घिसी-पिटी सिनेमा की बेड़ियां तोड़ने वाले निर्देशक, कभी बतौर साउंड इंजीनियर थिएटर में करते थे काम
मुंबई, 14 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा खासकर बंगाली और हिंदी फिल्मों में सामाजिक यथार्थवाद, मानवतावाद और संवेदनशील कहानी कहने की नई मिसाल कायम कर रोमांटिक और फॉर्मूला-बेस्ड सिनेमा की पुरानी जकड़न को तोड़ने वाले तपन सिन्हा के नाम से भला कौन अपरिचित होगा।
घिसी-पिटी सिनेमा की बेड़ियां तोड़ने वाले निर्देशक, कभी बतौर साउंड इंजीनियर थिएटर में करते थे काम
मुंबई, 14 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा खासकर बंगाली और हिंदी फिल्मों में सामाजिक यथार्थवाद, मानवतावाद और संवेदनशील कहानी कहने की नई मिसाल कायम कर रोमांटिक और फॉर्मूला-बेस्ड सिनेमा की पुरानी जकड़न को तोड़ने वाले तपन सिन्हा के नाम से भला कौन अपरिचित होगा।
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