त्योहारों के चलते दूसरी छमाही में 2-2.5 लाख नौकरियां सृजित होने की संभावना: रिपोर्ट
त्योहारों के चलते दूसरी छमाही में 2-2.5 लाख नौकरियां सृजित होने की संभावना: रिपोर्टTRAI New Rules: स्पैम कॉल्स पर अब AI रखेगा नजर, ऑटोमेटेड कॉल्स को लेकर भी बदले नियम
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने अनचाही कमर्शियल कम्युनिकेशन यानी स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए अपने नियमों को और सख्त कर दिया है। नए नियमों में संदिग्ध स्पैम गतिविधियों की पहचान के लिए AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल, ऑटोमेटेड कमर्शियल कॉल्स के लिए नए प्रावधान और कुछ A2P कॉल्स पर टर्मिनेशन चार्ज शामिल हैं।
इसके अलावा, टेलीकॉम कंपनियों को संदिग्ध स्पैम से जुड़े नंबरों की जानकारी एक-दूसरे के साथ साझा करनी होगी। एक ही सेंडर से जुड़े कई नंबरों के खिलाफ शिकायत या स्पैम गतिविधि सामने आने पर अतिरिक्त जांच भी की जा सकेगी।
AI की मदद से होगी स्पैम नंबरों की पहचान
TRAI के नए फ्रेमवर्क के तहत टेलीकॉम ऑपरेटर ऐसे नंबरों की पहचान करने के लिए AI आधारित तरीकों का इस्तेमाल करेंगे, जिनसे स्पैम गतिविधि की आशंका ज्यादा है। ऐसे नंबरों से जुड़ी जानकारी दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ भी साझा की जाएगी।
अगर किसी सेंडर से जुड़े 5 या उससे ज्यादा नंबर 10 दिनों के भीतर संदिग्ध स्पैम गतिविधि के तौर पर फ्लैग किए जाते हैं, तो ऑपरेटर KYC री-वेरिफिकेशन और फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे सेंडर की आउटगोइंग सेवाओं को ब्लॉक किया जा सकता है। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर कनेक्शन भी काटा जा सकता है।
ऑटोमेटेड कमर्शियल कॉल्स के लिए भी नए नियम
TRAI ने Application-to-Person (A2P) कॉल्स को लेकर भी नियमों में बदलाव किया है। A2P कॉल्स ऐसी कॉल्स हैं, जो किसी एप्लिकेशन, सॉफ्टवेयर सिस्टम या ऑटोमेटेड प्लेटफॉर्म के जरिए की जाती हैं और इनमें कोई व्यक्ति सीधे नंबर डायल नहीं करता। इसमें ऑटोडायल कॉल्स, रोबोकॉल्स, प्री-रिकॉर्डेड मैसेज और आर्टिफिशियल या रिकॉर्डेड आवाज का इस्तेमाल करने वाली कॉल्स शामिल हैं।
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अब ऐसे A2P कॉलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले कारोबारों और अन्य संस्थाओं को अपने टेलीकॉम प्रोवाइडर को इस सेवा की जानकारी देनी होगी। साथ ही, इन कॉल्स के लिए इस्तेमाल होने वाले नंबर भी बताने होंगे। अगर कोई संस्था A2P कॉल की घोषणा नहीं करती है, तो TRAI उसे अनचाही कमर्शियल कम्युनिकेशन (UCC) के तौर पर मान सकता है।
A2P कॉल्स पर लगेगा 5 पैसे प्रति मिनट तक चार्ज
नए नियमों के तहत कुछ A2P कॉल्स पर 5 पैसे प्रति मिनट तक का टर्मिनेशन चार्ज लगाया जा सकता है। हालांकि, रेगुलेटेड कमर्शियल कम्युनिकेशन के लिए निर्धारित नंबरिंग सीरीज से की जाने वाली कॉल्स को इस चार्ज से छूट दी जाएगी। TRAI की ओर से विशेष रूप से अधिकृत कॉल्स पर भी यह चार्ज लागू नहीं होगा।
ग्राहकों को मिलेगा अपील का अधिकार
संशोधित एंटी-स्पैम फ्रेमवर्क में ग्राहकों और संबंधित पक्षों के लिए अपील की व्यवस्था भी शामिल की गई है। यानी नियमों के तहत की गई कुछ कार्रवाइयों के खिलाफ अपील करने का विकल्प उपलब्ध होगा। TRAI ने कमर्शियल हेडर्स और कंटेंट टेम्पलेट्स के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए भी अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जोड़े हैं।
कॉल-मैनेजमेंट ऐप्स पर भी नई पाबंदियां
नए नियमों का असर कॉल-मैनेजमेंट ऐप्स पर भी पड़ेगा। ऐसे ऐप्स को निर्धारित नंबरिंग सीरीज से आने वाली कॉल्स को हैंडल करते समय नए नियमों का पालन करना होगा। कॉल-मैनेजमेंट ऐप्स 140xx, 1600xx और 1601xx नंबरिंग सीरीज से आने वाली कॉल्स को सामूहिक रूप से ब्लॉक, फिल्टर या स्पैम के तौर पर लेबल नहीं कर सकेंगे।
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