Vibrant Gujarat Regional Conference: एमएसएमई और स्थानीय उद्योगों के लिए बना अवसरों का मंच, पीयूष गोयल भी हुए शामिल
Vibrant Gujarat Regional Conference: गुजरात में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस कच्छ और सौराष्ट्र का आयोजन हुआ, जिसमें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल शामिल हुए. उनकी उपस्थिति ने सम्मेलन को नई ऊंचाईयां दी है. इस अवसर पर उन्होंने गुजरात सरकार की दूरदर्शी विकास नीति और निवेश अनुकूल वातावरण और वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में हो रहे प्रयासों की सराहना की.
विभिन्न सेमिनारों में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन के दौरान, विभिन्न विषयों के सम्मेलनों में भाग लिया. उन्होंने उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधियों, निवेशकों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक रूप से बातचीत की, जिसमें निर्यात प्रोत्साहन, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, व्यापार विस्तार और औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करने जैसे अहम विषयों पर चर्चा की.
The Hon’ble Union Minister of Commerce and Industry graced the Vibrant Gujarat Regional Conference in Kutch and Saurasthra with his esteemed presence.
— Vibrant Gujarat (@VibrantGujarat) January 13, 2026
During the visit, he participated in several thematic seminars, engaging with industry leaders and stakeholders, and visited… pic.twitter.com/nd107htZ4e
भारतीय उद्यमों को इंटरनेशनल खरीददारों से जुड़ने का मौका
अपने कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल प्रदर्शनी में आयोजित इंटरनेशनल रिवर्स बायर–सेलर मीट भी देखा. गुजरात सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के मंच से भारतीय उद्यमों को इंटरनेशनल खरीददारों के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिला है. इससे वैश्विक व्यापार और निर्यात संभावनाओं को बढ़ावा मिला है. ये पहल गुजरात सरकार की उस रणनीति को दिखाता है, जिसके तहत राज्य को इंटरनेशनल व्यापार और निवेश का प्रमुख केंद्र बनने का लक्ष्य दिया गया है.
कच्छ और सौराष्ट्र के स्थानीय उद्योगों को मिल रही है मजबूती
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस कच्छ और सौराष्ट्र की वजह से कच्छ और सौराष्ट्र जैसे क्षेत्रों के स्थानीय उद्योगों, एमएसएमई और निर्यातकों को नई पहचान और नए अवसर मिल रहे हैं. गुजरात सरकार की सक्रियता, नीतिगत समर्थन और मजबूत बुनियादी ढांचा के वजह से ही ऐसा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच संभव हो पा रहा है.
मकर संक्रांति पर दिल्ली को बड़ी सौगात, सीएम रेखा गुप्ता ने 81 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का किया उद्घाटन
नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। मकर संक्रांति के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को बड़ी सौगात दी है। बुधवार को उन्होंने दिल्ली भर में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए केंद्रों के शुरू होने से दिल्ली के नागरिकों को उनके घर के पास ही बेहतर, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इससे पहले दिल्ली में 238 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहले से ही काम कर रहे थे। अब 81 नए केंद्र जुड़ने के बाद राजधानी में कुल 319 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हो जाएंगे।
उन्होंने कहा, आज मकर संक्रांति के दिन 81 नए आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही दिल्ली के लोगों को अधिक आरामदायक और आसानी से उपलब्ध होने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की तरह काम करते हैं और दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि ये केंद्र बड़े अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को कम करेंगे और आम लोगों की रोजमर्रा की स्वास्थ्य जरूरतों को समय पर पूरा करने में मदद करेंगे। अब नागरिकों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर बड़े अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा।
रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य पूरे शहर में कुल 1,100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आने वाले महीनों में और भी केंद्र शुरू किए जाएंगे।
इस मौके पर भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि जिस तरह से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निर्माण किया जा रहा है, वह सराहनीय है।
उन्होंने बताया कि भीम नगर और मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में यह आठवां आरोग्य मंदिर है और यहां दो और आरोग्य मंदिर बनाए जाने हैं।
एक दिन पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने भी इस योजना को लेकर अहम जानकारी दी थी।
उन्होंने कहा था कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विस्तार से दिल्ली में सुलभ और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 81 नए केंद्र जुड़ने के बाद दिल्ली में कुल आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़कर 319 हो जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल राजधानी के दीर्घकालिक प्राथमिक स्वास्थ्य रोडमैप के तहत की जा रही है, जिसके तहत 1,100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार सभी के लिए स्वास्थ्य के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप काम कर रही है।
पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मुफ्त डॉक्टर परामर्श, जरूरी दवाइयां और जांच की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर की स्क्रीनिंग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग, लाइफस्टाइल काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, योग और पोषण से जुड़ी सलाह भी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि ये मोहल्ला स्तर के स्वास्थ्य केंद्र महिलाओं, बुजुर्गों और गरीब परिवारों के लिए बेहद लाभकारी होंगे, क्योंकि इससे उन्हें लंबी दूरी तय करने और अस्पतालों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-वय वंदना योजना के तहत दिल्ली में 13 जनवरी 2026 तक कुल 6,91,530 हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 2,65,895 वय वंदना कार्ड शामिल हैं।
इसके अलावा, दिल्ली में अब 189 सूचीबद्ध अस्पताल हैं, जिनमें निजी, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अस्पताल शामिल हैं, जहां जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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