सलमान का मजाक उड़ाते दिखे सोनू निगम, अब दी सफाई:वायरल क्लिप को कहा फर्जी, बोले- मैं पाकिस्तानी बच्ची की सिंगिंग देखकर रो पड़ा था
बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम का एक एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे टीवी पर 'मैं हूं हीरो तेरा' गाना गा रहे सलमान खान की गायकी का मजाक उड़ाते दिख रहे हैं। इस क्लिप में सोनू सिर पकड़ते और कहते नजर आ रहे हैं कि ऐसी सिंगिंग सुनकर वे रो पड़ेंगे। वीडियो पर विवाद बढ़ता देख सोनू निगम ने खुद इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करके इस वायरल वीडियो का सच सामने रखा है। उन्होंने साफ किया कि इंटरनेट पर कुछ भी दिखाया जा सकता है और यह वीडियो एडिट करके बनाया गया है। असल में वे किसी का मजाक नहीं उड़ा रहे थे, बल्कि एक पाकिस्तानी बच्ची की गायकी से प्रभावित होकर रो पड़े थे। पाकिस्तानी बच्ची हादिया हाशमी के लिए था ओरिजिनल वीडियो सोनू निगम ने स्पष्ट किया कि जिस वीडियो को सलमान खान से जोड़कर शेयर किया जा रहा है, वह साल 2020 का है। उस समय एक्टर जावेद जाफरी ने सोनू को नेसकैफे बेसमेंट के गाने 'बोल हू' का एक वीडियो भेजा था, जिसमें छोटी बच्ची हादिया हाशमी ने आलाप गाया था। हादिया की गायकी सुनकर सोनू इतने भावुक हो गए थे कि उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। उसी दौरान उन्होंने बच्ची की तारीफ में एक वीडियो बनाकर शेयर किया था। अब कुछ लोगों ने उस पुराने वीडियो को सलमान खान के टीवी पर दिए परफॉर्मेंस के साथ एडिट करके वायरल कर दिया। सिंगर अनीश मैथ्यूज ने भी बताई ओरिजिनल क्लिप की सच्चाई सोनू निगम के स्पष्टीकरण वाले पोस्ट पर सिंगर अनीश मैथ्यूज ने भी कमेंट करके एडिटेड वीडियो की सच्चाई की पुष्टि की। अनीश ने लिखा कि उन्हें अच्छी तरह याद है कि सोनू जी का यह रिएक्शन 'नेस्कैफे बेसमेंट' के गाने 'बोल हू' में छोटी बच्ची हादिया हाशमी के आलाप पर था। अन्य यूजर्स ने भी लिखा कि इंटरनेट पर व्यूज और ट्रोलिंग के लिए किसी भी वीडियो का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। 'मैं हूं हीरो तेरा' गाने के क्रेडिट को लेकर शुरू हुआ था विवाद यह पूरा मामला सलमान खान फिल्म्स (SKF) के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ। मेकर्स ने फिल्म 'हीरो' के 10 साल पूरे होने पर सलमान के गाए गाने 'मैं हूं हीरो तेरा' को लेकर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक का नाम नहीं लिखा था। अमाल ने सोशल मीडिया पर क्रेडिट न मिलने पर अपनी नाराजगी जताई थी। हालांकि बाद में मेकर्स ने पोस्ट को एडिट करके अमाल का नाम शामिल कर लिया था। लेकिन इसके बाद सलमान के फैंस ने अमाल और उनके भाई अरमान मलिक को ट्रोल करना शुरू कर दिया था। ये खबर भी पढ़ें सलमान से विवाद के दावों पर अमाल मलिक की सफाई:कहा- निशाना सलमान नहीं, उनकी प्रोडक्शन टीम पर है; सॉन्ग क्रेडिट न देने का आरोप लगाया था अमाल मलिक ने क्रेडिट विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस पर निशाना साधा था, जिसके बाद लोग ये कहते हुए उनकी आलोचना करने लगे कि वह फिल्मों में ब्रेक देने वाले सलमान के खिलाफ बयान दे रहे हैं। अब अमाल ने कहा है कि उनका निशाना, सलमान नहीं बल्कि उनके प्रोडक्शन की टीम है। अमाल ने कहा कि मेहनत को कमतर दिखाने का हक किसी को नहीं है। पूरी खबर पढ़ें सलमान के खिलाफ भाई अमाल के सपोर्ट में उतरे अरमान:कहा- हक के लिए लड़ना जरूरी, फिल्म हीरो के गाने में क्रेडिट न दिए जाने पर विवाद कुछ दिनों पहले सिंगिंग से ब्रेक लेने वाले अरमान मलिक ने हाल ही में सलमान खान और उनके प्रोडक्शन के खिलाफ कई पोस्ट किए। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें प्रोडक्शन की हालिया पोस्ट में फिल्म हीरो के गाने में क्रेडिट नहीं दिया गया। पूरी खबर पढ़ें
स्वरा भास्कर बोलीं- 'राम जन्मभूमि फैसले से दुखी हुई थी':आमिर, शाहरुख और सलमान खान को मैसेज कर मांगी थी माफी
एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने हाल ही में कहा कि साल 2019 के अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वो बहुत दुखी थीं। स्वरा ने बताया कि फैसले के बाद उन्होंने अपने मोबाइल पर मौजूद मुस्लिम कॉन्टेक्ट्स को मैसेज कर माफी मांगी थी। दरअसल, द मिडनाइट आवर को दिए इंटरव्यू में स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने अपनी लव स्टोरी पर बात की। दोनों की लव स्टोरी की शुरुआत एक प्रोटेस्ट से हुई थी, जहां दोनों पहली बार मिले थे। इसके बाद दोनों लगातार सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर साथ काम करने लगे। स्वरा ने बताया कि फहाद का काम करने का तरीका उन्हें काफी पसंद आया। इंटरव्यू में स्वरा भास्कर ने कहा, “और फिर राम जन्मभूमि का मुद्दा आया। जब इस मामले में फैसला आया था। मुझे लगता है कि वह भी एक बहुत बड़ा मुद्दा था। उस फैसले से मैं बहुत दुखी थी। मैं सोच रही थी कि यह कैसा देश है और ऐसा फैसला कैसे आ सकता है?” उन्होंने आगे कहा, “मैं उस फैसले से बहुत परेशान थी, क्योंकि मुझे लगा कि यह बहुत गलत और अन्यायपूर्ण था। इसलिए मैंने अपने फोनबुक पर मौजूद अपने सभी मुस्लिम लोगों को मैसेज किया। आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान सर से लेकर फहाद अहमद तक, मैंने सभी को मैसेज किया।” एक्ट्रेस ने यह भी कहा, “मैं बहुत दुखी थी और बस सभी मुस्लिम लोगों तक अपनी बात पहुंचाना चाहती थी। मैं एक हिंदू हूं, लेकिन मैं उन्हें बताना चाहती थी कि मुझे इस बात का सच में अफसोस है। मुझे शर्मिंदगी महसूस हो रही है और मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूं। यह मेरी अपनी सोच है। हालांकि, कुछ लोगों ने जवाब में कहा कि सब ठीक है और मुझे इस तरह का मैसेज करने की जरूरत नहीं है।” इसके बाद स्वरा और फहाद के बीच बातचीत और बढ़ गई। जब भी देश में कोई बड़ा मुद्दा होता, दोनों मिलकर उस पर चर्चा करते थे। 2019 में आया था सुप्रीम कोर्ट का फैसला अयोध्या भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में फैसला सुनाते हुए विवादित 2.77 एकड़ जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए देने का आदेश दिया था। साथ ही मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का निर्देश दिया गया था। स्वरा भास्कर के खिलाफ अवमानना केस की मांग हुई थी वहीं साल 2020 में भी एक्ट्रेस स्वरा भास्कर अयोध्या जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में आई थीं। दरअसल, 1 फरवरी 2020 को मुंबई कलेक्टिव के एक कार्यक्रम में स्वरा ने अयोध्या फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद का विध्वंस गैरकानूनी माना, लेकिन उसी फैसले में मस्जिद गिराने वालों को जमीन दे दी। उन्होंने यह भी कहा था कि देश ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जहां अदालतों के संविधान में विश्वास को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्वरा के इस बयान के खिलाफ अधिवक्ता अनुज सक्सेना ने आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल से मंजूरी मांगी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि स्वरा की टिप्पणी से सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने इस मामले में मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि स्वरा का पहला बयान उनकी अपनी धारणा थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट की संस्था को बदनाम करने या उसकी गरिमा कम करने वाली बात नहीं थी। उन्होंने स्वरा के दूसरे बयान को भी सामान्य और अस्पष्ट बताया। उनके मुताबिक, यह बयान किसी खास अदालत के खिलाफ नहीं था। इसलिए इसे आपराधिक अवमानना का मामला नहीं माना जा सकता। अटॉर्नी जनरल से अनुमति नहीं मिलने के बाद याचिकाकर्ताओं ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी संपर्क किया था। उन्होंने भी इस मामले में सहमति देने से इनकार कर दिया था।
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