कैंसर की समय पर पहचान और सस्ता इलाज सुनिश्चित करें विशेषज्ञ: CM Vishnu Deo Sai
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशेषज्ञों से ऐसी आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और प्रभावी उपायों पर विचार करने का आग्रह है किया है जिनसे कैंसर की जल्द पहचान हो सके और उपचार अधिक सस्ता, सुलभ एवं आम लोगों की पहुंच में लाया जा सके। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर रिसार्ट में बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 की शुरूआत की।
साय ने कहा कि कैंसर के विरुद्ध लड़ाई केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीज को आधुनिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही उसका मनोबल बनाए रखना तथा उसे यह विश्वास दिलाना भी उतना ही आवश्यक है कि इस कठिन लड़ाई में वह अकेला नहीं है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार और परिवार एवं समाज का भावनात्मक सहयोग मरीज के भीतर बीमारी से लड़ने का हौसला बढ़ाता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कैंसर आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि कैंसर का नाम सुनते ही मरीज के साथ पूरा परिवार चिंता और अनिश्चितता से घिर जाता है। उन्होंने कहा कि बीमारी का प्रभाव केवल मरीज के शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ता है, इसलिए कैंसर के उपचार में समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक जब आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ मरीज से जुड़ते हैं तो वे केवल बीमारी का उपचार नहीं करते, बल्कि मरीज और उसके परिवार के लिए विश्वास और हौसले का आधार भी बनते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में हो रही प्रगति के साथ मानवीय संवेदना का यह पक्ष कैंसर के विरुद्ध लड़ाई को और मजबूत बनाता है। साय ने कहा, कैंसर से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बीमारी की समय पर पहचान है।
शुरुआती अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर प्रभावी उपचार की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की समय पर जांच और रोकथाम को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ने कॉन्क्लेव में उपस्थित विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे ऐसी आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और प्रभावी उपायों पर विचार करें, जिनसे कैंसर की जल्द पहचान हो सके और उपचार को अधिक सस्ता, सुलभ तथा आम लोगों की पहुंच में लाया जा सके।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव चिकित्सा जगत के अनुभव, शोध और नवाचार को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। उन्होंने कहा कि यहां होने वाला विचार-विमर्श भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और उपचार पद्धतियों को नई दिशा देने में सहायक होगा। अधिकारियों ने बताया कि इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, उपचार, अनुसंधान और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर मंथन कर रहे हैं।
कॉन्क्लेव में दो सौ से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस वर्ष स्त्री रोग संबंधी कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर पर विशेष रूप से चर्चा की जा रही है।
गुना में कुनो उद्गम स्थल कंजा पर सिंधिया ने कार्यकर्ताओं के साथ की ‘टिफिन बैठक’, आत्मीयता के साथ किया संवाद
गुना, 19 सितम्बर 2026। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कुनो उद्गम स्थल ग्राम कंजा पर आयोजित टिफिन बैठक में पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया और सभी कार्यकर्ताओं के साथ सहज एवं स्नेहपूर्ण वातावरण में बैठकर भोजन किया। इस दौरान वे कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीयता से घुले-मिले और एक-दूसरे को भोजन कराते हुए भी नजर आए।
टिफिन बैठक के दौरान सिंधिया ने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ ऐसे सहज और आत्मीय क्षण संगठन के प्रति समर्पण, आपसी विश्वास और साथ मिलकर आगे बढ़ने की भावना को और मजबूत करते हैं। कार्यकर्ताओं का समर्पण, अनुशासन और जनसेवा का भाव ही भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, भाजपा मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ता विकास, सुशासन, सेवा और संगठन के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं।
कूनो नदी के उद्गम स्थल पर की पूजा-अर्चना
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कूनो नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना की।उन्होंने कूनो नदी के पुनर्जीवन एवं उसके संरक्षण के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की। सिंधिया ने कूनो नदी के पुनर्जीवन एवं पुनर्भरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि नदी और उसके उद्गम स्थलों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने भगवान सिंह का सम्मान भी किया। भगवान सिंह ने कूनो नदी के उद्गम स्थल के विकास और संरक्षण के लिए अपनी कृषि भूमि का एक हिस्सा दान में दिया है। सिंधिया ने उनके इस योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया और उनके समर्पण की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए समाज की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। भगवान सिंह द्वारा अपनी भूमि का हिस्सा दान करना इसी सामाजिक सहभागिता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का उदाहरण है।
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