उत्तर भारत की महिलाओं के बारे में डीएमके सांसद के बयान पर विवाद, बीजेपी ने कहा- डीएनए में है अलगाववाद
डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने एक कार्यक्रम में तमिलनाडु और उत्तर भारत की महिलाओं की तुलना करते हुए एक विवादित बयान दिया है जिसकी बीजेपी ने निंदा की है.
लश्कर के आतंकी की हिंदुओं का गला काटने की धमकी:वायरल वीडियो में कहा- कश्मीर को आजादी भीख मांगने से नहीं, जिहाद से मिलेगी
पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अबू मूसा कश्मीरी ने हिंदुओं की गर्दन काटने की धमकी दी है। उसने यह बयान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। हालांकि ये वीडियो कब का है इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। उसने हिंदुओं के खिलाफ खुले तौर पर हिंसा की बात कही और कहा कि कश्मीर मुद्दे का हल सिर्फ आतंकवाद और जिहाद से ही हो सकता है। अबू मूसा कश्मीरी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट का मेंबर है। अबू मूसा कश्मीरी ने कहा- आजादी भीख मांगने से नहीं मिलेगी। हिंदुओं की गर्दन काटने से मिलेगी। हमें जिहाद का झंडा उठाना होगा और बद्र की लड़ाई और मक्का की फतह के जैसे इतिहास को दोहराना होगा। पाकिस्तानी नेताओं पर इस्लामी सिद्धांतों से भटकने का आरोप अपने भाषण में अबू मूसा कश्मीरी ने पाकिस्तानी नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि पाकिस्तान के नेता इस्लामी सिद्धांतों से भटक चुके हैं और जिहाद के रास्ते पर नहीं चल रहे हैं। उसने कहा कि जो नेता जिहाद के लिए प्रतिबद्ध नहीं है, उसे पाकिस्तान पर हुकूमत करने का कोई अधिकार नहीं है। अबू मूसा ने कहा जो नेता नमाज की परवाह नहीं करता, कलमा के लिए वफादार नहीं है, शहीदों के खून की कद्र नहीं करता और जिहाद का झंडा नहीं उठाता, उसे इस देश पर राज करने का कोई हक नहीं है। उसने दावा किया कि वह पहले भी ऐसे ही बयान मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ हुई एक बैठक में दे चुका है। उसने कहा कि वो हाथों से, जुबान से और कलम से जिहाद करेंगा और इस रास्ते पर चलते हुए अल्लाह के पास लौटेगा। अबू मूसा पहलगाम हमले में भी शामिल था अबू मूसा कश्मीरी पिछले साल 22 अप्रैल में हुए पहलगाम हमले में भी शामिल था। दैनिक भास्कर ने तब पड़ताल की थी कि आखिर पहलगाम अटैक के दौरान पाकिस्तान से आतंकियों को कौन आदेश दे रहा था। इस दौरान दो पाकिस्तानी हैंडलर के नाम मिले थे। पहला अबू मूसा और दूसरा रिजवान हनीफ। दोनों पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिंग कमांडर हैं। इन्हीं दोनों ने मुरीदके में अफगान को ट्रेनिंग भी दी थी। हालांकि, सूत्रों का दावा था कि पहलगाम अटैक का मास्टरमाइंड अबू मूसा ही है। ये सैफुल्लाह कसूरी का करीबी भी है। अबू मूसा ने पहले भी हिंदुओं को मारने का जिक्र किया था इससे पहले दैनिक भास्कर ने पिछले साल 5 मई को भी मूसा के वीडियो के साथ ये दावा किया था कि पहलगाम अटैक के पीछे इसकी साजिश हो सकती है। हमास की स्टाइल में अटैक करने के पीछे भी अबू मूसा की ट्रेनिंग और दावे की बात का खुलासा किया था। अबू मूसा का पहलगाम अटैक से 4 दिन पहले वीडियो भी वायरल हुआ था। दरअसल, 18 अप्रैल को लश्कर के एक कार्यक्रम में अबू मूसा ने कश्मीर में हिंदुओं को मारने का जिक्र किया था। इसके साथ ही ये भी कहा था, ’गाजा और कश्मीर का एक ही मसला है और दोनों मसलों का एक ही हल है। वो है जिहाद। हमें भीख नहीं, आजादी चाहिए। फिलिस्तीन और कश्मीर के जो दुश्मन हैं, वो हमारे दुश्मन हैं। जब इजराइल को घुटने पर ले आए, तो कश्मीर में भी करेंगे।’ लश्कर के एक और आतंकी ने पाकिस्तानी नेताओं पर तंज किया था लश्कर-ए-तैयबा के एक अन्य कमांडर मोहम्मद अशफाक राणा ने भी कुछ दिन पहले इसी तरह पाकिस्तानी नेताओं पर तंज किया था। अशफाक राणा ने सीधे शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की आलोचना करते हुए उन पर देश को सही तरीके से न चलाने और अंतरराष्ट्रीय कर्ज को बर्बाद करने का आरोप लगाया था। उसने दावा किया था कि अगर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिले पैसों का सही इस्तेमाल किया गया होता, तो पाकिस्तान आज सऊदी अरब से भी ज्यादा खूबसूरत और ब्रिटेन व स्पेन से ज्यादा विकसित होता।
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