Responsive Scrollable Menu

IGNOU Mega Placement Drive 2026: 17-18 सितंबर को मेगा प्लेसमेंट, Axis Bank समेत इन कंपनियों में नौकरी का मौका

IGNOU Placement Drive 2026: नौकरी की तलाश कर रहे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के छात्रों और पूर्व छात्रों के लिए अच्छी खबर है। IGNOU का कैंपस प्लेसमेंट सेल (CPC) 17 और 18 सितंबर 2026 को दो दिवसीय मेगा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करने जा रहा है। इस ड्राइव में बैंकिंग, ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स और HR समेत कई सेक्टर की कंपनियां उम्मीदवारों को नौकरी के अवसर देंगी।

IGNOU Mega Placement Drive 2026: 17-18 सितंबर को लगेगा रोजगार मेला
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) का कैंपस प्लेसमेंट सेल 17 और 18 सितंबर को मेगा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित करेगा। इस रोजगार मेले का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और Axis Bank Sales Academy (ASA) के सहयोग से किया जा रहा है।

इस प्लेसमेंट ड्राइव का उद्देश्य दिल्ली-NCR में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसमें अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां हिस्सा लेंगी। इच्छुक उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए IGNOU के मैदान गढ़ी कैंपस पहुंचना होगा।

कहां और कितने बजे होगा प्लेसमेंट?
मेगा प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन नई दिल्ली के मैदान गढ़ी स्थित IGNOU कैंपस के बी.आर. अंबेडकर कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। उम्मीदवारों की रिपोर्टिंग सुबह 10 बजे से शुरू होगी।

इस ड्राइव में IGNOU के वर्तमान छात्रों के साथ-साथ पूर्व छात्र भी हिस्सा ले सकते हैं। यह प्लेसमेंट खास तौर पर BCom, BBA, MCom और BSc जैसे कोर्स से जुड़े ग्रेजुएट, अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डिप्लोमा होल्डर्स के लिए उपयोगी है।

किन कंपनियों में मिल सकती है नौकरी?
प्लेसमेंट ड्राइव में अलग-अलग कंपनियों के कई पद शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कुछ प्रमुख अवसर इस प्रकार हैं-
Axis Bank: Voice Process में फ्रेशर्स और अनुभवी उम्मीदवारों को ₹25 हजार प्रति माह तक का पैकेज मिल सकता है।
Samsung: Sales Executive पद पर फ्रेशर्स को करीब ₹22 हजार और अनुभवी उम्मीदवारों को ₹25 हजार तक इन-हैंड सैलरी के साथ इंसेंटिव का मौका मिलेगा। iEnergizer: Air India Voice Process में एक साल का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों के लिए ₹30 हजार CTC तक का अवसर है।

Cogent E-Services: Health Insurance Calling के पद पर उम्मीदवारों को ₹35 हजार तक सैलरी और इंसेंटिव मिल सकता है।
Tata Play Fiber: Customer Support पद पर फ्रेशर्स को ₹22 हजार और अनुभवी उम्मीदवारों को ₹26 हजार तक वेतन मिल सकता है।

Axis Bank में 200 से ज्यादा पदों पर मौका
17 सितंबर को Axis Bank के Learn-Earn-Grow Program के तहत Officer Sales के 200 से ज्यादा पदों के लिए भर्ती की जाएगी। इसमें उम्मीदवारों को Field Sales और Customer Acquisition से जुड़े काम की जिम्मेदारी दी जाएगी।

दिल्ली-NCR में उम्मीदवारों की पोस्टिंग उनके घर से करीब 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में करने की बात कही गई है। इस पद के लिए सालाना ₹2.3 लाख CTC है। इसके अलावा मेडिकल बेनिफिट्स और प्रदर्शन के आधार पर ₹5 हजार से ₹60 हजार तक इंसेंटिव मिलने का अवसर भी है।

प्लेसमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
IGNOU मेगा प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को पहले IGNOU की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए QR Code के जरिए Advance Registration करना होगा।

इंटरव्यू के दिन उम्मीदवारों को अपने साथ जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचना होगा। इनमें-

  • Updated Resume/CV की कई कॉपियां
  • मूल सरकारी पहचान पत्र
  • हालिया पासपोर्ट साइज फोटो
  • शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की फोटोकॉपी
  • अनुभव प्रमाणपत्रों की फोटोकॉपी, यदि लागू हो शामिल हैं।

छात्रों के लिए रोजगार का अच्छा अवसर
IGNOU का यह मेगा प्लेसमेंट ड्राइव उन छात्रों और पूर्व छात्रों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो पढ़ाई के साथ नौकरी या ग्रेजुएशन के बाद रोजगार की तलाश में हैं। खास बात यह है कि इसमें फ्रेशर्स के साथ अनुभवी उम्मीदवारों के लिए भी अलग-अलग कंपनियों और पदों पर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

Continue reading on the app

Diwali 2024: दीवाली पर मन-जीवन के आंगन में जगमग दीप जलाएं, दूर करें मन का अंधियारा

Diwali 2024: जब-जब दीपावली का पर्व आता है, श्रीराम की अयोध्या वापसी का दृश्य स्मृति में जीवंत हो उठता है और मुझे अपना एक गीत याद हो आता है।
दीप घर-घर जले हैं अवध में पिया,
आज लौटे अयोध्या में रघुवर-सिया।

ऐसा इसलिए भी कि दीपावली त्योहार का संबंध इसी से है। वैसे दीपावली सबके लिए अलग-अलग अर्थ भी रखती है। सुख-दुख के नाना झंझटों में घिरा हुआ मन भी तीज-त्योहार पर खुशियां मना लेता है। दशहरा विजय पर्व है तो दीपावली दीप पर्व... प्रकाशपर्व। विजया दशमी के साथ ही जैसे दीपावली का उल्लास सिर पर चढ़ने लगता है। शरद की रातें सुहावनी होने लगती हैं। लिहाजा मन में उल्लास और तन में स्फूर्ति दुगनी हो उठती है। कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाने वाली दीपावली यों तो भारत का प्रमुख त्योहार है किंतु जहां-जहां हिंदू समुदाय और भारत के लोग हैं, वे इस त्योहार को भारतीय रीति के अनुसार बढ़-चढ़कर मनाते हैं।

जीवन-संस्कृति में व्याप्त हैं राम
कहते हैं, विजया दशमी के दिन श्रीराम ने रावण पर विजय पाई थी। इस विजय को एक रूपक के रूप में हम बुराई पर विजय के रूप में लेते हैं। वैसे रामकथा पूरे विश्व में व्याप्त है। थोड़े-थोड़े अंतर से यह कथा ना केवल आज विश्वव्यापी जनसंस्कृति का हिस्सा बन गई है वरन साहित्य में भी रामकथा का व्यापक प्रभाव देखा जाता है। श्रीराम, रावण का वध कर अयोध्या लौटे हैं तो उत्सव क्यों ना मने! जब हमारी पूरी संस्कृति ही राममय है, लोक में, संस्कार में, गीतों में, आख्यानों में राम ही राम समाए हुए हैं।

ये भी पढ़ें: दिवाली और धनतेरस पर करें कुबेर देव की विशेष पूजा, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

सोहर, विवाहगीत, ज्योनार, परछन, शादी-ब्याह, पुत्र जन्म आदि कौन-सा अवसर ऐसा है कि जो राम के उल्लेख के बिना पूरा होता है। वे हमारी जीवन-संस्कृति में इस कदर समाए हैं कि गोपियां, उद्धव को विदा करते हुए श्रीकृष्ण को राम-राम कहना नहीं भूलतीं यानी नमस्कार करना, रामजोहार करना। इसलिए कि राम-राम केवल राम का नाम-स्मरण ही नहीं, धीरे-धीरे लोक में वह नमस्कार का एक पर्याय भी बनता गया। गोपियां कहती हैं, ‘नाम को बताई और जतार्इ ग्राम ऊधो बस/स्याम सों हमारी रामराम कहि दीजियो।’ 

शास्त्रीय-पौराणिक मान्यताएं
दीपावली का संबंध मुख्यत: श्रीराम की अयोध्या वापसी से है। अयोध्यावासियों ने श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के बनवासोपरांत अयोध्या वापसी पर सब जगह मिट्टी के दीए जलाकर उत्सव मनाया था। यही उत्सव कालांतर में दीपावली कहलाने लगा। अयोध्यावासियों ने इस प्रसन्नता की अभिव्यक्ति के लिए घी के दीपक जलाकर श्रीराम का स्वागत किया था। इसीलिए इस दिन यानी कार्तिक की अमावस्या तिथि को दीपोत्सव के रूप में मनाया जाने लगा। कहा जाता है कि दीपावली के दिन देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर विराजती हैं, इसलिए लक्ष्मी के स्वागत में भी दीप जलाने का विधान है। इसलिए यह पर्व श्रीराम के स्वागत के निमित्त ही नहीं बल्कि धन-धान्य की देवी लक्ष्मी के पूजन का त्योहार भी बन गया है। 

पौराणिक कथानुसार, समुद्र मंथन में निकले 14 रत्नों  में एक देवी लक्ष्मी भी थीं, इसलिए कार्तिक की अमावस्या को उनके प्रकटीकरण पर उनके स्वागत एवं पूजन की परंपरा विकसित हुई। इस तरह दीपावली सदियों से मनाई जा रही है। पद्मपुराण और स्कंद पुराण में भी इसका उल्लेख मिलता है। पुराणों के अनुसार दीपावली के दीप, सूर्य देवता के प्रतीक हैं। एक अन्य अर्थ में इसे प्रकाशपर्व माना जाता है, क्योंकि दीप जलाना, भौतिक रूप से उजाला तो करना ही है किंतु दीप जलाने का गूढ़ प्रतीकात्मक अर्थ भीतरी अंधकार और अज्ञान से मुक्ति भी है। ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय।’ या ‘अप्प दीपोभव’ इसी आंतरिक उजाले का पर्याय है। 

पंचपर्वों की श्रंखला
दीपावली का यह प्रकाश पर्व पूरे पांच दिन के उत्सवी रंगों में डूबा रहता है। धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज। धनतेरस से आरंभ हुआ यह सिलसिला भाई दूज तक ही नहीं, देव दीपावली तक चलता है, जब कार्तिक की पूर्णिमा को समस्त देवता काशी के घाट पर गंगा किनारे मिलकर दीपावली मनाते हैं। इसीलिए दीपावली महापर्व के रूप में मनाया जाता है।

बदल गया है दीपावली का स्वरूप
यह जन-जन के मन का उल्लास है कि श्रीराम के अयोध्या शुभागमन का यह पावन पर्व अब जन-जन की इच्छा का भी पर्व बन गया है। यह उपहारों के लेन-देन का अवसर भी बन गया है। पर्वों पर मिठाइयां, नमकीन, छप्पन भोग परोसने वाले अपने भारत देश में कोई भी त्योहार बिना पकवान के नहीं मनाया जाता, जिसमें सब शामिल होते हैं। उत्सवता का बोल-बाला बढ़ गया है। बाजार झालरों से सजे हैं। मोमबत्तियों का दौर है यह, नकली बिजली की झालरों का भी युग है। बेचारे कुम्हारों को कौन पूछता है। गांव में चारागाह और तालाब पट गए। कहां से दीप बनाने की मिट्टी मिले। फिर भी कुम्हार साल भर इसी त्योहार की बाट जोहते हैं कि यह पर्व आए और उनके दीप और मिट्टी के बर्तनों की बिक्री हो। पर अब शुभ के लिए थोड़े दीए भले जला लिए जाएं पर बाकी जगहों पर मोमबत्तियां ही जलाई जाती हैं। झालरों ने घरों की सजावट को अधुनातन रूप दिया है।

दूर करें मन का अंधियारा
दीपावली हर साल आती है। हर साल हम दीप जलाकर पसरे अंधकार को भगाने का यत्न करते हैं। लेकिन अंधेरा है कि दूर होने का नाम नहीं लेता। ध्यान से देखें तो विज्ञान का उजाला तो हमने बहुत कर लिया पर अज्ञान, अधर्म, पाखंड, अंधविश्वास के अंधेरे को हम अभी भी नहीं मिटा सके। वह अंधेरा अभी भी हमारे आस-पास व्याप्त है। जहां वेद, पुराणों, उपनिषदों, महाभारत और रामायण जैसे आदि ग्रंथो में ज्ञान का प्रवाह लहराता मिलता हो, उस भारत में अभी भी बड़ी आबादी अल्पशिक्षित है, वंचित है।

आइए! दीपावली के इस महाप्रकाश पर्व में भीतर-बाहर सभी जगह से अंधकार और अज्ञान को मिटाने के लिए हम सब आगे आएं और लक्ष्मी को ऊंचा आसन देते, उनकी अर्चना करते हुए मन ही मन सरस्वती का सम्मान करना ना भूलें, जिससे वास्तव में समाज में व्याप्त जड़ता और अज्ञान पर प्रहार हो। हमारा समाज, हमारी संस्कृति और सभ्यता वास्तविक उजाले में रोशन हो सके और वैर, द्वेष के बजाय प्रेम की रोशनी धरा पर फैल जाए-

  • चलो कि टूटे हुओं को जोड़ें, जमाने से रूठे हुओं को मोड़ें
  • अंधेरे में इक दिया तो बालें, हम आंधियों का गुरूर तोड़ें
  • धरा पे लिख दें हवा से कह दें, है महंगी नफरत औ’ प्यार सस्ता।

(लेखक डॉ. ओम निश्चल हिंदी के कवि, आलोचक और भाषाविद हैं) 

Continue reading on the app

  Sports

Video: एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग खेल में दो सिल्वर मेडल जीतने के बाद क्या बोले हिमांशु?

एक शूटर 2026 एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने पर विचार करता है, जो उसका पहला व्यक्तिगत वरिष्ठ पदक है. वह शीर्ष चीनी विरोधियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा, अपने और परिवार के लिए उपलब्धि के महत्व और मेजबानी के सकारात्मक अनुभव पर चर्चा करता है। वह भविष्य में स्वर्ण की इच्छा व्यक्त करता है, इस सफलता से मिले आत्मविश्वास को उजागर करता है. Tue, 22 Sep 2026 18:47:53 +0530

  Videos
See all

UP Crime: पंखिया गैंग के सरगना समेत 6 गिरफ्तार, पाप के बाद करते थे 'पुण्य'! | UP Police | Latest #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-22T13:15:06+00:00

Disha Salian Case News Live: Aditya Thackeray होंगे गिरफ्तार? | Sushant Singh Rajput Case | Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-22T13:08:33+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers