Rajasthan News: भजनलाल सरकार की पाली जिले को बड़ी सौगात, बेंगलुरु-जोधपुर पर हुआ ये नया बदलाव
Rajasthan News: राजस्थान के पाली जिले के यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. इस जिले के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने बेंगलुरु-जोधपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस का पाली जिले के रानी रेलवे स्टेशन पर प्रायोगिक आधार पर ठहराव शुरू कर दिया है. यह निर्णय लंबे समय से क्षेत्रवासियों की मांग थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है.
मंत्रियों ने दिखाई हरी झंडी
इस अवसर पर पाली जिला प्रभारी एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा तथा पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने रानी रेलवे स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को जोधपुर के लिए रवाना किया. दोनों मंत्रियों की उपस्थिति में बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे.
राजस्थान सरकार के प्रयासों का परिणाम
जी हां, यह राजस्थान की भजनलाल सरकार के सकारात्मक प्रयासों का ही परिणाम है कि अब पाली जिले के यात्रियों को लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए अन्य स्टेशनों पर निर्भर नहीं रहना होगा. रानी स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन हॉल्ट से न केवल दक्षिण भारत से सीधा रेल संपर्क मजबूत होगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा, रोजगार और चिकित्सा सेवाओं के लिए भी यात्रा करना आसान होगा.
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश का विकास
नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस अवसर पर कहा कि राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है. रेलवे से समन्वय कर आमजन की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है. वहीं, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि यह सुविधा केवल एक ट्रेन का ठहराव नहीं, बल्कि पाली जिले के विकास को नई गति देने वाला कदम है.
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, रेलवे द्वारा बेंगलुरु–जोधपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस का पाली जिले के रानी रेलवे स्टेशन पर, प्रायोगिक आधार पर ठहराव प्रारंभ किया गया है। पाली जिला प्रभारी एवं नगरीय विकास मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा तथा पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने… pic.twitter.com/uwamvQe79U
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) January 14, 2026
एक्सपेरिमेंटल आधार को जल्द किया जाएगा स्थायी
पाली जिले में रेलवे द्वारा शुरू किए गए इस ठहराव को फिलहाल प्रायोगिक आधार पर रखा गया है, लेकिन यात्रियों की संख्या और प्रतिक्रिया के आधार पर इसे जल्द स्थायी किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है. स्थानीय लोगों ने इस फैसले के लिए राजस्थान सरकार और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया है.
रानी रेलवे स्टेशन पर बेंगलुरु-जोधपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस का ठहराव पाली जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों का एक हिस्सा है.
ये भी पढ़ें- जयपुर में दिखी भारतीय सेना की ताकत, ब्रह्मोस मिसाइल और टैंक सहित भव्य हथियार की दिखी झलक
"भीख मांगने से नहीं...हिंदुओं के गर्दन काटनी होगी", लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात कमांडर अबु मूसा कश्मीरी ने उगला जहर
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर एक बार फिर आतंकवाद का गढ़ बनकर सामने आया है. एलओसी के पास टाटरीनोट इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात कमांडर अबु मूसा कश्मीरी ने जेहादियों की सभा को संबोधित करते हुए भारत और हिंदुओं के खिलाफ खुली हिंसा की धमकी दी. इस भाषण में उसने कहा कि कश्मीर भीख मांगने से नहीं बल्कि हिंदुओं की गर्दनें काटने से मिलेगा, ये बयान सीधे तौर पर नरसंहार के लिए उकसाने वाला है.
एलओसी के पास भड़काऊ संबोधन
यह भड़काऊ भाषण पूछ जिले के हजीरा तहसील क्षेत्र में दिया गया. यह इलाका एलओसी के बेहद करीब है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि आतंकियों को सीमा पार से समर्थन और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है. लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन लंबे समय से पीओके में खुलेआम गतिविधियां चला रहे हैं, जिन पर पाकिस्तान की सरकार और सेना की चुप्पी लगातार सवाल खड़े करती रही है.
पीएम शहबाज शरीफ को सीधा संदेश
अपने भाषण के दौरान अबु मूसा कश्मीरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी संदेश दिया. उसने कहा कि कश्मीर का मुद्दा केवल जेहाद और आतंकवाद से ही हल हो सकता है. एक आतंकी कमांडर का खुले मंच से प्रधानमंत्री को संदेश देना इस बात का सबूत माना जा रहा है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों और सत्ता प्रतिष्ठान के बीच गहरे संबंध हैं.
सेना और आतंकियों की एक जैसी भाषा
भारतीय खुफिया एजेंसियों के हालिया आकलन में सामने आया है कि पाकिस्तान में सक्रिय लगभग हर आतंकी संगठन पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की भाषा और विचारधारा को दोहरा रहा है. कई मौकों पर असीम मुनीर पाकिस्तान के गठन को मजहबी आधार से जोड़ते हुए हिंदुओं के खिलाफ बयान दे चुके हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यही विचारधारा आतंकियों को खुला संरक्षण देती है.
????️ LeT (JKUM) terrorist Abu Musa Kashmiri openly glorified violence near the LoC, saying: “Azaadi bheek se nahi… Hinduon ki gardanein kaatne se milegi.” pic.twitter.com/QE3jhL1YID
— Megh Updates ????™ (@MeghUpdates) January 14, 2026
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाहट
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान और पीओके में सक्रिय आतंकी संगठनों को बड़ा झटका लगा है. भारत की सटीक और प्रभावी कार्रवाई से ये संगठन अभी तक उबर नहीं पाए हैं. इसी बौखलाहट में आतंकी कमांडर लगातार भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं और हिंसा के लिए उकसाने वाले बयान दे रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान बेनकाब
भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान सरकार और आतंकियों के गठजोड़ को उजागर करता रहा है. कई मंचों से पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने भी स्वीकार किया है कि भारत की कार्रवाई से उन्हें भारी नुकसान हुआ है. ताजा घटनाक्रम एक बार फिर यह दिखाता है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवाद को राज्य प्रायोजित समर्थन मिल रहा है, जो पूरे क्षेत्र की शांति के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है.
ये भी पढ़ें- कौन हैं शीबा अशरफ? जो 14 साल की उम्र में बनीं कश्मीर की सबसे युवा उर्दू साहित्यकार
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















