UP Police Recruitment: यूपी पुलिस के 912 चयनित अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र, योगी ने कही ये बात
UP Police Recruitment: उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग में चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं। रविवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) पदों के अभ्यर्थी शामिल हैं। इनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से आयोजित भर्ती प्रक्रिया के तहत किया गया है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थी पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे।
यूपी पुलिस के इन पदों पर हुआ चयन
लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस विभाग के तीन संवर्गों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें शामिल हैं:
- पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय)
- पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक)
- पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा)
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी की गई। बोर्ड के चयन परिणाम के अनुसार, कुल 912 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अब इन युवाओं की सरकारी सेवा की शुरुआत होगी।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर क्या बोले सीएम योगी?
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब किसी युवा का चयन पारदर्शी तरीके से होता है, तो इसका लाभ केवल अभ्यर्थी और उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे सरकार और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होता है।
सीएम ने सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं से अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों को अपनी नई जिम्मेदारी को गंभीरता से समझना चाहिए।
2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने उस समय की भर्ती प्रक्रिया में पेपर लीक, सिफारिश और लेन-देन जैसी शिकायतों का उल्लेख किया।
सीएम के मुताबिक, पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं के बीच असंतोष और अविश्वास का माहौल था। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों के चयन की शिकायतें भी सामने आई थीं। मुख्यमंत्री ने इसे योग्य उम्मीदवारों के लिए नुकसानदायक बताया।
2017 के बाद भर्ती व्यवस्था में बदलाव का दावा
सीएम योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए गए। उन्होंने विभिन्न भर्ती बोर्डों और आयोगों के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में व्यवस्था सुधारने का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब योग्य अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिल रही है। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उनके ये बयान मुख्यमंत्री का पक्ष हैं।
एक दिन पहले 818 अभ्यर्थियों को मिले थे नियुक्ति पत्र
उत्तर प्रदेश में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के क्रम में एक दिन पहले, 19 सितंबर को भी लखनऊ के लोकभवन में विभिन्न विभागों के 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इन नियुक्तियों में अलग-अलग विभागों के चयनित उम्मीदवार शामिल थे।
इस तरह लगातार दो दिनों में लोकभवन में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
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