सेमीकॉन इंडिया 2026 : डेरेक शील्ड्स ने कहा, 'वैश्विक नक्शे पर अहम प्लेयर बनेगा भारत'
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी के यशोभूमि स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर में सेमीकॉन इंडिया- 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक किया गया। सेमीकॉन इंडिया में वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कार्यक्रम के आखिरी दिन शनिवार को फीफर वैक्यूम इंडिया के बिजनेस डेवलपमेंट डायरेक्टर डेरेक शील्ड्स ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम शुरुआती दौर से निकलकर वास्तविक विस्तार की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने मेड इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के विजन को इस ग्रोथ का अगला पड़ाव बताया।
डेरेक शील्ड्स ने कहा, सेमीकॉन इंडिया का दिन और क्या शानदार शो रहा है। यह बहुत व्यस्त रहा है। आप कह सकते हैं कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में इकोसिस्टम निश्चित रूप से बढ़ रहा है। मैंने साल दर साल यह वृद्धि देखी है, लेकिन अब यह और अधिक वास्तविक हो रही है। भारत में बहुत सारा निवेश हो रहा है और यह वास्तव में ध्यान केंद्रित करने की जगह है।
उन्होंने आगे कहा कि हम व्यक्तिगत रूप से बहुत समय और पैसा निवेश कर रहे हैं और देश में सेमीकंडक्टर के नियोजित विस्तार का समर्थन करने के लिए भारत के भीतर अपने कदमों को बढ़ा रहे हैं। यह शानदार है, इसे देखकर बहुत अच्छा लगा। इसे बढ़ते हुए देखकर बहुत अच्छा लगा।
भारत के व्यवसाय को लेकर डायरेक्टर डेरेक ने कहा कि मैं भारत को अभी भी इस शुरुआत में ही देखता हूं। बहुत सारा निवेश हो रहा है, मुख्य रूप से आपूर्ति आधारों से, उद्योग का समर्थन करने के लिए। मुझे लगता है कि यह फिलहाल अधिक एकांतप्रिय है। यह मेड इन इंडिया है, लेकिन जैसा कि पीएम मोदी ने पहले कहा था, यह विश्व के लिए मेड इन इंडिया है और वैश्विक स्तर पर जाना है। मैं इसे आते हुए देखता हूं, लेकिन मुझे लगता है कि इसे मुख्यधारा में लाने के लिए बुनियादी ढांचे को अभी भी स्थापित करने की आवश्यकता है।
रणनीतिक साझेदारी में सहयोग को लेकर डायरेक्टर डेरेक शील्ड्स ने कहा कि यह सब साझेदारी, उद्यमों और संयुक्त उद्यमों से जुड़ा है। भारत में बड़ी मात्रा में निवेश बाहरी स्रोतों और सरकार की ओर से आ रहा है। यह बेहद महत्वपूर्ण है और अगर यह सिलसिला जारी रहा तो भारत एक गंभीर और अहम प्लेयर बनकर उभरेगा, भारतीय इकोसिस्टम में जिस तरह की गतिविधियां हो रही हैं, उसे देखते हुए यह निश्चित है। भारत के सामने चुनौतियां अधिक नॉलेज बेस और विदेशों में प्रशिक्षित कर्मियों को देश में लाने से जुड़ी हैं। इसे सफल बनाने के लिए अनुभव की जरूरत होगी।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
MP के 7500 से अधिक मेधावी छात्रों को मिलेगी मुफ्त स्कूटी, विमर्श पोर्टल पर पात्रता सूची जारी, जानें नए नियम
MP Mukhyamantri Scooty Yojana Merit List: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा की राह अब और भी आसान होने जा रही है. राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026 के अंतर्गत मुख्यमंत्री बालिका व बालक स्कूटी योजना की आधिकारिक पात्रता सूची जारी कर दी है. स्कूल स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बेटे और बेटियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए सरकार वाहन खरीदने हेतु सीधी आर्थिक मदद उपलब्ध करा रही है. इस बार पूरे प्रदेश के 7,500 से अधिक होनहार विद्यार्थियों को ई-स्कूटर अथवा पेट्रोल चलित स्कूटी देने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है. स्कूल शिक्षा विभाग ने आधिकारिक विमर्श पोर्टल पर चयनित छात्र-छात्राओं की मेरिट सूची सार्वजनिक कर दी है, जिससे पारदर्शिता के साथ पात्र विद्यार्थी अपना विवरण देख सकें.
मेधावी विद्यार्थियों के लिए कड़े किए गए नियम
राज्य सरकार ने इस बार योजना के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं ताकि केवल वास्तविक और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ही यह बड़ा लाभ मिल सके. संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, अब वही छात्र इस योजना के हकदार होंगे जिन्होंने 12वीं कक्षा में कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों. पूर्व के वर्षों में यह पात्रता सीमा 60 प्रतिशत तय थी, जिसे अब बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके साथ ही सबसे बुनियादी शर्त यह है कि विद्यार्थी अपने सरकारी स्कूल की 12वीं परीक्षा में प्रथम स्थान पर रहा हो.
VIDEO | Madhya Pradesh: Chief Minister Mohan Yadav distributes e-scooties to over 7,500 meritorious students under the 'Chief Minister Scooty Scheme.'
— Press Trust of India (@PTI_News) September 19, 2026
CM Yadav felicitated and interacted with the students who excelled in Class 12 at government higher secondary schools at a… pic.twitter.com/2l5tkZukNa
पात्रता के नए नियमों के तहत आवेदक का मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग अथवा जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में नियमित छात्र के रूप में अध्ययनरत होना अनिवार्य है. किसी भी निजी विद्यालय के विद्यार्थी इस योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगे. इसके अतिरिक्त यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि छात्र ने बोर्ड परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की हो. पूरक परीक्षा देकर पास होने वाले या दोबारा परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा. राहत की बात यह है कि यह योजना केवल बालिकाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक पात्र विद्यालय से उत्कृष्ट अंक लाने वाले बालक और बालिका दोनों को समान अवसर और सम्मान दिया जा रहा है.
विमर्श पोर्टल पर मेरिट लिस्ट देखने की आसान विधि
यदि आपने सरकारी विद्यालय से 12वीं की परीक्षा में सर्वोच्च अंक पाकर स्कूल में प्रथम स्थान हासिल किया है, तो आप घर बैठे अपना नाम पात्रता सूची में जांच सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले स्कूल शिक्षा विभाग के आधिकारिक विमर्श पोर्टल को इंटरनेट ब्राउजर पर खोलना होगा. पोर्टल के मुख्य पृष्ठ पर मुख्यमंत्री बालिका और बालक स्कूटी योजना ऑनलाइन पंजीकरण रिपोर्ट अथवा पात्रता सूची से संबंधित सक्रिय लिंक दिखाई देगा.
उस लिंक पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज खुलेगा जिसमें ड्रॉपडाउन मेनू की सहायता से अपने जिले और विकासखंड का चयन करना होगा. इसके बाद संबंधित विद्यालय का नाम चुनकर सबमिट बटन दबाते ही आपके स्कूल के चयनित विद्यार्थियों की पूरी मेरिट लिस्ट स्क्रीन पर खुलकर आ जाएगी. यदि किसी विद्यार्थी ने अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और उसका नाम इस सूची में प्रदर्शित नहीं हो रहा है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है. कई बार तकनीकी सत्यापन के कारण सूची को समय-समय पर अपडेट किया जाता है. ऐसी स्थिति में विद्यार्थी तत्काल अपने स्कूल के प्राचार्य से संपर्क करके अपने दस्तावेजों और अंकों का मिलान करवा सकते हैं.
ई-स्कूटर और पेट्रोल वाहन के लिए निर्धारित राशि
योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि चयनित विद्यार्थियों को अपनी पसंद का वाहन चुनने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है. छात्र अपनी सुविधानुसार आधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटी या फिर पारंपरिक पेट्रोल चलित स्कूटी में से किसी एक का विकल्प चुन सकते हैं. जो विद्यार्थी पर्यावरण अनुकूल ई-स्कूटर का चयन करेंगे, उनके लिए सरकार ने 1.20 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता तय की है. इसमें वाहन की खरीद मूल्य के अलावा आरटीओ पंजीकरण और पहले वर्ष के अनिवार्य बीमा का प्रारंभिक खर्च भी सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है.
दूसरी ओर, जो छात्र पेट्रोल आधारित मोटराइज्ड स्कूटी को प्राथमिकता देंगे, उन्हें 90,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. यह समस्त सहायता राशि विद्यार्थियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर अर्थात डीबीटी के जरिए सीधे भेजी जा रही है. इस पूरी प्रक्रिया से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और पात्र विद्यार्थियों को समय पर वाहन उपलब्ध हो पा रहा है. इस सहायता से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले होनहार छात्र बिना किसी यातायात की बाधा के कॉलेज स्तर की उच्च शिक्षा आसानी से पूरी कर सकेंगे.
यह भी पढ़ें: भारतीय रेलवे ने पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन में 252 करोड़ रुपए की लागत से कवच 4.0 परियोजना को दी मंजूरी
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation








