वित्तीय रिपोर्ट की निगरानी के लिए सरकार ने शुरू की नई एआई पहल
नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। वित्तीय रिपोर्टों की गुणवत्ता पर नजर रखने और सरकारी कामकाज को तेज करने के लिए सरकार ने एक नई एआई पहल की है। इस पहल का नाम इंडिया एआई फाइनेंशियल रिपोर्टिंग कंप्लायंस चैलेंज रखा गया है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से ऐसे डिजिटल समाधान तैयार करना है, जो वित्तीय रिपोर्टिंग की जांच आसान और तेज बना सकें।
यह पहल नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) और इंडियाएआई की साझेदारी से शुरू की गई है, जिसके तहत एआई आधारित नए विचार और तकनीक विकसित करने के लिए कंपनियों और स्टार्टअप्स को आमंत्रित किया गया है।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए कुल 1.5 करोड़ रुपए का इनाम रखा गया है। वर्चुअल चरण में चुनी गई 10 टीमों को 5-5 लाख रुपए दिए जाएंगे।
इसके अलावा, एक विजेता टीम को एनएफआरए के साथ दो साल का कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है, जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपए तक हो सकती है। इस तकनीक का उपयोग पूरे देश में किया जाएगा।
इस चैलेंज में भारतीय कंपनियां और डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हिस्सा ले सकते हैं। प्रतिभागियों को ऐसा एआई सिस्टम बनाना होगा, जो अलग-अलग तरह की फाइलों से जानकारी निकाल सके और तय नियमों के अनुसार उनकी जांच कर सके।
इस पहल के तहत एआई से तैयार रिपोर्ट यह बताएगी कि वित्तीय नियमों का पालन हुआ है या नहीं। इसके साथ ही जोखिम से जुड़े संकेत, स्वचालित विश्लेषण और एआई आधारित जानकारी देने वाला चैट सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 22 फरवरी 2026 तय की गई है।
पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के एआई स्टार्टअप्स से कहा था कि उनके एआई मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा सुरक्षा पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सस्ती और सबको साथ लेकर चलने वाली एआई तकनीक दुनिया को दे सकता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत के एआई मॉडल अलग पहचान वाले होने चाहिए और इनमें स्थानीय भाषा, संस्कृति और भारतीय सामग्री को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने एआई को समाज में बड़ा बदलाव लाने वाली तकनीक बताया।
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि भारत अगले महीने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की मेजबानी करेगा, जिससे तकनीक के क्षेत्र में भारत की भूमिका और मजबूत होगी।
पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स और एआई उद्यमी भारत के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत के पास नए विचारों के साथ-साथ उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने की भी पूरी क्षमता है।
--आईएएनएस
डीबीपी/वीसी
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सुप्रीम कोर्ट ने I-PAC रेड पर ममता सरकार को लगाई फटकार, कहा-'यह चिंता की बात है'; ED ने की CBI जांच की मांग
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के ऑफिस और प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी विवाद की गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान शीर्ष अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए ममता सरकार को राहत नहीं दी. मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच में कहा कि, हम नोटिस जारी कर रहे हैं. यह गंभीर मामला है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, हम इस मामले की सुनवाई करेंगे. शीर्ष अदालत ने कहा कि ये चिंता की बात है कि हाईकोर्ट को सुनवाई नहीं करने दी गई.
ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है CBI जांच की मांग
बता दें कि केंद्रीय एजेंसी (ED) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, कोलकाता के पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा और दक्षिण कोलकाता के डिप्टी कमिश्नर प्रियबत्रा रॉय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की है. बता दें कि इससे पहले बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी की ओर से दायर मामले को खारिज कर दिया.
ईडी ने की प्रमुख पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग
इसके साथ ही प्रदर्वतन निदेशालय ने इस मामले सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट में एक और नई अर्जी दाखिल की. जिसमें जांच एजेंसी ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार को सस्पेंड करने की मांग की है. इसके साथ ही केंद्रीय एजेंसी ने अपनी अर्जी में पश्चिम बंगाल पुलिस के सीनियर अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की है. इस अर्जी में एजेंसी ने जांच के दौरान गलत व्यवहार और सहयोग न करने का भी आरोप लगाया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश देने की मांग की है.
जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 8 जनवरी को प्रवर्तन निदेशायल (ED) ने कोलकाता के साल्ट लेक में I-PAC के दफ्तर और दक्षिण कोलकाता में लाउडन स्ट्रीट पर प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की. प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंचीं. जहां से वे जरूरी फाइलें उठाकर अपने साथ ले गईं. इसके साथ ही जांच एजेंसी दावा किया कि इस दौरान सीएम ने जांच में रुकावट डाली, सबूत नष्ट किए और जरूरी डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों को छीन लिया. इसके साथ ही उन्होंने ईडी के अधिकारियों को धमकी भी दी.
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