मशहूर Cardiologist पद्मश्री डॉ. G Vijayaraghavan का 84 साल की उम्र में निधन
प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. जी. विजय राघवन का रविवार को यहां निधन हो गया। उनके रिश्तेदारों ने यह जानकारी दी। वह 84 वर्ष के थे।
रिश्तेदारों ने बताया कि विजय राघवन का उम्र संबंधी बीमारियों को लेकर इलाज हो रहा था। वह तिरुवनंतपुरम स्थित केआईएमएस अस्पताल के उपाध्यक्ष थे। कोल्लम के पेरुमपुझा के रहने वाले विजय राघवन ने 1964 में तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और 1969 में सामान्य चिकित्सा में एमडी की उपाधि हासिल की।
उन्होंने बाद में वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज से हृदय रोग विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उनका शोध एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोसिस पर केंद्रित था। रिश्तेदारों ने बताया कि उन्होंने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में शोध कार्य किया और हृदय रोग विज्ञान पर कई पुस्तकें लिखीं।
उन्होंने बताया कि विजय राघवन को दुनियाभर के कई प्रमुख संस्थानों और संगठनों की ओर से मानद फेलोशिप प्रदान की गई थी। विजयराघवन और उनकी टीम ने तिरुवनंतपुरम स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में पहली 2डी इकोकार्डियोग्राफी प्रयोगशाला स्थापित की थी। उन्हें वर्ष 2009 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
रिश्तेदारों ने बताया कि विजयराघवन का अंतिम संस्कार 22 सितंबर को किया जाएगा। केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने डॉ. विजय राघवन के निधन पर शोक व्यक्त किया। सतीशन ने एक बयान में कहा कि विजय राघवन ने हजारों मरीजों की जान बचाई और उन्हें जीन की नयी उम्मीद दी।
उन्होंने कहा कि विजय राघवन में बिना स्टेथोस्कोप की मदद के भी मरीजों की धड़कन पहचान लेने की क्षमता थी। सतीशन ने कहा कि उनका उपचार करने का तरीका करुणा और दिव्यता से भरा हुआ था। मुख्यमंत्री ने विजय राघवन के शोक संतप्त परिवार के सदस्यों और मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
Lahore में Imran Khan की बहन Aleema Khan हिरासत में, 30 दिन की कैद का आदेश
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को पुलिस ने लाहौर में हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ 27 सितंबर को उनके समर्थन में विरोध मार्च निकालने की तैयारी कर रही थी। लाहौर प्रशासन के आदेश के अनुसार अलीमा खान को 30 दिनों के लिए हिरासत में रखने का फैसला किया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अलीमा खान को रविवार को लाहौर स्थित उनके घर के बाहर से पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में उन्हें कोट लखपत जेल भेज दिया गया। लाहौर के उप आयुक्त की ओर से जारी आदेश में पंजाब के सार्वजनिक व्यवस्था कानून की धारा तीन के तहत उनकी 30 दिन की हिरासत का निर्देश दिया गया है। आदेश में सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता का हवाला दिया गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने अलीमा खान के साथ उनके चालक को भी हिरासत में लिया है। उनके वकील राणा मुदस्सर उमर ने दावा किया कि अलीमा सुबह चालक के साथ घर से निकली थीं, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। वकील का कहना है कि लाहौर में अलीमा खान से जुड़े सभी मामलों में उन्हें जमानत मिली हुई है। हालांकि, उन्हें किस मामले में और किस स्थान पर रखा गया है, इसकी जानकारी तत्काल स्पष्ट नहीं थी।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने अलीमा खान की गिरफ्तारी का विरोध किया है। पार्टी ने इसे गैरकानूनी बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई 27 सितंबर को प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले की गई है। वहीं पाकिस्तान सरकार की ओर से गिरफ्तारी पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इससे पहले कहा था कि सरकार प्रस्तावित विरोध मार्च को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
बता दें कि इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है। उनकी पार्टी लंबे समय से इन मामलों को राजनीतिक कार्रवाई बताती रही है, जबकि पाकिस्तान के अधिकारियों की ओर से मामलों को कानून के तहत चलने वाली कार्रवाई के तौर पर पेश किया गया है। उनकी कई सजाओं को अपील के दौरान निलंबित या पलटा भी जा चुका है।
अलीमा खान की हिरासत का एक बड़ा कारण इमरान खान की सेहत को लेकर चल रही चिंता भी है। परिवार और पार्टी की ओर से उनके स्वास्थ्य, खासकर दाईं आंख की परेशानी को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। उनके बेटों सुलेमान और कासिम खान ने हाल में अपने पिता की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें इमरान खान के परेशान रहने और गंभीर चिंता से जूझने की जानकारी मिली।
अब अलीमा खान की हिरासत से पाकिस्तान की राजनीति में तनाव और बढ़ने की संभावना है। 27 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित मार्च में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ इमरान खान की रिहाई समेत कई मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है। ऐसे में उनकी बहन की 30 दिन की हिरासत ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
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