UGC NET Re-Exam City Slip 2026: 3 विषयों की सिटी स्लिप जल्द होगी जारी, 9-10 सितंबर को री-एग्जाम; जानें अपडेट
यूजीसी नेट जून 2026 की रद्द की गई परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए जरूरी अपडेट है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित करने जा रही है। परीक्षा 9 और 10 सितंबर 2026 को होगी और इससे पहले उम्मीदवारों के लिए Exam City Intimation Slip जारी की जाएगी।
सिटी स्लिप में अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए आवंटित शहर की जानकारी मिलेगी। इससे दूसरे शहर में परीक्षा देने वाले उम्मीदवार अपनी यात्रा की तैयारी पहले से कर सकेंगे। ध्यान रखें कि सिटी इंटीमेशन स्लिप एडमिट कार्ड नहीं होती है। एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र का पूरा पता और अन्य जरूरी जानकारी दी जाएगी।
9 और 10 सितंबर को होगी UGC NET री-एग्जाम
NTA के शेड्यूल के मुताबिक, UGC NET री-एग्जाम दो दिनों में आयोजित किया जाएगा।
9 सितंबर: पहली शिफ्ट में अंग्रेजी और दूसरी शिफ्ट में कॉमर्स विषय की परीक्षा होगी।
10 सितंबर: सोशियोलॉजी विषय की परीक्षा पहली शिफ्ट में आयोजित की जाएगी।
पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट का एग्जाम दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
क्यों रद्द हुई थी इन तीन विषयों की परीक्षा?
UGC NET जून 2026 की परीक्षा के दौरान अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के प्रश्नपत्र से जुड़ी कई शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों और संबंधित परिस्थितियों की समीक्षा के बाद इन विषयों की परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
अब NTA इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित कर रहा है। री-एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को सलाह है कि वे सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड जारी होने से जुड़े अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें।
ऐसे डाउनलोड कर सकेंगे UGC NET City Slip
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.ac.in पर जाएं।
- होम पेज पर Latest News सेक्शन में जाएं।
- यहां Advance City Intimation of UGC-NET June 2026 लिंक पर क्लिक करें।
- अब अपना Application Number और Date of Birth दर्ज करें।
- स्क्रीन पर दिया गया Security Pin भरें।
- सबमिट करते ही आपकी एग्जाम सिटी स्लिप स्क्रीन पर दिखाई देगी।
- इसे डाउनलोड कर लें और परीक्षा शहर की जानकारी चेक कर लें।
कब जारी होगा UGC NET री-एग्जाम एडमिट कार्ड?
NTA आमतौर पर परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड जारी करता है। उपलब्ध कार्यक्रम को देखते हुए UGC NET री-एग्जाम का एडमिट कार्ड परीक्षा से कुछ दिन पहले जारी होने की उम्मीद है। ऐसे में 5 या 6 सितंबर के आसपास एडमिट कार्ड उपलब्ध कराया जा सकता है।
हालांकि, एडमिट कार्ड की वास्तविक तारीख की आधिकारिक घोषणा NTA की ओर से ही की जाएगी। इसलिए उम्मीदवार किसी अनुमान के बजाय आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अपडेट को ही अंतिम मानें।
सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड में अंतर
उम्मीदवार इस बात का ध्यान रखें कि City Intimation Slip में मुख्य रूप से परीक्षा शहर की जानकारी दी जाती है। वहीं एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र का पूरा पता, रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा से जुड़े अन्य जरूरी निर्देश शामिल होते हैं।
इसलिए सिटी स्लिप जारी होने के बाद उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड का इंतजार भी करना होगा। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए वैध एडमिट कार्ड और जरूरी पहचान पत्र साथ ले जाना अनिवार्य होगा।
Credit card: क्रेडिट कार्ड की 30% लिमिट पार होते ही गिरेगा सिबिल स्कोर? समझें पूरा गणित
क्रेडिट कार्ड से खर्च करते समय अक्सर एक सलाह सुनने को मिलती है- अपनी क्रेडिट लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल मत कीजिए, वरना सिबिल स्कोर खराब हो जाएगा। लेकिन क्या 30% की सीमा पार करते ही क्रेडिट स्कोर गिर जाता है? ऐसा जरूरी नहीं है। असली परेशानी तब शुरू हो सकती है, जब आप लगातार अपनी क्रेडिट लिमिट का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल करते हैं।
पहले समझें क्रेडिट इस्तेमाल का अनुपात क्या है
आपको कार्ड पर जितनी कुल क्रेडिट लिमिट मिली है, उसमें से कितनी रकम इस्तेमाल हो रही है, इसे क्रेडिट इस्तेमाल का अनुपात कहा जाता है।
मान लीजिए आपके कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपए है और आपने 40 हजार रुपए खर्च किए हैं। ऐसे में आपने अपनी कुल लिमिट का 40% इस्तेमाल किया है। यह आमतौर पर सुझाए जाने वाले 30% के स्तर से ज्यादा है।
लेकिन सिर्फ एक बार 30% पार होने का मतलब यह नहीं कि आपका सिबिल स्कोर अचानक गिर जाएगा। सिबिल कम क्रेडिट इस्तेमाल करने की सलाह देता है। लगातार ज्यादा लिमिट इस्तेमाल करना आपके कर्ज से जुड़े रिकॉर्ड के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता।
2 लाख की लिमिट है तो ऐसे समझें गणित
अगर कार्ड की लिमिट 2 लाख रुपए है और बकाया 60 हजार रुपए है तो क्रेडिट इस्तेमाल 30% होगा। यही बकाया बढ़कर 80 हजार रुपए हो जाए तो यह 40% हो जाएगा।
अगर ऐसा कभी-कभार होता है तो बहुत ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है। लेकिन हर महीने लिमिट का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल हो रहा है तो इससे यह संकेत मिल सकता है कि आपकी निर्भरता उधार के पैसों पर ज्यादा है।
यह भी याद रखें कि सिबिल स्कोर केवल क्रेडिट इस्तेमाल से तय नहीं होता। समय पर भुगतान, कर्ज का रिकॉर्ड कितना पुराना है, आपके पास किस तरह के कर्ज और कार्ड हैं और आपने कितनी बार नए कर्ज के लिए आवेदन किया है, जैसे कई पहलू इसमें शामिल होते हैं।
इसलिए 35% लिमिट इस्तेमाल करके हर भुगतान समय पर करने वाले व्यक्ति का कर्ज से जुड़ा रिकॉर्ड, 20% इस्तेमाल करने लेकिन बार-बार भुगतान चूकने वाले व्यक्ति से अलग हो सकता है।
पूरा बिल भरने के बाद भी ज्यादा दिख सकता है क्रेडिट इस्तेमाल
कई लोगों को लगता है कि अगर वे हर महीने भुगतान की आखिरी तारीख से पहले क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुका रहे हैं तो उनका क्रेडिट इस्तेमाल हमेशा कम ही दिखेगा। जरूरी नहीं।
बैंक और कार्ड कंपनियां एक निश्चित समय पर क्रेडिट ब्यूरो को जानकारी भेजती हैं। उस समय कार्ड पर जितनी बकाया रकम दर्ज होती है, वह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई दे सकती है।
मसलन, 1 लाख रुपए की लिमिट वाले कार्ड से आपने 70 हजार रुपए खर्च किए। बाद में भुगतान की आखिरी तारीख से पहले पूरा बिल चुका दिया। इसके बावजूद अगर जानकारी भेजे जाने के समय बकाया ज्यादा था तो उस अवधि में क्रेडिट इस्तेमाल ज्यादा दिखाई दे सकता है।
क्रेडिट इस्तेमाल लगातार ज्यादा है तो क्या करें?
सबसे आसान तरीका बकाया रकम कम रखना है। आपके पास पहले से एक से ज्यादा कार्ड हैं तो सामान्य खर्च उनके बीच बांटा जा सकता है, बशर्ते आप सभी कार्ड जिम्मेदारी से संभाल सकें।
आप बैंक से क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की मांग भी कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आपकी लिमिट 1 लाख से बढ़कर 2 लाख रुपए हो जाती है और खर्च 40 हजार रुपए ही रहता है तो क्रेडिट इस्तेमाल 40% से घटकर 20% रह जाएगा।
हालांकि सिर्फ क्रेडिट इस्तेमाल कम दिखाने के लिए नया कर्ज लेना या बेवजह ब्याज चुकाना समझदारी नहीं है। सबसे जरूरी है समय पर बिल भरना, बकाया काबू में रखना और लगातार उधार के पैसों पर निर्भर रहने से बचना।
इसलिए 30% को कोई पक्की सीमा न समझें। इसे सावधान होने के स्तर की तरह देखा जा सकता है। एक-दो बार इसके ऊपर जाने से घबराने के बजाय कोशिश करें कि लंबे समय तक क्रेडिट इस्तेमाल ज्यादा न बना रहे। खासतौर पर अगर जल्द ही होम लोन, कार लोन या कोई दूसरा बड़ा कर्ज लेने की तैयारी है तो कार्ड पर दर्ज होने वाली बकाया रकम कम रखना फायदेमंद हो सकता है।
(प्रियंका कुमारी)
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