इंडोर प्लांट कमरे की प्रदूषित हवा भी करते हैं साफ, पलामू के नर्सरी एक्सपर्ट से जानें फायदे
सरकारों और लोगों की लापरवाही के चलते वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ा है. देश की राजधानी दिल्ली जैसी जगहों पर तो हर साल कुछ दिनों के लिए प्रदूषित हवा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है. इसके अलावा वायु प्रदूषण देश के तमाम शहरों की बड़ी समस्या है. इससे लोग बीमार हो रहे हैं और उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन और तमाम तरह की दिक्कतें हो रही हैं. इससे बचने का सबसे बेहतरीन तरीका पेड़-पौधे हैं. ये प्रदूषित हवा सिर्फ बाहर नहीं बल्कि आपके कमरे तक में है. ऐसे में आप....
इंदौर में BE के छात्र से 1.30 लाख की साइबर ठगी, क्रेडिट कार्ड की प्रोटेक्शन फीस बंद कराने का दिया झांसा, जानिए कैसे जाल में फंसाया
इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र से साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल एक बीई के छात्र के साथ यह साइबर ठगी हुई है। आरोपी ने खुद को एक्सिस बैंक का प्रतिनिधि बताकर छात्र को क्रेडिट कार्ड की प्रोटेक्शन फीस बंद कराने का झांसा दिया। फर्जी वेबसाइट पर प्रक्रिया पूरी कराने के बाद OTP दर्ज करवाया गया। वहीं इसके तुरंत बाद छात्र के क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 30 हजार रुपए Amazon मर्चेंट पर ट्रांसफर हो गए। हालांकि साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल गीता भवन क्षेत्र में किराए से रहने वाले बीई छात्र सौम्य बोरदिया ने पुलिस को बताया कि 5 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को एक्सिस बैंक का प्रतिनिधि बताया और क्रेडिट कार्ड की प्रोटेक्शन फीस डिएक्टिवेट करने की बात कही। बातचीत के दौरान आरोपी ने छात्र के कार्ड की लिमिट, टाइम और डेट से जुड़ी जानकारी भी बताई जिससे सौम्य को कॉल करने वाला व्यक्ति बैंक का प्रतिनिधि लगा। इसके बाद आरोपी ने उन्हें एक वेबसाइट पर लॉगिन करने को कहा।
छात्र को ऐसे जाल में फंसाया
वहीं आरोपी ने सौम्य को ‘एक्सऑनलाइन डॉट हेल्प’ वेबसाइट पर लॉगिन करने के लिए कहा। उसे बताया गया कि वेबसाइट के जरिए क्रेडिट कार्ड की प्रोटेक्शन फीस डिएक्टिवेट करने की प्रक्रिया पूरी करनी है। साथ ही आरोपी ने सौम्य से कहा कि यह प्रक्रिया होने के बाद अगले 24 घंटे तक कार्ड से कोई लेनदेन नहीं करना है। इस बात से छात्र को यह लगा कि कार्ड की सुरक्षा से जुड़ी कोई सामान्य बैंकिंग प्रक्रिया चल रही है। सौम्य ने आरोपी के बताए तरीके से वेबसाइट खोली और लॉगिन किया। वहां प्रोटेक्शन फीस डिएक्टिवेट करने के लिए एक्टिव बटन दबाने को कहा गया।
OTP भी दर्ज करवाया
वहीं इसके बाद स्क्रीन पर OTP दर्ज करने का विकल्प आया। छात्र ने अपने मोबाइल पर आया OTP वेबसाइट पर दर्ज कर दिया। OTP डालने के बाद वेबसाइट पर सेशन एक्सपायर होने का मैसेज दिखाई दिया। इसके बाद सौम्य ने वेबसाइट से लॉगआउट कर दिया और उन्हें उस समय किसी तरह की ठगी का अंदाजा नहीं हुआ। इस मामले में खास बात यह रही कि आरोपी ने बैंक कर्मचारी होने का दावा करने के साथ-साथ छात्र के क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कुछ जानकारी भी बातचीत में बताई। इसी वजह से कॉल पर भरोसा करना आसान हुआ। हालांकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास छात्र के कार्ड से जुड़ी जानकारी कहां से पहुंची और फर्जी वेबसाइट के जरिए किस तरह पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
24 घंटे बाद ठगी का पता चला
दरअसल आरोपी ने सौम्य को अगले 24 घंटे तक क्रेडिट कार्ड से लेनदेन नहीं करने के लिए कहा था। इसी वजह से उन्होंने तत्काल कार्ड का बैलेंस या ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक नहीं की। 24 घंटे बाद जब सौम्य ने ऐप पर अपना बैलेंस देखा तो उनके होश उड़ गए। क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 30 हजार रुपए Amazon मर्चेंट पर ट्रांसफर हो चुके थे। इसके बाद उन्हें समझ आया कि प्रोटेक्शन फीस बंद कराने के नाम पर उनके साथ ऑनलाइन साइबर ठगी की गई है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News18
Mp Breaking News








