27 सीटों पर 27 हजार वोटों का लक्ष्य, Akhilesh Yadav ने बताया BJP को रोकने का प्लान
रविवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी की बैठक के बाद पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि पार्टी 27 विधानसभा क्षेत्रों में हर सीट पर अपने वोट 27 हजार बढ़ाने या बीजेपी के वोट 27 हजार कम करने के लक्ष्य के साथ काम करेगी। इस रणनीति में लोगों के घर जाकर उनसे बातचीत करना, उनकी समस्याएं सुनना और उनके साथ हुए मामलों में न्याय दिलाने की कोशिश करना शामिल है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोगों के बीच जाकर यह बताने की कोशिश कर रही है कि बीजेपी के पिछले दस साल के शासन में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग परेशान हैं। उन्होंने किसानों, युवाओं, रोजगार, आरक्षण, स्वास्थ्य व्यवस्था और अयोध्या में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए।
किसानों और युवाओं के मुद्दे गिनाए
अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों से उनकी आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके मुताबिक डीजल, पेट्रोल, कीटनाशक, खाद और डीएपी की कीमतें बढ़ी हैं और फसल तैयार होने के बाद भी किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि इथेनॉल को बढ़ावा देने के नाम पर भी जनता की जेब से पैसा लिया जा रहा है और सवाल उठाया कि आखिर इसका फायदा किसे मिल रहा है।
युवाओं के मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि बड़े स्तर पर बेरोजगारी है, सरकारी नौकरियां पर्याप्त संख्या में नहीं निकल रही हैं और युवाओं के अधिकार कमजोर किए गए हैं। उन्होंने आरक्षण को भी कमजोर किए जाने का आरोप लगाया।
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अयोध्या और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल
अखिलेश यादव ने अयोध्या को बड़े पैमाने पर जमीन घोटालों का उदाहरण बताया। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इलाज के नाम पर अस्पतालों में दवाइयां और पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों की हालत ऐसी है कि “अस्पताल खुद इलाज मांग रहे हैं।” अखिलेश ने कहा कि इन सभी मुद्दों के अलावा समाज में सद्भाव और भाईचारे की भी कमी है।
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अंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने का दावा
अखिलेश यादव ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने बीजेपी सरकार के दौरान हुई घटनाओं का दस्तावेज तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि उनके आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी सरकार के दौरान 151 से ज्यादा प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया गया या उन्हें तोड़ा गया। अखिलेश ने दावा किया कि इन मामलों में सिर्फ 14 गिरफ्तारियां हुई हैं। इन आंकड़ों और आरोपों की उन्होंने अपनी पार्टी के दस्तावेज के आधार पर बात की।
अखिलेश ने कहा कि कुछ लोग संविधान बदलना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने बाबा साहेब की उस प्रतिमा का जिक्र किया जिसमें उनके हाथ में संविधान है और आरोप लगाया कि ऐसी सोच रखने वाले लोग सबसे पहले उस हाथ को निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि एक समाजवादी सरकार बनने पर समाजवादी नेतृत्व बाबा साहेब और उनकी विरासत को पूरा सम्मान देगा।
Pakistan के गृह मंत्री Mohsin Naqvi रविवार को जाएंगे Tehran, द्विपक्षीय मुद्दों पर होगी चर्चा
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रविवार को ईरान के नेताओं और अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए तेहरान जाएंगे। मीडिया में जारी खबरों में यह जानकारी सामने आई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष और सऊदी अरब व यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी लड़ाई से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि नकवी की यात्रा में द्विपक्षीय संबंधों और दोनों देशों के बीच पहले बनी सहमतियों को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। ईरान सरकार के स्वामित्व वाले प्रसारक ‘आईआरआईबी’ ने शनिवार को बघाई के हवाले से बताया, “पाकिस्तान के गृह मंत्री की यह यात्रा पूरी तरह द्विपक्षीय बातचीत के दायरे में है।” ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस यात्रा के दौरान किसी विशेष मध्यस्थता संदेश पर चर्चा की योजना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के एक आर्थिक मंत्री भी गृह मंत्री के साथ आ सकते हैं।
नकवी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील हैं। सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष तेज हो गया है। सऊदी अरब ने हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं, जबकि हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन व मिसाइल दागी हैं।
बढ़ते तनाव के कारण सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और लाल सागर तथा बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सामान्य परिस्थितियों में लगभग 10 से 15 प्रतिशत वैश्विक समुद्री व्यापार इस मार्ग से होता है। पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू कराने के लिए एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका भी निभा रहा है।
दोनों पक्षों ने जून में एक अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें पाकिस्तान गारंटर के रूप में शामिल था। हालांकि, जुलाई में दोनों पक्षों की ओर से सैन्य तनाव बढ़ने के बाद यह प्रक्रिया बाधित हो गई। होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी इस मामले में सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ है।
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के मुताबिक, बघाई ने कहा कि नकवी की यात्रा का उद्देश्य क्षेत्रीय मुद्दों को उठाना हो सकता है, लेकिन अब तक मंत्री के किसी विशेष अमेरिकी संदेश या प्रस्ताव को लेकर आने पर कोई चर्चा नहीं हुई है। ‘द नेशन’ की खबर में बताया गया कि बघाई ने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य इस्लामाबाद और तेहरान के बीच पहले बनी सहमतियों, खासकर नेतृत्व स्तर पर लिए गए फैसलों को आगे बढ़ाना है।
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