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युवक का डर-दूसरे सिंगर का गाना सुना तो मार देंगे:तीन बार की खुदकुशी की कोशिश; कुमार सानू ने पिता को फोन कर जाना हाल
बॉलीवुड सिंगर कुमार सानू का एक फैन इस कदर वहम का शिकार हो गया कि उसने तीन बार सुसाइड करने की कोशिश की। सबसे पहले चलती ट्रेन से कूदने लगा, फिर रेलवे स्टेशन के पब्लिक टॉयलेट में ब्लेड से गला और कलाई काट लिया, अंत में अस्पताल में दूसरी मंजिल से कूदने का प्रयास किया। बिहार में छपरा के रहने वाले 35 वर्षीय प्रमोद मांझी को यह भ्रम हो गया है कि अगर उसने किसी दूसरे सिंगर का गाना सुना तो कुमार सानू के फैंस उसे खोजकर मार डालेंगे। फिलहाल, युवक जबलपुर के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। मामला सामना आने के बाद खुद कुमार सानू ने प्रमोद के पिता फागू मांझी से बात की। पूरा हाल जाना। युवक के इलाज में मदद करने का आश्वासन दिया। सिंगर ने युवक की बीमारी पर भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से भी बात की। सबसे पहले पढ़िए, कुमार सानू और फागू मांझी के बीच की बातचीत कुमार सानू: आपके बेटे के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। फागू: साहब, किसी ने इसे धमकी दी थी कि दूसरे सिंगर को सुना तो मार दिया जाएगा। बेटा बहुत डर गया, इसलिए ऐसे कदम उठाए। कुमार सानू: मुझे सुनकर बहुत दुख हुआ कि मेरा फैन इस तरह परेशान है। फागू: यह शुरू से आपका फैन है। सिर्फ आपके गाने गाता था। दो दिन दूसरे सिंगर के गाने गाए, उसी दौरान धमकी मिली। लोग बोले- कुमार सानू का गाना क्यों नहीं गा रहे? नहीं गाए तो मार डालेंगे। यह प्रेशर में आ गया और जान देने लगा। अभी बहुत सीरियस है, ICU में है। कुमार सानू: बच्चे का ठीक होना जरूरी है। फागू: कुछ मदद कर देते तो बहुत अच्छा हो जाता। उसकी 5 लड़कियां हैं। कुमार सानू (हैरान होकर): 35 साल की उम्र में 5 बच्चे, वाह… खैर। फागू: हम लोग बहुत गरीब हैं, कुछ मदद कर दीजिए। कुमार सानू: शाम तक कॉल करिएगा, बच्चे की स्थिति बताइएगा। मनोचिकित्सक बोले- ‘साइकोटिक डेल्यूजन’ से गुजर रहा पुलिस के मुताबिक, प्रमोद मांझी नागपुर में काम करता था। 10 जनवरी को ट्रेन से अपने गांव लौट रहा था। यात्रा के दौरान अचानक वह असामान्य व्यवहार करने लगा। चलती ट्रेन से कूदने की कोशिश की। साथी यात्रियों ने उसे पकड़कर रोका। जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचते ही वह पब्लिक टॉयलेट में गया। यहां ब्लेड से गला और कलाई काट डाली। उसे खून से लथपथ देखकर पुलिस ने मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि शुरुआती इलाज के बाद भी प्रमोद का डर खत्म नहीं हुआ। भर्ती कराने के अगले ही दिन 11 जनवरी को उसने अस्पताल की दूसरी मंजिल से कूदने की कोशिश की। अस्पताल के स्टाफ ने किसी तरह उसे पकड़ा। इसके बाद अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग ने उसका चेकअप किया। इसमें पुष्टि की कि प्रमोद ‘साइकोटिक डेल्यूजन’ से गुजर रहा है। सोशल मीडिया ने बढ़ाया मन में भ्रम प्रमोद मांझी ने बताया कि वह सालों से कुमार सानू को सुनता आ रहा है। सिर्फ उन्हीं के गाने गाता था। बीते दिनों रील्स पर उसने कुछ दूसरे गायकों के गीत सुने। बस यहीं से उसके दिमाग में यह भ्रम बैठ गया कि अगर वह दूसरे सिंगर को सुनेगा तो सानू के फैंस उसे ‘धोखेबाज’ मानकर मार डालेंगे। कुमार सानू ने प्रमोद की हालत पर भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से फोन पर बात की। सानू ने डेल्यूजन और साइकोसिस के बारे में विस्तार से समझा। उसकी मदद करने की इच्छा जताई। डॉ. त्रिवेदी के अनुसार, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और ग्रुप प्रेशर ऐसे भ्रम पैदा कर देते हैं कि व्यक्ति को लगता है कि पूरी दुनिया उसके खिलाफ है। डॉ. त्रिवेदी ने ट्वीट किया कि जिस इंसान के गानों पर करोड़ों लोग मोहित हैं, वही आज अपने परेशान फैन के लिए चिंतित है। यह बहुत मानवीय है। वास्तविकता और कल्पना में फर्क नहीं कर पाता रोगी डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने कहा- यह मामला साइकोसिस (Psychosis) का स्पष्ट उदाहरण है, जिसमें व्यक्ति वास्तविकता और कल्पना में फर्क करना बंद कर देता है। ऐसे मामलों में डोपामिन स्तर असामान्य बढ़ जाता है, जिससे भ्रम भी 100% सच जैसा लगता है। यही भरोसा व्यक्ति को आत्मघात तक ले जा सकता है। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि यदि ऐसे मरीजों को समय पर इलाज न मिले तो ये भ्रम महीनों तक जारी रहते हैं और खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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