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Ground Files | हेलमेट में हिम्मत, दिल में जज़्बा...फिर प्रॉब्लम कहां? देखिए Exclusive Report | News

Ground Files | लेडी बाइकर्स ऑन टॉप! हेलमेट में हिम्मत और दिल में जज़्बा लेकर सड़क पर निकलने वाली महिला बाइकर्स की कहानी सामने आई है। लेकिन ऑन रोड उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ‘पहचान छुपानी पड़ती है’ आखिर लेडी बाइकर्स ने ऐसा क्यों कहा? सड़क पर बाइक चलाते वक्त उन्हें किन परेशानियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है? Ground Files में देखिए महिला बाइकर्स की जिंदगी, उनके अनुभव और सड़क पर उनके संघर्ष की पूरी कहानी। #ladybikers #womenbikers #femalebikers #womenriders #groundfiles #groundreport #womenempowerment #bikergirls #hindinews #timesnownavbharat You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat

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Marathwada में सूखा घोषित करने की मांग, Rohit Pawar बोले- किसानों को मिले 50 हजार रुपये

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने रविवार को महाराष्ट्र सरकार से मराठवाड़ा क्षेत्र में तत्काल सूखा घोषित करने और किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये तथा खेतिहर मजदूरों को 25 हजार रुपये की सहायता देने की मांग की। पवार ने कहा कि लंबे समय तक बारिश नहीं होने से राज्य के मध्य भाग में स्थित आठ जिलों वाले मराठवाड़ा क्षेत्र और खासकर लातूर में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। विधायक ने धाराशिव, बीड और लातूर में किसानों से मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी।

उन्होंने सूखा प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत, चारा शिविर खोलने और अन्य जरूरी कदम उठाने की मांग की। पवार ने दावा किया कि कई जगहों पर फसल नुकसान का पंचनामा अभी तक शुरू नहीं हुआ है, क्योंकि अधिकारी सरकार के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले सूखा घोषित करना होगा।

सूखा घोषित होने के बाद ही पंचनामा शुरू होगा। जब हम अधिकारियों से बात करते हैं तो वे कहते हैं कि अभी तक आदेश जारी नहीं हुए हैं।’’ पवार ने दावा किया कि दौरे के दौरान जिन किसानों से उन्होंने मुलाकात की उन्होंने बताया कि बारिश की कमी के कारण उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। अहिल्यानगर जिले की कर्जत-जामखेड विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले पवार ने कहा कि लातूर में बारिश में 40 प्रतिशत कमी से जुड़े सरकारी आंकड़े किसानों की स्थिति के आकलन को नहीं दर्शाते।

उनके अनुसार, किसानों के मुताबिक यह कमी करीब 60 प्रतिशत है। उन्होंने फसल बीमा मुआवजे के अलावा किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता और खेतिहर मजदूरों को 25 हजार रुपये देने की मांग की। विधायक ने पिछले साल की लंबित सहायता राशि तुरंत जारी करने की मांग भी की और आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में किसानों को कर्ज माफी योजना का लाभ अभी तक नहीं मिला है।

पवार ने अगले कुछ दिनों में चारा शिविर शुरू करने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक चारे की कमी रहने से किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर पशुधन बेचना पड़ सकता है और डेयरी कारोबार से होने वाली उनकी आय प्रभावित हो सकती है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से तुरंत सूखा घोषित करने और स्थिति पर चर्चा के लिए पांच से छह दिन के भीतर राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया।

कुछ अधिकारियों के कथित तौर पर क्षेत्रीय दौरे के दौरान रील बनाने की खबरों का जिक्र करते हुए पवार ने कहा कि कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर अधिकारी खेतों में जाकर किसानों की समस्याएं समझने के बजाय इस तरह की गतिविधियों में लगे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

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  Sports

IND vs JPN T20I: Umpire के फैसले पर विवाद, जानिए क्या है Reverse Hit का Wide Rule

सानो में बारिश की वजह से छोटे किए गए इकलौते T20I मैच में, जापान के खिलाफ़ भारत आखिरी ओवर में अंपायर के फैसले में सुधार के बाद मुश्किल से जीत पाया। इस सुधार से भारत की दो रन से जीत पक्की हुई और T20 क्रिकेट में सबसे कम स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव करने का रिकॉर्ड भी बना। खास बात यह है कि जापान को चार गेंदों पर आठ रनों की ज़रूरत थी, तभी अलेक्जेंडर शिराई-पैटमोर ने अक्षर पटेल की गेंद पर रिवर्स-हिट मारने की कोशिश की। गेंद उस तरफ से गुज़री जो उनके शुरुआती स्टांस के हिसाब से लेग-साइड होती, इसलिए स्ट्राइकर-एंड के अंपायर क्रिस थर्गेट ने इसे वाइड करार दिया।

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इस फैसले पर भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और खिलाड़ियों ने इस पर सवाल उठाए, क्योंकि पिछले लगभग एक दशक से लिमिटेड-ओवर्स इंटरनेशनल मैचों में इस तरह की गेंदों को वाइड नहीं माना जाता रहा है। विवाद तब और बढ़ गया जब अगली गेंद पर भी वैसी ही गेंद को वाइड करार दिया गया। उस फ़ैसले के बाद जापान को चार गेंदों पर छह रन की ज़रूरत रह गई। हालाँकि, खेल आगे बढ़ने से पहले लेग अंपायर क्रिस ब्राउन ने दखल दिया और थरगेट को दूसरे वाइड फ़ैसले में सुधार करने का निर्देश दिया। थरगेट ने अपना फ़ैसला बदल दिया, जिससे जापान को तीन गेंदों पर सात रन की ज़रूरत पड़ गई। आख़िरकार जापान लक्ष्य हासिल नहीं कर सका और भारत ने दो रन से जीत दर्ज की।

इस बीच, वाइड कॉल से जुड़े नियम रिवर्स-हिट और स्विच-हिट के लिए खास दिशा-निर्देश देते हैं। जब कोई बल्लेबाज़ इनमें से कोई भी स्टांस अपनाता है, तो वाइड तय करने के लिए विकेट के दोनों तरफ़ के हिस्से को 'ऑफ़ साइड' माना जाता है। इसलिए, वाइड करार दिए जाने के लिए गेंद को बाहरी स्टंप से 75 सेंटीमीटर दूर से गुज़रना ज़रूरी होता है। यह नियम तब भी लागू होता है जब बल्लेबाज़ बिना ग्रिप बदले 'रिवर्स-हिट' करे या ग्रिप बदलकर 'स्विच-हिट' करे। इसमें यह भी कहा गया है कि स्टांस बदलने का समय नियम को नहीं बदलता; यानी गेंदबाज़ के गेंद छोड़ने के बाद बल्लेबाज़ की हरकत से यह नियम खत्म नहीं होता।

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दिलचस्प बात यह है कि मैच में न तो टीवी अंपायर था और न ही DRS। फिर भी, ICC के नियमों के मुताबिक, ऑन-फील्ड अंपायर अगली गेंद फेंके जाने से पहले दूसरे अंपायर से सलाह करके अपना फ़ैसला बदल सकता है। आखिरकार, पहला 'वाइड' फ़ैसला बदला नहीं गया, शायद इसलिए क्योंकि खेल जारी रहने से पहले शुरुआती फ़ैसले में दखल देने का बहुत कम मौका था। बाद में किए गए सुधार ने मैच के आखिरी दौर में उसी गलती को असर डालने से रोक दिया।

Tue, 22 Sep 2026 19:21:00 +0530

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