इंटरव्यू:‘द कन्फ़ेशन...’ की कहानी घटना से ज्यादा नैतिक सवालों पर है: आदिल हुसैन
आदिल हुसैन की फिल्म ‘द कन्फ़ेशन ऑफ मैरी’ टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई है। फिल्म में नाना पाटेकर भी अहम भूमिका में हैं। इस फिल्म को लेकर आदिल ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। क्या यह फिल्म 1966 के केरल के चर्चित ‘मदाथरुवी केस’ पर बेस्ड है? फिल्म को किसी एक व्यक्ति या घटना की सीधी कहानी के तौर पर देखना सही नहीं होगा। फिल्म के संदर्भ में किसी पुराने घटनाक्रम से प्रेरणा लिए जाने की बात रिपोर्ट्स में कही गई थी, लेकिन उस घटना की सटीक पहचान को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए इसे किसी वास्तविक व्यक्ति का सीधा चित्रण मानने के बजाय इसके विषय और नैतिक द्वंद्व के स्तर पर देखना ज्यादा उचित है। कहानी का मुख्य केंद्र उस व्यक्ति पर है, जो बेहद जिम्मेदारी वाले पद पर है और परिस्थितियों के दबाव के बावजूद अपने सिद्धांतों को संभालने की कोशिश करता है। फिल्म किसी एक घटना को दोहराने के बजाय उससे जुड़े मानवीय और नैतिक सवालों को सिनेमाई अंदाज में पेश करती है। क्या किसी वास्तविक वकील को देखकर आपने किरदार की तैयारी की? मैंने किसी एक वास्तविक वकील की नकल करने के बजाय इस बात पर ध्यान दिया कि इस पेशे की काम करने की प्रक्रिया क्या होती है? मेरे लिए किसी किरदार की विश्वसनीयता उसके बाहरी हावभाव से ज्यादा उसकी सोच और निर्णय लेने की प्रक्रिया में होती है। अगर किरदार वकील है तो उसके सामने आने वाली परिस्थितियों को उसी पेशेवर नजरिए से समझना जरूरी है। वह किसी व्यक्ति के बारे में अपनी निजी धारणा बनाने के बजाय उसके पक्ष को कानूनी नजरिए से देखेगा। इसलिए मैंने किसी खास व्यक्ति को कॉपी करने के बजाय पेशे की तकनीकी समझ को प्राथमिकता दी। आपकी अभिनय शैली और नाना पाटेकर की प्रक्रिया में क्या समानता दिखी? समानता शायद इस स्तर पर है कि दोनों के लिए किरदार को समझना महत्वपूर्ण है, लेकिन हर अभिनेता का रास्ता अलग हो सकता है। थिएटर की पृष्ठभूमि ने मुझे भी यह सिखाया है कि किरदार को केवल सतह पर नहीं देखना चाहिए, लेकिन किसी कलाकार की अपनी तैयारी, अनुभव और भीतर की प्रक्रिया उसके अभिनय को अलग बनाती है। नाना साहब की खासियत यह लगी कि वह स्क्रिप्ट पढ़ते हुए ही किरदार के भीतर मौजूद किसी जरूरी तत्व को पकड़ लेते हैं। उस प्रक्रिया को बाहर से देखकर पूरी तरह समझना संभव नहीं है, क्योंकि अभिनेता के भीतर चल रही तैयारी दिखाई नहीं देती। स्वतंत्र सिनेमा के लिए फेस्टिवल सर्किट कितना महत्वपूर्ण है? स्वतंत्र सिनेमा के लिए फेस्टिवल सर्किट एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है, क्योंकि वहां ऐसी फिल्मों को दर्शक मिलते हैं जिन्हें पारंपरिक व्यावसायिक रिलीज के जरिए पर्याप्त पहचान मिलना मुश्किल हो सकता है। फेस्टिवल में फिल्म सिर्फ दिखाई नहीं जाती, बल्कि उसके साथ बातचीत और नए लोगों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। उसके बाद वितरण, प्रचार और दर्शकों तक पहुंच जैसे चरण भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।
वसीम अकरम ने पाकिस्तान टेस्ट कप्तान बाबर पर तंज कसा:कहा- आप क्या चने बेचने आए थे, जो PCB के फैसले नहीं पता
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने टेस्ट कप्तान बाबर आजम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा- ‘अगर आपको PCB के फैसलों के बारे में नहीं पता था, तो क्या आप इंग्लैंड चने बेचने आए थे।’ रविवार को एक चैरिटी कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही। इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान को टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार मिली थी। दूसरे मैच के बाद PCB ने 7 खिलाड़ियों को टीम से निकाल दिया था। साथ ही हेडकोच सरफराज अहमद को भी हटा दिया था। तब बाबर ने कहा था कि उन्हें PCB के बड़े फैसलों की जानकारी नहीं थी। ना ही इस बारे उनसे किसी ने कुछ बात की। अकरम बोले- बाबर को कप्तानी नहीं लेनी चाहिए थी अकरम ने कहा- 'एक खिलाड़ी या व्यक्ति के तौर पर मेरा मानना है कि अगर आपका लीडर या कप्तान आपके साथ खड़ा नहीं होता, तो आप 100 फीसदी प्रदर्शन नहीं कर सकते।” अकरम ने कहा- ‘PCB ने जब बाबर को शान मसूद की जगह टेस्ट कप्तान बनने को कहा था, तब उन्हें यह जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए थी।’ उन्होंने आगे कहा कि अगर बाबर ने कप्तानी स्वीकार कर ली थी, तो दूसरी हार के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी छोड़ देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा- ‘मैं किसी को दोष नहीं देना चाहता। मैं गलत भी हो सकता हूं। लेकिन मेरी राय में बाबर को कप्तानी नहीं लेनी चाहिए थी। दूसरे टेस्ट के बाद उन्हें कहना था कि वह सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर खेलेंगे।’ बाबर ने बोर्ड के फैसले पर कहा था- यह मेरे लिए भी खबर थी एजबेस्टन टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबर ने कहा था- यह मेरे लिए भी एक खबर थी। मुझे भी इसके बारे में बाद में पता चला।' उन्होंने खिलाड़ियों को घर भेजने समेत किसी भी फैसले में शामिल होने से इंकार किया था। बाबर जुलाई में फिर टेस्ट कप्तान बने थे बाबर को जुलाई में फिर से पाकिस्तान का टेस्ट कप्तान बनाया गया था। उनकी कप्तानी में टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज 1-1 से ड्रॉ खेली। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ 0-3 से हार झेलनी पड़ी। ----------------------------------- बाबर आजम से जुड़ी यह खबर भी पढें… बाबर आजम 7 साल बाद डोमेस्टिक क्रिकेट खेलेंगे:2019 में आखिरी फर्स्ट क्लास मैच खेला; इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में सिर्फ 97 रन बना पाए पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान बाबर आजम 2019 के बाद पहली बार घरेलू फर्स्ट क्लास मैच खेलेंगे। वह 18 सितंबर से जारी प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी ग्रेड-I में OGDCL (ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड) टीम से खेल सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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