उम्र बस एक नंबर है...! 41 साल के क्रेग इरविन ने रचा इतिहास, मोहम्मद नबी का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा
ZIM vs AUS: कहते हैं क्रिकेट में उम्र सिर्फ एक नंबर है और इस बात को जिम्बाब्वे के क्रेग इरविन ने सच साबित किया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में अर्धशतक लगाकर इरविन ने इतिहास रच दिया. वह ICC के किसी भी पूर्ण सदस्य देश की तरफ से वनडे मैचों में अर्धशतक जड़ने वाले सबसे ज्यादा उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं. इसी के साथ इरविन ने अफगानिस्तान के दिग्गज ऑलराउंडर मोहम्मद नबी के सालों पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. उन्होंने 41 साल की उम्र में यह कारनामा किया है. क्रेग इरविन ने 79 गेंदों पर 59 रनों पारी खेली, जिसमें उन्होंने 5 बेहतरीन चौके भी जड़े.
क्रेग इरविन के नाम दर्ज हुआ बड़ा रिकॉर्ड
क्रेग इरविन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मुकाबले में न सिर्फ संकट में फंसी जिम्बाब्वे की पारी को सहारा दिया, बल्कि टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक भी पहुंचाया. इस दमदार पारी के दौरान जैसे ही उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया, क्रिकेट इतिहास का एक बड़ा रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो गया. इरविन मोहम्मद नबी को पीछे छोड़ अब वनडे में सबसे उम्रदराज अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.
इससे पहले दुनिया की किसी भी फुल मेंबर टीम के लिए मेन्स वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी उम्र में हाफ-सेंचुरी लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड मोहम्मद नबी के नाम दर्ज था. नबी ने साल 2025 में बांग्लादेश के खिलाफ 40 साल और 286 दिन की उम्र में यह कमाल किया था. लेकिन अब 41 साल और 32 दिन की उम्र में यह कारनामा कर क्रेग इरविन क्रिकेट जगत के नए किंग बन गए हैं.
A second half-century of the series for Craig Ervine — his 25th in ODIs ????#ZIMvAUS #ExperienceZimbabwe ???? https://t.co/8AjdsACy1K pic.twitter.com/zFoGufrtbJ
— Zimbabwe Cricket (@ZimCricketv) September 20, 2026
तीसरे नंबर पर हैं पाकिस्तान के मिस्बाह-उल-हक
अगर ICC के पूर्ण सदस्य देशों की बात करें, तो इस खास लिस्ट में क्रेग इरविन और मोहम्मद नबी के बाद तीसरे नंबर पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक का नाम आता है. मिस्बाह ने साल 2015 में साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों की क्लास लगाते हुए 40 साल और 283 दिन की उम्र में हाफ-सेंचुरी जमाई थी. लिस्ट में अगला बड़ा नाम इंग्लैंड के महान बल्लेबाज ज्योफ्री बायकाट का है, जिन्होंने 1981 में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 40 साल और 226 दिन के उम्र में यह कारनामा किया था. वहीं, वेस्टइंडीज के लीजेंड कप्तान क्लाइव लॉयड भी इस मामले में पीछे नहीं हैं. उन्होंने 1985 में श्रीलंका के खिलाफ 40 साल और 155 दिन की उम्र में एक यादगार अर्धशतकीय पारी खेली थी.
जिम्बाब्वे की प्लेइंग 11 में 4 खिलाड़ी 40 साल के पार
इस मैच की सबसे अनोखी और दिलचस्प बात यह रही कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस तीसरे मुकाबले में जिम्बाब्वे ने अपनी प्लेइंग 11 में 40 साल से ज्यादा उम्र के चार-चार धुरंधरों को मैदान पर उतार दिया. इन सीनियर खिलाड़ियों की लिस्ट में क्रेग इरविन के अलावा ग्रीम क्रेमर, सिकंदर रजा और ब्रेंडन टेलर जैसे बड़े नाम शामिल रहे. अगर मुकाबले की बात करें, तो जिम्बाब्वे ने पहले बैटिंग करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने जीत के लिए 272 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया है.
खराब Gut Health सुधारने के चक्कर में ज्यादा Fiber और Probiotics लेना बढ़ा सकता है पेट की दिक्कत
आजकल की खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण पेट और पाचन संबंधित समस्याओं का समाना करना पड़ता है। पेट में गैस बनाना, कब्ज, एसिडिटी या पेट फूलने जैसी समस्याएं देखने को मिलती है। ऐसे में कई लोग प्रोयोबोटिक्स, फाइबर सप्लीमेंट, डिटॉक्स ड्रिंक का सेवन करते हैं, लेकिन घरेलु नुस्खे भी ट्राई करते हैं।
अक्सर पेट की सेहत को ठीक करने की कोशिश में आप कहीं न कहीं गलती कर बैठते हैं।
Gut Health बिगाड़ने वाली आदतें
गट हेल्थ के लिए सही खान-पान के साथ ही अच्छी आदतों को रुटीन फॉलो करना काफी जरुरी है। आइए आपको बताते हैं गट हेल्थ को कैसे स्वस्थ रखें।
फाइबर
इसमें कोई दोहराए नहीं है कि फाइबर पेट को हेल्दी रखता है और यह कब्ज की समस्या से बचाता है। अगर आप अधिक फाइबर खाते हैं, तो नुकसान भी हो सकता है। अधिक कच्ची सब्जियां, बीज, चोकर या फाइबर सप्लीमेंट लेने से पेट में गैस, सूजन और दर्द हो सकता है। फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए और इसके साथ ही पर्याप्त पानी पिएं।
प्रोबायोटिक्स लेना
ऐसे में कई लोग प्रोबायोटिक्स लेने से हर तरह की पेट समस्या ठीक हो जाएगी, लेकिन ऐसा जरुरी नहीं है। गैस, कब्ज या एसिडिटी के कारण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। बिना किसी डॉक्टर के सलाह के प्रोबायोटिक्स लेना ठीक नहीं है।
कब्ज पर ध्यान न देना
जब लोगों की कब्ज की समस्या परेशान करती हैं, तो वे बार-बार दवा या घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं। लेकिन कब्ज को पीछे कम पानी पीना, शारीरिक गतिविधि की कमी या गलत खानपान जैसी वजहे भी हो सकती हैं। यदि आप कब्ज की समस्या से लंबे समय तक परेशान है, तो एक बार डॉक्टर को दिखाएं।
डिटॉक्स ड्रिंक
आज के समय में डिटॉक्स ड्रिंक्स का काफी क्रेज देखने को मिलता है। इसलिए शरीर को बार-बार डिटॉक्स करने की जरुरत नहीं है। पेट को हेल्दी रखने के लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज, पर्याप्त पानी, रेगुलर एक्सरसाइज और गहरी नींद लेना काफी जरुरी है।
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