Corbett Literature Festival का पहला संस्करण 6 अक्टूबर से होगा शुरू
किताबों के शौकीनों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए कॉर्बेट साहित्य महोत्सव का पहला संस्करण छह अक्टूबर से शुरू होगा। इसमें लेखक, वन्यजीव विशेषज्ञ, इतिहासकार, फोटोग्राफर और कहानीकार एक साथ आएंगे और प्रकृति एवं वन्यजीवों पर बातचीत करेंगे। ‘3 डेज इन द वाइल्ड’ नाम से आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय आवासीय महोत्सव में 20 से अधिक सत्र में 30 से अधिक वक्ता हिस्सा लेंगे।
इनमें चार प्रमुख विषयों प्रकृति एवं वन्यजीव, हिमालय, उत्तराखंड तथा संस्कृति एवं विरासत पर चर्चा होगी। यह महोत्सव कॉर्बेट में इसके आतिथ्य साझेदारों ‘द गोल्डन टस्क’, ‘द रिवरव्यू रिट्रीट’ और ‘आहाना रिजॉर्ट एंड स्पा’ में आयोजित किया जाएगा। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के फील्ड निदेशक साकेत बडोला ने एक बयान में कहा,‘‘भारत के संरक्षण इतिहास में कॉर्बेट का महत्वपूर्ण स्थान है।
जिम कॉर्बेट से लेकर एफ. डब्ल्यू. चैंपियन तक, इस क्षेत्र ने भारत में वन्यजीवों पर किए गए महत्वपूर्ण लेखन और फोटोग्राफी को प्रेरित किया है। पहला कॉर्बेट साहित्य महोत्सव इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए लेखकों, वन्यजीव विशेषज्ञों, इतिहासकारों, फोटोग्राफरों और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक साथ लाकर संवाद का अवसर प्रदान करेगा।’’ बडोला ने एक बयान में कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इन चर्चाओं से नए विचार सामने आएंगे और कॉर्बेट के प्राकृतिक परिवेश के साथ लोगों के स्थायी संबंध बनेंगे, जिससे इसके भविष्य के लिए साझा जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिलेगा।’’ कार्यक्रम की शुरुआत हिमालय की स्मृतियों, वन्यजीव फोटोग्राफी तथा उत्तराखंड की लोककथाओं और सांस्कृतिक परंपराओं पर चर्चा के साथ होगी। वक्ताओं में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित लेखिका और जयपुर साहित्य महोत्सव की सह-संस्थापक नमिता गोखले, पद्मश्री से सम्मानित इतिहासकार और चिपको आंदोलन के इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक, लेखक एवं प्रकृतिविद् स्टीफन ऑल्टर तथा पद्मश्री से सम्मानित फोटोग्राफर, पर्वतारोही और पर्यावरणविद् अनुप साह शामिल हैं।
साहित्य महोत्सव का समापन आठ अक्टूबर को होगा।
Surat में LPG टैंकर से अवैध रीफिलिंग करते 9 लोग गिरफ्तार, 84 सिलेंडर और वाहन जब्त
गुजरात के सूरत में एक टैंकर से एलपीजी गैस सिलेंडर में अवैध रूप से गैस भरने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त शैफाली बरवाल ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर एक टीम ने शनिवार को भेसान-हजीरा रोड स्थित एक पार्किंग परिसर की जांच की, जहां एक टैंकर से 84 सिलेंडर में अवैध रूप से एलपीजी गैस भरी जा रही थी।
प्राथमिकी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन सिंह गुज्जर (26), सुरेश बोरीवाला (35), महेश जांजवडिया (35), पंकज सिंह ठाकुर (26), देवा सिंह (28), सुभाष सिंह राजपूत (28), विशाल भाभोर (24), दीपक भाभोर (26) और लक्ष्मण सिंह रावत (53) के रूप में हुई है। प्राथमिकी के मुताबिक, मुख्य आरोपी पवन सिंह ने महेश से उक्त परिसर 12,000 रुपये मासिक किराये पर लिया था और एलपीजी गैस भरने के लिए अपने सहयोगियों को काम पर रखा था। प्राथमिकी के अनुसार, ‘‘महेश परिसर में एक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था और उसने मालिक को सूचित किए बिना यह जगह किराये पर दे दी थी।
आरोपी लक्ष्मण सिंह गेल कंपनी का एलपीजी गैस टैंकर लेकर आया और उसे परिसर में खड़ा किया, जबकि पवन सिंह द्वारा काम पर रखे गए अन्य आरोपी टैंकर से एलपीजी गैस सिलेंडर में गैस भर रहे थे।’’ प्राथमिकी में कहा गया कि आरोपियों ने ज्वलनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाही बरती और आपराधिक गतिविधि में संलिप्त हुए। पुलिस ने मौके से 1.26 लाख रुपये मूल्य के 84 भरे हुए एलपीजी सिलेंडर, चार खाली सिलेंडर और गैस भरने वाली तीन पाइप के अलावा एलपीजी टैंकर, दो पिकअप/चार पहिया वाहन, मोबाइल फोन और 7,240 रुपये नकद जब्त किए। प्राथमिकी के अनुसार, जब्त संपत्ति का कुल मूल्य करीब 56.69 लाख रुपये आंका गया है।
पुलिस ने बताया कि इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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