Ramu ke Pede: 50 साल से नहीं बदला स्वाद, कैसे बने रामू के पेड़े सीकर की पहचान और पहुंचे दूसरे राज्यों तक
Sikar Ramu Ke Pede: सीकर की पहचान बन चुके रामू के पेड़े पिछले 50 वर्षों से अपने पारंपरिक स्वाद के लिए प्रसिद्ध हैं. शुद्ध सामग्री और पारंपरिक विधि से बनाए जाने वाले ये पेड़े आज भी उसी स्वाद के साथ तैयार किए जाते हैं, जिसने इन्हें लोकप्रिय बनाया. स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी इन्हें खास तौर पर खरीदते हैं. मांग बढ़ने के साथ अब रामू के पेड़ों की सप्लाई दूसरे राज्यों तक भी होने लगी है, जिससे सीकर की मिठास देशभर में पहचान बना रही है.
KGMU Conversion Case : चैट्स, वीडियो और जाकिर नाइक से रिश्ते? जांच एजेंसियों की बढ़ी चिंता
KGMU धर्मांतरण मामले में जांच के दौरान आरोपी डॉक्टर के मोबाइल से चौंकाने वाली चैट्स, वीडियो और कई महिलाओं से संपर्क के सबूत मिले हैं। जाकिर नाइक और अन्य संदिग्ध कनेक्शन सामने आने के बाद STF व पुलिस की जांच और तेज हो गई है।
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