Salamabad Trade Centre: महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला से केंद्र के समक्ष मुद्दा उठाने की अपील की
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से उरी के पास नियंत्रण रेखा (एलओसी) स्थित सलामाबाद व्यापार सुविधा केंद्र को पर्यटन केंद्र में बदलने के मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठाने का आग्रह किया। महबूबा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सलामाबाद व्यापार सुविधा केंद्र का निर्माण विभाजित परिवारों को जोड़ने, व्यापार को फिर से शुरू करने और घावों को भरने के लिए किया गया था, न कि इसे महज एक पर्यटन स्थल में बदलने के लिए। इसके लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ी और मुजफ्फराबाद चलो रैली के दौरान पीडीपी के कई कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवाई।
मैं उमर अब्दुल्ला से आग्रह करती हूं कि वह इस मुद्दे को भारत सरकार के समक्ष उठाएं और इसका मूल उद्देश्य बहाल करें।’’ पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर को बाहरी दुनिया से जोड़ने वाले मार्गों को फिर से खोलने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर को बाहरी दुनिया से और अधिक जोड़ने वाले पुलों की जरूरत है, न कि उन संपर्कों को बंद करने की।’’ सलामाबाद व्यापार सुविधा केंद्र की स्थापना 2008 में भारत और पाकिस्तान के जम्मू-कश्मीर एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के बीच वस्तु-विनिमय आधारित व्यापार पर सहमति बनने के बाद की गई थी। भारत सरकार के अनुसार, सलामाबाद और चकन-दा-बाग के जरिये सीमा पार व्यापार अक्टूबर 2008 में शुरू हुआ था।
केंद्र सरकार ने अप्रैल 2019 में नियंत्रण रेखा के पार होने वाले व्यापार को निलंबित कर दिया था। गृह मंत्रालय ने उस समय कहा था कि इन मार्गों का इस्तेमाल अवैध हथियार, मादक पदार्थ और जाली मुद्रा को लाने ले जाने के लिए किया जा रहा था। पिछले सप्ताह पर्यटन विभाग ने व्यापार सुविधा केंद्र को अपने अधीन ले लिया।
यह केंद्र पिछले सात वर्षों से निष्क्रिय था।
बामणी गांव में ग्रामीणों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, महिलाओं के साथ किया छाछनी नृत्य
चमोली दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, रविवार को बदरीनाथ के समीप स्थित बामणी गांव पहुंचे. गांव में पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों से आत्मीयता से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना. इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीतों पर छाछनी नृत्य कर रही थीं.
महिलाएं और बुजुर्ग बेहद उत्साहित
महिलाओं को पारंपरिक लोकनृत्य करते देख मुख्यमंत्री भी सहजता से उनके बीच पहुंचकर उनके साथ छाछनी नृत्य में शामिल हुए. मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर महिलाएं और बुजुर्ग बेहद उत्साहित और प्रसन्न नजर आए. इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीतों के माध्यम से मां नंदा देवी का स्मरण किया और मुख्यमंत्री ने भी लोक परंपरा में सहभागी बनकर मां नंदा देवी का आशीर्वाद लिया.
हम सभी की जिम्मेदारी: सीएम
मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य और पारंपरिक गीतों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराएं और लोक कलाएं हमारी विशिष्ट पहचान हैं, जिन्हें संरक्षित और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है.
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