'कार लॉक है और कंट्रोल में नहीं...' लुधियाना में बिना चालक चलती दिखी इलेक्ट्रिक कार, टेक्नोलॉजी पर उठे सवाल
पंजाब के लुधियाना से इलेक्ट्रिक कार से जुड़ा एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में MG Motor की Windsor EV बिना किसी ड्राइवर के सड़क पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है. इस दौरान कार सड़क किनारे मौजूद एक रेहड़ी-पटरी वाले से टकराती है और इसके बाद एक पेड़ से जा भिड़ती है. खास बात यह है कि टक्कर के बाद भी कार के पहिए घूमते नजर आते हैं और वाहन के अगले हिस्से से धुआं निकलता दिखाई देता है.
कार के साथ-साथ भागता दिखा मालिक
वायरल वीडियो में कार का मालिक उसके साथ-साथ पैदल भागता नजर आता है. वह आसपास मौजूद लोगों को रास्ते से हटने के लिए सावधान करता हुआ दिखाई देता है. वीडियो में मालिक यह कहते हुए भी सुनाई देता है कि कार अंदर से लॉक हो गई है और उसका वाहन की मूवमेंट पर कोई नियंत्रण नहीं है. वीडियो में कुछ दूरी तक आगे बढ़ने के बाद MG Windsor EV सड़क किनारे मौजूद एक रेहड़ी से टकराती दिखाई देती है. इसके बाद कार आगे जाकर पेड़ से टकरा जाती है. टक्कर के बाद भी वाहन का अगला पहिया घूमता हुआ नजर आता है और फ्रंट हिस्से के आसपास धुआं दिखाई देता है.
लोगों ने शीशा तोड़कर रोकने की कोशिश की
कार को लगातार आगे बढ़ता देखकर आसपास मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की. वीडियो में कुछ लोग कार की साइड विंडो का शीशा तोड़ते हुए दिखाई देते हैं. हालांकि, वीडियो से यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि आखिर कार किस वजह से अचानक चलने लगी और उस समय वाहन किस मोड में था. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. कुछ यूजर्स ने इसे कार की तकनीकी समस्या से जोड़कर चिंता जताई, जबकि कुछ लोगों ने आधुनिक और सॉफ्टवेयर आधारित वाहनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि जैसे-जैसे गाड़ियों में तकनीक बढ़ रही है, वैसे-वैसे तकनीकी परेशानियों की संभावना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
ऑटो पार्क-असिस्ट को लेकर भी अटकलें
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने अनुमान लगाया कि घटना के पीछे ऑटो पार्क-असिस्ट या ड्राइवर-असिस्टेंस से जुड़ा कोई फीचर हो सकता है. हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सिर्फ वायरल वीडियो के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि कार के अपने आप चलने के पीछे किसी खास फीचर, सेंसर या सॉफ्टवेयर की भूमिका थी.
MG Windsor EV में मिलते हैं कई टेक्नोलॉजी फीचर्स
MG Windsor EV में कई आधुनिक टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर आधारित फीचर्स दिए जाते हैं. इसके कुछ वेरिएंट्स में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम यानी ADAS भी उपलब्ध है. ऐसे सिस्टम सेंसर, कैमरे, सॉफ्टवेयर और वाहन के अलग-अलग कंट्रोल सिस्टम के साथ मिलकर काम करते हैं. हालांकि, किसी वाहन में मौजूद फीचर्स और लुधियाना की इस घटना के बीच सीधे संबंध की पुष्टि जांच के बिना नहीं की जा सकती.
कंपनी या पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के समय कार किस ड्राइविंग मोड में थी, वाहन को किस स्थिति में छोड़ा गया था या उसके किसी सिस्टम में तकनीकी समस्या आई थी. इसलिए वायरल वीडियो के आधार पर किसी खास तकनीकी खराबी को घटना की वजह बताना जल्दबाजी होगी. घटना की वास्तविक वजह कार की तकनीकी जांच और उपलब्ध डेटा के विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. वायरल वीडियो ने फिलहाल आधुनिक इलेक्ट्रिक और सॉफ्टवेयर आधारित कारों की सुरक्षा को लेकर नई चर्चा जरूर छेड़ दी है.
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— News Nation (@NewsNationTV) September 19, 2026
एफपीआई की बिकवाली सितंबर में 23,676 करोड़ रुपए रही, कच्चे तेल में तेजी और वैश्विक अस्थिरता ने बढ़ाया दबाव
मुंबई, 20 सितंबर (आईएएनएस)। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का आउटफ्लो सितंबर में अब तक (1 से 19 सितंबर) 23,676 करोड़ रुपए रहा है, इससे पहले जुलाई और अगस्त में एफपीआई शुद्ध खरीदार थे। यह जानकारी एनालिस्ट्स की ओर से दी गई।
हालांकि, विदेशी निवेशक प्राइमरी बाजार में लगातार खरीदार बने हुए हैं। सितंबर में अब तक, उन्होंने करीब 2,703 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जो कि 2026 में एफपीआई द्वारा किया कुल निवेश 48,550 करोड़ रुपए पहुंच गया है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ.वी.के. विजयकुमार ने कहा कि इससे सेकेंडरी मार्केट के सुस्त प्रदर्शन के बावजूद प्राइमरी मार्केट में जारी तेजी की कुछ हद तक वजह समझ में आती है।
पिछले हफ्ते बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला।
ऊंची एनर्जी कीमतों से महंगाई पर पड़ने वाले असर और आर्थिक विकास पर इसके नतीजों को लेकर चिंताएं बनी रहीं।
सेंसेक्स 0.65 प्रतिशत गिरकर 74,294.46 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.22 प्रतिशत गिरकर 23,346.40 पर बंद हुआ।
एनालिस्ट्स का कहना है कि कई हफ्तों तक अच्छा प्रदर्शन करने के बाद, उतार-चढ़ाव भरे हफ्ते के आखिर में मिडकैप और स्मॉलकैप जैसे बड़े इंडेक्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
कच्चे तेल की कीमतें और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी बाजार की धारणा को तय करने वाले मुख्य कारक बने रहे। यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी ने ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी।
आगे चलकर, एफपीआई फ्लो पर ईरान-यूएस के बीच चल रहे टकराव और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर का काफी असर पड़ेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और यूएस बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर (यूएस 10-वर्षीय यील्ड 5 प्रतिशत पर) भारतीय इक्विटी बाजार और एफपीआई फ्लो के लिए नकारात्मक हैं।
हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और बेहतर कमाई की उम्मीदें सकारात्मक कराक हैं।
--आईएएनएस
एबीएस
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