पूर्व उपराष्ट्रपति Hamid Ansari के बयान पर CM Yogi Adityanath का पलटवार, सनातन परंपरा के अपमान का लगाया आरोप
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी पर भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके बयान ‘‘भारत की सनातन परंपरा को अपमानित करने वाले एवं हिंदू परंपरा का अनादर करने वाले’’ हैं। ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को खतरे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने एक दिन पहले अंसारी द्वारा दिए गए ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण बयान’’ का जिक्र किया।
पूर्व उपराष्ट्रपति ने शनिवार को नयी दिल्ली में संविधान विशेषज्ञ और लेखक ए जी नूरानी की स्मृति में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के उस विचार का उल्लेख किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘भारत के लिए वास्तविक खतरा साम्यवाद नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है।’’ अंसारी ने इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में नूरानी की 2019 में प्रकाशित पुस्तक ‘द आरएसएस : ए मेनेस टू इंडिया’ का भी उल्लेख किया था। आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘...भारत की परंपराओं और संस्कृति को लेकर उनके बयान वास्तव में चिंताजनक हैं। भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने सनातन परंपरा को अपमानित करने वाले और हिंदू परंपरा का अनादर करने वाले बयान दिए तथा इसे आतंकवाद से जोड़ने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक संदर्भ में भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, क्योंकि यह सनातन धर्म की भूमि है और यहां के अधिकतर लोग अपनी परंपराओं, ऋषि-मुनियों की परंपरा, पूर्वजों, देवी-देवताओं और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उनके कथित ‘‘झूठ की गूंज’’ कार्यक्रम को महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय सामाजिक परंपराएं लोगों को महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों का सम्मान करना सिखाती हैं। आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘मान लीजिए हम किसी संकरे रास्ते से जा रहे हैं और सामने कोई बुजुर्ग, महिला, दिव्यांग व्यक्ति या हमसे वरिष्ठ व्यक्ति आ जाए तो हमारी परंपरा है कि हम रास्ते से हटकर कहते हैं- पहले आप।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ये वो लोग हैं जो सही रास्ते से भटक गए हैं।
इनका एकमात्र उद्देश्य समाज में भ्रम फैलाकर अराजकता पैदा करना रह गया है।’’ मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए अपनी सरकार की पहलों का भी जिक्र किया और कहा कि तीन पीएसी बटालियनों के नाम महान महिला स्वतंत्रता सेनानियों झलकारी बाई, रानी अवंतीबाई लोधी और ऊदा देवी के नाम पर रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाए हैं। उन्होंने बैंकिंग सखी तथा दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं के योगदान को भी रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार भारत में चार ‘‘जातियां’’ गरीब, किसान, महिला और युवा हैं तथा केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों इनके कल्याण के लिए काम कर रही हैं।
K Annamalai ने पेरियार के सुधारों को सराहा, नास्तिकता और ब्राह्मण विरोधी विचारों को नकारा
(फोटो सहित) मदुरै (तमिलनाडु), 20 सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने द्रविड़ नेता ई.वी. रामासामी पेरियार के इतिहास में ‘‘कई विरोधाभास’’ का रविवार को उल्लेख करते हुए सशक्तीकरण और जाति-प्रथा खत्म करने में उनके योगदान को तो माना, लेकिन उनकी नास्तिक और ब्राह्मण-विरोधी विचारधारा को पूरी तरह से खारिज किया। अन्नामलाई ने वैगई नदी से जुड़े सफाई अभियान में शामिल स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए पेरियार के सामाजिक सुधारों और उनके मुख्य वैचारिक सिद्धांतों के बीच एक स्पष्ट अंतर बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हम स्वीकार करते हैं कि उन्होंने महिलाओं की मुक्ति के लिए आवाज उठाई।
हम यह भी स्वीकार करते हैं कि उन्होंने जाति उन्मूलन की बात की।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मैं पेरियार की नास्तिक विचारधारा को बिल्कुल स्वीकार नहीं करता और न ही उनकी ब्राह्मण-विरोधी विचारधारा को स्वीकार करता हूं।’’ द्रविड़ नेता के रुख में कथित ऐतिहासिक विरोधाभासों को रेखांकित करते हुए अन्नामलाई ने कहा, ‘‘पेरियार ने 1935 में हिंदी का विरोध किया था, लेकिन 1965 में उन्होंने हिंदी का विरोध करने वालों को गोली मारने की बात कही थी।’’ उन्होंने यह भी दावा किया कि पेरियार ने हमेशा द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘1961 में उन्होंने लोगों से ‘पच्चै तमिझन’ कामराज को वोट देने की अपील की थी।’’ (पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज को पेरियार ने ‘पच्चै तमिझन’ कहकर संबोधित किया था, जिसका अर्थ है ‘सच्चा तमिल’।) अपनी पार्टी के राजनीतिक एजेंडे के बारे में अन्नामलाई ने दोहराया कि अगर तमिलनाडु में उनकी पार्टी सत्ता में आती है, मंदिरों में लगी ऐसी प्रतिमाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा, जिनपर नास्तिकता से जुड़ी बातें उत्कीर्ण की गई हैं। अन्नामलाई ने कहा कि मंदिर के ठीक बाहर यह लिखा जाना कि ‘कोई भगवान नहीं है’, हमारे लिए ठीक नहीं होगा।’’ उन्होंने तर्क दिया कि मंदिर आने वाले श्रद्धालु आस्थावान होते हैं और उन्हें प्रवेश द्वार पर इस तरह के संदेश देखने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
अन्नामलाई ने कहा, ‘‘हम इसे सम्मानपूर्वक वहां से हटाकर किसी नए स्थान पर स्थापित करेंगे।’’ अन्नामलाई ने यह भी कहा कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए इन मूर्तियों को किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने अपने ‘वी द लीडर्स’ अभियान के स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि तीन अगस्त से शुरू हुए सात सप्ताह के सफाई अभियान के दौरान मदुरै में वैगई नदी के 33 एकड़ क्षेत्र से 163 टन कचरा हटाया गया। अन्नामलाई ने अपनी मुहिम के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि पांच जून से अब तक 20 लाख से अधिक सत्यापित सदस्य बनाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सदस्यों का सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए आठ मिनट की ओटीपी आधारित पंजीकरण प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों पर सदस्य संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताने का आरोप लगाया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










