स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए कोई वैक्सीन है? जवाब- फिलहाल स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। सवाल- क्या तेज बुखार में खुद से एंटीबायोटिक लेना सही है? जवाब- नहीं, तेज बुखार के कई कारण हो सकते हैं। एंटीबायोटिक डॉक्टर की सलाह और सही जांच के आधार पर ही लें। ***************** ग्राफिक्स- विपुल शर्मा ………………… फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- कमर में दर्द को इग्नोर न करें: हो सकता है एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके कमर दर्द की शिकायत बहुत कॉमन है। ज्यादातर लोग इसे थकान, गलत पोस्चर या बढ़ती उम्र का असर मान लेते हैं। लेकिन अगर यह दर्द बार-बार हो रहा है और कई महीनों से बना हुआ है तो यह एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस (AS) हो सकता है। पूरी खबर पढ़िए…

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नितिन नवीन BJP की सोशल मीडिया वर्कशॉप में शामिल हुए:दावा- राहुल गांधी को जवाब देने और डिजिटल पहुंच बढ़ाने पर चर्चा

दिल्ली के बीजेपी मुख्यालय में रविवार को पार्टी की नेशनल सोशल मीडिया वर्कशॉप हुई। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक पार्टी सूत्रों ने बताया कि वर्कशॉप में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के सोशल मीडिया नैरेटिव का जवाब देने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही बैठक में पीएम मोदी के काम को लोगों तक पहुंचाने और सदस्यता अभियान से जुड़े मुद्दों पर भी बात हुई। दीपक म्हास्के ने बताई वर्कशॉप की अहमियत भाजपा सोशल मीडिया संयोजक दीपक म्हास्के ने कहा कि वर्कशॉप से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंच को प्रभावी बनाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि बैठक ने संगठन के डिजिटल प्रयासों को नई दिशा दी। साथ ही, आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में संगठन, संवाद और तकनीक के तालमेल से जनसेवा के संकल्प को मजबूत करने पर जोर दिया गया। वर्कशॉप से नए विचार और नजरिए भी सामने आए। भारत के चुनावों में सोशल मीडिया 2014 से शुरुआत: 2014 के चुनावों से सोशल मीडिया प्रचार का बड़ा हथियार बना, जहाँ नेताओं ने भाषणों के साथ-साथ फेसबुक और ट्विटर का जमकर इस्तेमाल किया। सीधा फोन तक पहुंच: अब पार्टियां सिर्फ बड़े मंचों पर नहीं, बल्कि व्हाट्सएप और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के जरिए सीधे लोगों की जेब तक पहुंच रही हैं। झूठी खबरों और डीपफेक की चुनौती: डिजिटल प्रचार बढ़ने के साथ फर्जी खबरें और नकली वीडियो रोकना सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है। सख्त होते नियम: गलत प्रचार रोकने के लिए चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर भी आचार संहिता और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… भाजपा बोली- कांग्रेस जोकरों की पार्टी बनी:शिक्षा मंत्री बोले- PM की मां का अपमान किया, राहुल के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर विवाद राहुल गांधी के इंदौर में हुए कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ पर विवाद हो गया है। BJP ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में पीएम मोदी की मां का अपमान किया गया। पूरी खबर पढ़ें…

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Asian Games 2026: हिमांशु, पार्थ और रुद्रांकक्ष ने 10m एयर राइफल टीम इवेंट में जीता सिल्वर

Asian Games 2026 India Medal: एशियन गेम्स के दूसरे दिन भारत को शूटिंग में एक और सिल्वर मेडल मिला। इस बार हिमांशु, पार्थ और रुद्रांकक्ष ने 10m एयर राइफल टीम इवेंट में सिल्वर जीता। Mon, 21 Sep 2026 08:00:49 +0530

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Breaking News: योगी मॉडल पर मौलाना साजिद रशीदी का बड़ा बयान | Maulana Sajid Rashidi | UP Election #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-21T02:46:16+00:00

Latest News Today | फटाफट अंदाज में देखिए आज की ताजा खबरें | Breaking News | 21 September 2026 #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-21T02:45:19+00:00
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