हाई-कॉन्सेप्ट सिनेमा में डर, प्यार, उम्मीद और संघर्ष जैसी भावनाओं का अनुभव होना जरूरी: सूरज सिंह
मुंबई, 14 जनवरी (आईएएनएस)। मुंबई से भारतीय सिनेमा में एक नया प्रयोग लगातार दिखाई दे रहा है, जहां फिल्में केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहकर दर्शकों के दिलों और भावनाओं से जुड़ने का प्रयास करती हैं। ऐसे ही एक निर्माता हैं सूरज सिंह, जो बीलाइव प्रोडक्शंस के तहत नई और साहसी कहानियों को बड़े पर्दे पर लाने का काम कर रहे हैं।
1979 की इस्लामी क्रांति से पहले कैसा था आज के कठमुल्लों का ईरान, 46 साल में कितना बदला: जानिए कैसे स्थापित की गई खामेनेई की सत्ता
ईरान में इतिहास खुद को दोहरा रहा है। 1979 में राजा मोहम्मद रजा शाह पहलवी के खिलाफ 'इस्लामी क्रांति' करने वाली जनता आज उसी मजहबी नेतृत्व के विरुद्ध है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Samacharnama
OpIndia




















