Bike Comparison: नई पल्सर 150 या होंडा यूनिकॉर्न; जानें कीमत और फीचर्स में कौन बेस्ट?
Bike Comparison: बजाज ऑटो ने अपनी लोकप्रिय पल्सर 150 को 25वीं सालगिरह के मौके पर बड़े अपडेट के साथ पेश किया है। नई पल्सर 150 में डिजाइन से लेकर इंजन, चेसिस और फीचर्स तक कई बदलाव किए गए हैं। हालांकि, इस मोटरसाइकिल का मुकाबला सिर्फ दूसरी पल्सर से नहीं है, बल्कि होंडा यूनिकॉर्न जैसी लोकप्रिय 160cc कम्यूटर बाइक से भी है।
दोनों मोटरसाइकिलें उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, जो रोजाना इस्तेमाल के लिए आरामदायक बाइक चाहते हैं और 125cc कम्यूटर मोटरसाइकिल से बेहतर परफॉर्मेंस की उम्मीद रखते हैं। हालांकि, दोनों का फोकस अलग है। पल्सर 150 स्पोर्टी डिजाइन और ज्यादा टेक्नोलॉजी के साथ आती है, जबकि यूनिकॉर्न आराम, सादगी और रिफाइनमेंट पर ज्यादा जोर देती है।
डिजाइन: पल्सर 150 ज्यादा स्पोर्टी
डिजाइन के मामले में दोनों मोटरसाइकिलों का लुक काफी अलग है। होंडा यूनिकॉर्न का डिजाइन सिंपल और प्रीमियम रखा गया है। इसमें लंबा बॉडी प्रोफाइल, बड़ा फ्यूल टैंक और साफ-सुथरा फ्रंट डिजाइन मिलता है। LED हेडलैंप और डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल के बावजूद इसका ओवरऑल डिजाइन काफी सादा है।
वहीं नई पल्सर 150 को ज्यादा मस्कुलर और स्पोर्टी लुक दिया गया है। इसमें पल्सर का सिग्नेचर फ्यूल टैंक डिजाइन बरकरार है, लेकिन नई डिटेलिंग और LED हेडलैंप इसे पहले से ज्यादा आधुनिक बनाते हैं। बजाज ने मूल पल्सर डिजाइन को पूरी तरह बदलने के बजाय उसे मॉडर्न बनाने की कोशिश की है।
एर्गोनॉमिक्स और वजन
कागज पर होंडा यूनिकॉर्न का वजन नई पल्सर 150 से थोड़ा कम है। यूनिकॉर्न का वजन करीब 139 किलोग्राम है, जबकि नई पल्सर 150 का कर्ब वेट करीब 141 किलोग्राम बताया गया है।
यूनिकॉर्न में 798 मिमी की सीट ऊंचाई, 1,335 मिमी का व्हीलबेस और 187 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है। दूसरी ओर, पल्सर 150 की सीट ऊंचाई करीब 785 मिमी है।
यूनिकॉर्न में लंबी सीट और सीधी राइडिंग पोजिशन मिलती है, जिससे यह रोजाना लंबी दूरी और कम्यूटर इस्तेमाल के लिए आरामदायक महसूस होती है। पल्सर में भी आरामदायक राइडिंग पोजिशन है, लेकिन फुटपेग और हैंडलबार की स्थिति इसे थोड़ा ज्यादा स्पोर्टी बनाती है। कम सीट ऊंचाई के कारण छोटे कद वाले राइडर्स के लिए पल्सर को संभालना आसान हो सकता है।
इंजन: पल्सर में ज्यादा पावर, यूनिकॉर्न में ज्यादा टॉर्क
इंजन के मामले में दोनों मोटरसाइकिलों के आंकड़े काफी दिलचस्प हैं। होंडा यूनिकॉर्न में 162.71cc सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 7,500 rpm पर 13 BHP और 5,250 rpm पर 14.8 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसे 5-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है।
नई बजाज पल्सर 150 में 149.5cc इंजन दिया गया है। यह 8,000 rpm पर 13.8 BHP और 6,500 rpm पर 14.1 Nm का टॉर्क देता है। यानी पल्सर की पीक पावर थोड़ी ज्यादा है, जबकि यूनिकॉर्न का पीक टॉर्क ज्यादा है और कम rpm पर उपलब्ध होता है।
बजाज ने नई पल्सर में इंजन और गियरबॉक्स में बदलाव किए हैं। कंपनी के मुताबिक, 3,000 rpm पर ही पीक टॉर्क का करीब 85 फीसदी उपलब्ध हो जाता है। इससे शहर के रुक-रुक कर चलने वाले ट्रैफिक में बाइक चलाना आसान हो सकता है।
फीचर्स: पल्सर 150 को बड़ी बढ़त
फीचर्स के मामले में नई पल्सर 150 और यूनिकॉर्न के बीच बड़ा अंतर देखने को मिलता है। यूनिकॉर्न में डिजिटल LCD इंस्ट्रूमेंट पैनल, LED हेडलैंप, 15W USB-C चार्जिंग, मोनोशॉक सस्पेंशन, साइड-स्टैंड इंजन कट-ऑफ और ABS जैसे फीचर्स मिलते हैं।
नई पल्सर 150 इससे आगे जाती है। इसके अलग-अलग वेरिएंट में 5-इंच कलर LCD या 5-इंच TFT डिस्प्ले दिया गया है। इसमें ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और टॉप वेरिएंट में Google Maps मिररिंग के साथ ब्लूटूथ और वाई-फाई कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स मिलते हैं।
TFT डिस्प्ले पर कॉल और मैसेज अलर्ट, म्यूजिक कंट्रोल, गियर पोजिशन, फ्यूल की जानकारी और राइडिंग से जुड़ी कई जानकारियां देखी जा सकती हैं।
इसके अलावा पल्सर 150 में रोड, रेन और स्पोर्ट जैसे तीन राइडिंग मोड और कम स्पीड वाले ट्रैफिक में मदद करने वाला क्रॉल टेक भी दिया गया है। ऊंचे वेरिएंट में ISG-बेस्ड ऑटोमैटिक स्टार्ट-स्टॉप सिस्टम, LED लाइटिंग और Type-C USB चार्जिंग भी मिलती है।
इसके मुकाबले यूनिकॉर्न का फीचर सेट काफी सरल रखा गया है। हालांकि, जिन ग्राहकों को कनेक्टेड फीचर्स और नेविगेशन की जरूरत नहीं है, उनके लिए यह सादगी उपयोगी साबित हो सकती है।
कीमत: दोनों की शुरुआती कीमत करीब-करीब समान
कीमत के मामले में नई पल्सर 150 और होंडा यूनिकॉर्न के बीच अंतर काफी कम है। नई बजाज पल्सर 150 की दिल्ली में शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 1.15 लाख रुपये है। इसके टॉप स्प्लिट-सीट TFT वेरिएंट की कीमत करीब 1.23 लाख रुपये तक जाती है।
होंडा यूनिकॉर्न की कीमत भी करीब 1.15 लाख रुपये एक्स-शोरूम है। यूनिकॉर्न को कंपनी एक ही वेरिएंट में पेश करती है, जबकि पल्सर 150 में अलग-अलग वेरिएंट के विकल्प मिलते हैं।
बजाज पल्सर 150 बनाम होंडा यूनिकॉर्न: किसके लिए कौन?
नई पल्सर 150 और होंडा यूनिकॉर्न एक ही व्यापक कम्यूटर सेगमेंट में होने के बावजूद अलग-अलग तरह के ग्राहकों को ध्यान में रखती हैं।
यूनिकॉर्न का फोकस आरामदायक राइडिंग, सरल डिजाइन, रिफाइनमेंट और रोजाना इस्तेमाल पर है। वहीं पल्सर 150 स्पोर्टी डिजाइन, बेहतर पीक पावर, ज्यादा फीचर्स और आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ आती है।
इसलिए इन दोनों के बीच चुनाव करते समय खरीदारों के लिए उनकी प्राथमिकताएं अहम रहेंगी। जो ग्राहक सादगी और आराम को महत्व देते हैं, उनके लिए यूनिकॉर्न का पैकेज अलग तरह का अनुभव देता है। वहीं स्पोर्टी डिजाइन, ज्यादा टेक्नोलॉजी और फीचर-रिच अनुभव चाहने वाले ग्राहकों के लिए नई पल्सर 150 एक अलग विकल्प पेश करती है।
(मंजू कुमारी)
Bathua khane Ke Fayde: ठंड के मौसम का सबसे अच्छा आहार है बथुआ, पेट व मूत्र रोग को भी दूर करता है इसका साग
Bathua khane Ke Fayde: जाड़े के मौसम में कई तरह की हरी पत्तेदार सब्जियां खूब मिलती हैं। बथुआ भी उनमें से एक है। बथुआ प्रकृति से गर्म है, जो सर्दियों में ही पैदा होता है। इसे रायता, परांठे या भुजिया सब्जी के रूप में खूब पसंद किया जाता है। इसको जंगली पालक, मेल्ड और चेनोपोडियम अल्बम के नाम से भी जाना जाता है। इसको सर्दी के मौसम में पारंपरिक आहार के रूप में सेवन करते हैं। बथुआ में पानी की प्रचुरता होती है। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला फाइबर पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है। इसमें मिलने वाले प्रमुख पोषक तत्व हैं-विटामिन सी, विटामिन बी2, बी 3, बी 5, कैल्शियम, लोहा, मैग्नीशियम, मैगनीज, फास्फोरस, पोटेशियम और सोडियम आदि।
कई रोगों में कारगर:
बथुआ का सेवन बवासीर रोग में लाभदायक होता है। महिलाओं की पीरियड्स संबंधी समस्याओं के समाधान में भी बहुत मददगार है बथुआ। मूत्र रोगों से परेशान व्यक्ति को इसका सेवन लाभकारी है। आजकल कारण कुछ भी हो छोटे-बड़े हर उम्र के लोग बाल झड़ने से परेशान हैं। उनके लिए बथुआ का सेवन और बथुआ के पानी से बाल धोना लाभदायक है। त्वचा संबंधी समस्याओं में इसका सेवन हितकर है। पेट दर्द आदि की परेशानी में इसका सेवन लाभकारी है। बथुआ का सेवन करने से खून को साफ कर रक्त का संचार सुचारु रूप से होता है। साथ ही इसका सेवन शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को सुदृढ़ कर बलवान बनाता है। इसका सेवन आंखों के लिए लाभदायक और पेट की कीड़ो को नष्ट कर पाचन शक्ति बढ़ाने वाला है। गला खराब होने पर इसको भिगोकर रखे गए गुनगुने पानी से गरारे करना आवाज को सुधारता है।
बथुए की एक प्रजाति, जिसे लाल बथुआ के नाम से जाना जाता है, का सेवन (त्रिदोष) वात, पित्त और कफ के प्रकोप को शमन करता है। नाक, कान से अचानक बहने वाले खून को रोकने में यह बहुत मददगार है। इसके बीजो का चूर्ण बनाकर दो से तीन चुटकी चूर्ण को शहद के साथ सेवन करना लाभकारी है। इसके पत्तों का जूस पीने से ठंड से बचाव होता है। अन्य कई बीमारियों को स्वत; ही नष्ट कर शरीर को निरोग बनाने में भी सक्षम है।
यहां बताए गए उक्त सभी उपाय, उपचार सामान्य हैं। प्रयोग करने से पहले अपने वैद्यजी से सलाह अवश्य करें।
वैद्य हरिकृष्ण पांड ‘हरीश’
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