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CM Bhagwant Mann ने पराली पर किसानों पर FIR का किया विरोध, Delhi Pollution के आरोपों पर उठाए सवाल

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि वे पराली जलाने के लिए किसानों के खिलाफ FIR दर्ज करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने एक बार फिर केंद्र से उन धान किसानों के लिए आर्थिक मदद मांगी है जो फसल के अवशेष (पराली) नहीं जलाते हैं। उनका यह बयान राज्य में धान की कटाई का मौसम शुरू होने से कुछ दिन पहले आया है, जबकि किसान पराली के प्रबंधन के लिए प्रति एकड़ 3,000 रुपये के प्रोत्साहन की मांग कर रहे हैं। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने का संबंध अक्सर दिल्ली-NCR इलाके में बढ़ते वायु प्रदूषण से जोड़ा जाता है। अक्टूबर और नवंबर में धान की कटाई के बाद, किसानों के पास अपने खेतों को साफ करने और रबी की गेहूं की फसल के लिए तैयार करने का बहुत कम समय होता है, इसलिए कई किसान फसल के बचे हुए अवशेषों को जला देते हैं।

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शुक्रवार को लुधियाना में पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में दो दिन के किसान मेले का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि दिल्ली में धान की पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण के लिए हमेशा पंजाब के किसानों को दोषी ठहराया जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कहती है कि पंजाब ने सेंट्रल पूल में 180 लाख मीट्रिक टन धान का योगदान दिया है। लेकिन वे इस बात पर ध्यान नहीं देते कि उस 180 लाख मीट्रिक टन धान से कितनी पराली निकलती है। वे एफआईआर दर्ज करने का सुझाव देते हैं। मान ने कहा कि उन्होंने केंद्र को बताया है कि किसान धान की पराली नहीं जलाना चाहते क्योंकि इसका धुआं उन पर भी सीधा असर डालता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने सुझाव दिया है कि पराली के निपटान के लिए किसानों को आर्थिक मदद दी जानी चाहिए। भारत के बाहर प्रदूषण की चिंताओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने कहा है कि वह उन्हें लाहौर पर धुएं के असर के बारे में पत्र लिखेंगी। उन्होंने कहा कि क्या हवा में सिर्फ़ हमारा ही धुआं है? क्या हरियाणा और उत्तर प्रदेश से निकलने वाला धुआं इसमें योगदान नहीं देता? वे बस पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा, "मेरा मन किसानों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने का नहीं है। उनके ख़िलाफ़ FIR कैसे दर्ज की जा सकती है?

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पंजाब में किसान नेताओं ने मान के बयानों को आने वाले विधानसभा चुनावों से जोड़ा। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) के जनरल सेक्रेटरी सुखदेव सिंह कोकरीकलां ने कहा कि सरकार को सबसे पहले पराली जलाने के लिए किसानों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावों को देखते हुए मान की बातें राजनीतिक मकसद से प्रेरित लगती हैं। BKU (लाखोवाल) के नेता हरिंदर सिंह लाखोवाल ने भी कहा कि पराली के निपटान के लिए किसानों को नकद प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। हर साल पराली जलाने के लिए किसानों के खिलाफ FIR दर्ज की जाती हैं। दोषी पाए जाने पर उन्हें पर्यावरण मुआवजे के तौर पर जुर्माना भरना पड़ता है और रेवेन्यू रिकॉर्ड में 'रेड एंट्री' की जाती है, जिससे किसान लोन नहीं ले पाते या अपनी ज़मीन नहीं बेच पाते। पंजाब में 2023 से 2025 के बीच पराली जलाने की घटनाओं में 86 प्रतिशत की कमी आई है; मामले 2023 में 36,663 से घटकर 2024 में 10,909 और 2025 में 5,114 रह गए। राज्य में 2022 में 49,922, 2021 में 71,304, 2020 में 76,590, 2019 में 55,210 और 2018 में 50,590 खेत में आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनमें संगरूर, मानसा, बठिंडा और अमृतसर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में घटनाएं देखी गईं।

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Etah में फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी चलाने वाले गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में थाना मारहरा पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय संचालित करने और छात्रों को पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने तथा फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी पुलिस ने दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के अनुसार, पुलिस को अपहरण करके दो लाख रुपये की फिरौती मांगने की झूठी सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू हुई थी।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कथित फर्जी शैक्षणिक संस्थान और उससे जुड़े कथित नेटवर्क का पता चला। पुलिस के मुताबिक आरोपी वर्ष 2022 से डी.फार्मा, बी.फार्मा, बीएससी नर्सिंग समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने के नाम पर छात्रों और उनके अभिभावकों से धनराशि वसूल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डेस्कटॉप कंप्यूटर, विभिन्न कॉलेजों के फर्जी चेक, 16 फर्जी छात्र पहचान पत्र, आवेदन फार्म, प्रवेश शीट, फीस रसीद, परीक्षा पुस्तिकाएं, फर्जी मोहर, पेम्पलेट, लेटर पैड और फर्जी मार्कशीट बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार इसके अलावा एनरोलमेंट नंबर, रोल नंबर, अटेंडेंस और एडमिशन से संबंधित रिकॉर्ड भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतेन्द्र कुमार (36), निवासी महमूदपुर नगरिया, मारहरा, गौरव अग्रवाल (42), निवासी नदरई गेट, कासगंज, भगवान दास (59), निवासी धरमपुर, मारहरा, नरेन्द्र उर्फ पप्पू (58), निवासी मोहल्ला पैठ, मारहरा और मो. शरीफ कुरैशी (75), निवासी गफूरगंज, मारहरा के रूप में हुई है। एसएसपी इलामारन ने बताया कि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि नेटवर्क से कितने छात्र जुड़े थे तथा उनसे कितनी धनराशि वसूली गई।

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  Sports

IND vs WI: कौन है वेस्टइंडीज का नया ‘पूरन’? भारत में दिखाएगा अपना दम, विंडीज स्क्वॉड में सेलेक्शन

वेस्टइंडीज के वनडे स्क्वॉड में ज्यादा बदलाव नहीं देखने को मिला है और न्यूजीलैंड-श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में खेलने वाले ज्यादातर खिलाड़ी भारत आ रहे हैं. टी20 में जरूर एक स्टार खिलाड़ी नहीं आ रहा है. Sat, 19 Sep 2026 23:45:54 +0530

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