What Is BRICS Currency: क्या है ब्रिक्स करेंसी? जानिए डॉलर के वर्चस्व को चुनौती देने वाले इस मौद्रिक मॉडल की पूरी कहानी
दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने वाला ब्रिक्स समूह वैश्विक व्यापार प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव की ओर कदम बढ़ा रहा है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर का एकाधिकार रहा है, जिसके कारण विकासशील देशों को न केवल विनिमय दर के उतार-चढ़ाव का नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि अमेरिकी मौद्रिक नीतियों और प्रतिबंधों का असर भी झेलना पड़ता है। इसी पृष्ठभूमि में 'ब्रिक्स करेंसी' की अवधारणा और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों की चर्चा वैश्विक पटल पर गरमा गई है।
क्या है ब्रिक्स करेंसी और इसका मौजूदा ढांचा?
ब्रिक्स करेंसी का तात्पर्य सदस्य देशों के बीच एक ऐसी साझा मुद्रा या एकीकृत वित्तीय प्रणाली से है, जिसके जरिए आपस में आयात और निर्यात के लिए डॉलर का इस्तेमाल न करना पड़े। वर्तमान में इस व्यवस्था को लेकर दो मुख्य मॉडल पर काम चल रहा है। पहला मॉडल यूरोपीय संघ के 'यूरो' की तर्ज पर एक साझी कागजी या डिजिटल मुद्रा बनाने का है, जिसका समर्थन रूस और ब्राजील जैसे देश करते रहे हैं।
वहीं दूसरा मॉडल सदस्य देशों की अपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं जैसे भारतीय रुपया, चीनी युआन, रूसी रूबल में सीधे व्यापार करने और उनके डिजिटल बैंकिंग तंत्र को आपस में जोड़ने का है।
साझी मुद्रा बनाम स्थानीय करेंसी पर भारत का रुख
ब्रिक्स करेंसी की चर्चा के बीच भारत ने हमेशा एक व्यावहारिक और संतुलित नजरिया अपनाया है। भारत का स्पष्ट मानना है कि रातों-रात एक साझी कागजी मुद्रा बनाना जटिल और जोखिम भरा हो सकता है।
इसलिए भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी घरेलू मुद्रा 'रुपया' (INR) में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। इसके साथ ही भारत अपने आधुनिक डिजिटल भुगतान ढांचे जैसे UPI और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी को ब्रिक्स देशों के बैंकिंग नेटवर्क से जोड़ने की वकालत कर रहा है, ताकि लेनदेन तेज और पारदर्शी हो सके।
ग्लोबल साउथ और दुनिया पर इसका प्रभाव
यदि ब्रिक्स देश डॉलर के स्थान पर अपनी मुद्राओं या वैकल्पिक डिजिटल सिस्टम के जरिए व्यापार बढ़ाते हैं, तो इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर की हिस्सेदारी धीरे-धीरे घटेगी, जिससे अमेरिकी नीतियों का एकाधिकार कम होगा।
इसके अलावा, पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जाने वाले आर्थिक प्रतिबंधों और बैंकिंग सिस्टम से बाहर किए जाने के राजनीतिक खतरों से सुरक्षा मिलेगी। इससे विकासशील देशों की वित्तीय संप्रभुता और व्यापारिक सौदेबाजी की ताकत में इजाफा होगा।
ब्रिक्स करेंसी की राह में मौजूद बड़ी रुकावटें
विचार के स्तर पर यह योजना जितनी प्रभावी दिखती है, धरातल पर इसे पूरी तरह लागू करने में कई गंभीर चुनौतियाँ हैं। ब्रिक्स सदस्य देशों की आर्थिक स्थिति, महंगाई दर और राजकोषीय प्राथमिकताओं में बहुत बड़ी विषमता है, जहाँ चीन की अर्थव्यवस्था का आकार समूह के अन्य देशों के मुकाबले काफी बड़ा है।
इसके अलावा, एक साझी मुद्रा चलाने के लिए एक केंद्रीय बैंक की जरूरत होगी, जिसके लिए सभी देशों को अपनी मौद्रिक नीतियों पर नियंत्रण छोड़ना होगा। भारत और चीन जैसे देशों के बीच जारी भू-राजनीतिक खिंचाव और अविश्वास के कारण ऐसे किसी केंद्रीय वित्तीय ढांचे पर पूर्ण सहमति बनाना बेहद कठिन काम है।
वियटजेट की '9.9 सेल': भारतीय यात्रियों के लिए मात्र 11 रुपये में वियतनाम की उड़ान का शानदार मौका, जानें पूरी डिटेल
Vietjet 9.9 sale: अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने के शौकीन भारतीय पर्यटकों के लिए एक बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। एयरलाइन कंपनी वियटजेट (Vietjet) ने अपनी विशेष तीन दिवसीय '9.9 सेल' की शुरुआत कर दी है, जिसके तहत भारतीय यात्रियों को बेहद किफायती दरों पर वियतनाम की यात्रा करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।
इस सेल के दौरान दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद और बेंगलुरु से वियतनाम के प्रमुख शहरों- हनोई और हो ची मिन्ह सिटी के लिए सीधी उड़ानों पर 'इको' फेयर बिना टैक्स और फीस के मात्र 11 रुपये से शुरू हो रहे हैं। इसके साथ ही 'डीलक्स' बेस फेयर पर भी भारी छूट दी जा रही है।
बुकिंग की अवधि और ऑफर्स का लाभ कैसे उठाएं?
यह विशेष सेल 7 सितंबर 2026 की रात 10:30 बजे से शुरू होकर 10 सितंबर 2026 की रात 9:30 बजे (भारतीय समयानुसार) तक लाइव रहेगी। इस दौरान जो यात्री वियटजेट की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट बुक करेंगे, वे पूरे नेटवर्क पर किफायती इको किराए का लाभ उठा सकते हैं।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बुक करने वाले यात्री SALE99 प्रोमो कोड का उपयोग करके डीलक्स मूल किराए पर 22 प्रतिशत की विशेष छूट भी प्राप्त कर सकते हैं।
यात्रा की अवधि और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार
वियटजेट का यह विशेष ऑफर 10 सितंबर 2026 से लेकर 10 सितंबर 2027 तक की यात्रा के लिए वैध रहेगा (इसमें कुछ विशेष तिथियां शामिल नहीं हैं)। इस ऑफर की मदद से भारतीय यात्री वियतनाम के साथ-साथ एशिया और अन्य जगहों की अपनी छुट्टियों की योजना बहुत ही कम खर्च में बना सकते हैं।
वियटजेट अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसी क्रम में एयरलाइन इस अक्टूबर में हनोई से अल्माटी और प्राग के लिए नई उड़ानें शुरू करने जा रही है, जिससे मध्य एशिया और यूरोप में इसकी कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इसके अलावा, साल के अंत तक हनोई को ताइनान और सेबू से; हो ची मिन्ह सिटी को सेबू, क्लार्क और चियांग माई से; न्हा ट्रांग को सिंगापुर से तथा दा नांग को ओसाका से जोड़ने वाले नए रूट भी शुरू किए जाएंगे।
इतना ही नहीं, एयरलाइन जनवरी 2027 में नए वेस्टर्न सिडनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जरिए हो ची मिन्ह सिटी और सिडनी के बीच भी नई सेवा शुरू करने की योजना बना रही है।
शानदार इन-फ्लाइट अनुभव और खान-पान
वियटजेट का आधुनिक और कम ईंधन की खपत करने वाला विमान बेड़ा, पेशेवर केबिन क्रू और यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने वाला स्टाफ सफर को बेहद आरामदायक बनाता है। उड़ान के दौरान यात्री अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों के साथ-साथ वियतनाम के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजनों जैसे फो (Pho), बान मी (Banh mi) और लोकप्रिय वियतनामी आइस्ड मिल्क कॉफी का आनंद ले सकते हैं। साथ ही, उड़ान के दौरान मिलने वाले सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रम यात्रियों को हवा में ही वियतनाम की खूबसूरत संस्कृति की एक अनूठी झलक भी दिखाते हैं।
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