IGI एयरपोर्ट पर 2.168 किलो सोना बरामद, दुबई से आए दो तस्कर पकड़ाए
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने सोने की तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है. विशेष खुफिया सूचना और प्रोफाइलिंग के आधार पर AIU की टीम ने दुबई से दिल्ली पहुंचे एक महिला और एक पुरुष यात्री को संदिग्ध गतिविधियों के चलते निगरानी में लिया. दोनों यात्री 18/19 सितंबर की रात Emirates की फ्लाइट EK-514 से दिल्ली पहुंचे थे.
कस्टम अधिकारियों के मुताबिक, दोनों यात्रियों की गतिविधियों पर फ्लाइट के गेट से ही नजर रखी जा रही थी. अधिकारियों ने दोनों को एयरपोर्ट के अंदर बेल्ट नंबर 12-13 के पास वॉशरूम के बाहर आपस में बातचीत करते हुए देखा. इसके बाद दोनों यात्रियों को ग्रीन चैनल से बाहर निकलते समय रोक लिया गया और उनकी जांच की गई.
DFMD जांच में पुरुष यात्री पर हुआ शक
जांच के दौरान महिला यात्री के सामान की तलाशी ली गई. साथ ही उसका DFMD (Door Frame Metal Detector) परीक्षण भी किया गया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. वहीं, पुरुष यात्री की DFMD जांच के दौरान तेज बीप की आवाज आई. इसके बाद कस्टम अधिकारियों ने उसकी विस्तृत तलाशी शुरू की.
तलाशी के दौरान पुरुष यात्री के पास से 11 गोल्ड बार बरामद किए गए. कस्टम विभाग के अनुसार, बरामद सोने का कुल वजन 2,168 ग्राम यानी करीब 2.17 किलोग्राम है.
10 गोल्ड बार 10-तोला के, एक बार 1 किलो का
कस्टम विभाग की जांच में सामने आया कि बरामद सोने में 10 गोल्ड बार 10-तोला वजन के थे, जबकि एक गोल्ड बार का वजन 1 किलोग्राम था. इस तरह बरामद सोने की कुल मात्रा 2.168 किलोग्राम पाई गई. कस्टम अधिकारियों ने बरामद सोने को जब्त कर लिया है. शुरुआती जांच में यह मामला सोने की तस्करी से जुड़ा माना जा रहा है. दोनों यात्रियों के खिलाफ Customs Act, 1962 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
खुफिया सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
कस्टम विभाग की AIU टीम लगातार एयरपोर्ट पर संदिग्ध यात्रियों और तस्करी के संभावित मामलों पर नजर रखती है. इसी क्रम में विशेष खुफिया सूचना और यात्रियों की प्रोफाइलिंग के आधार पर दोनों यात्रियों की गतिविधियों को संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद उन्हें निगरानी में लिया गया.
फिलहाल कस्टम विभाग मामले की आगे की जांच कर रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद सोना कहां से लाया गया था, इसे दिल्ली में किसे सौंपा जाना था और इस मामले के पीछे किसी बड़े तस्करी नेटवर्क की भूमिका है या नहीं. जांच पूरी होने के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
बिहार में ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ की शुरुआत, 30 नवंबर तक पूरे होंगे छोटे विकास कार्य
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ की शुरुआत की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘कायाकल्प’ पोर्टल का भी लोकार्पण किया. अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में सार्वजनिक सुविधाओं और परिसंपत्तियों को बेहतर एवं स्वच्छ बनाना, लंबित छोटे विकास कार्यों को पूरा करना और जरूरत के अनुसार नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना है.
30 नवंबर तक पूरे करने होंगे छोटे विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर छोटे-छोटे विकास कार्यों को 30 नवंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाए.
अभियान के तहत विद्यालयों की रंगाई-पुताई, आंगनबाड़ी केंद्रों, सामुदायिक भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों, छात्रावासों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में लंबित छोटे कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया है. मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अंबेडकर छात्रावास और कर्पूरी ठाकुर छात्रावास समेत अन्य छात्रावासों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा.
दो हिस्सों में चलेगा ‘कायाकल्प’ अभियान
मुख्यमंत्री के मुताबिक ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के दो प्रमुख हिस्से हैं. पहला हिस्सा पहले से मौजूद परिसंपत्तियों के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और मरम्मती से जुड़ा है. इसे 30 नवंबर तक पूरा किया जाना है. वहीं, अभियान के दूसरे हिस्से के तहत नई आधारभूत संरचनाओं और परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा. इन कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तहत उन छोटी-छोटी समस्याओं को दूर किया जाएगा, जिनकी वजह से आम लोगों को रोजमर्रा में परेशानी होती है.
योजनाओं की निगरानी करेगा ‘कायाकल्प’ पोर्टल
अभियान की निगरानी के लिए लॉन्च किए गए ‘कायाकल्प’ पोर्टल पर संबंधित विभागों की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध रहेगी. इसमें योजनाओं की प्रगति, अब तक हुए कार्य, पूरी हो चुकी योजनाओं और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज की जाएंगी. पोर्टल के साथ कायाकल्प मोबाइल ऐप के जरिए भी योजनाओं की जानकारी हासिल की जा सकेगी. सरकार का कहना है कि डिजिटल माध्यम से योजनाओं की निगरानी आसान होगी और लंबित कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी.
इन विभागों की योजनाओं पर रहेगा फोकस
‘कायाकल्प’ पोर्टल पर प्राथमिकता के आधार पर कई विभागों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध होगी. इनमें ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पंचायती राज, नगर विकास एवं आवास, शिक्षा, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी सार्वजनिक सुविधाओं या आधारभूत संरचना में कमी है, वहां आवश्यकता के अनुसार काम कराया जाए.
जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अभियान को सफल बनाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों से अभियान की लगातार निगरानी करने को कहा. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर अभियान को सफल बनाया जाए. उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के प्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने पर जोर दिया. मुख्यमंत्री के मुताबिक छोटे-छोटे कार्यों को समय पर पूरा करने से आम लोगों को सीधे तौर पर सुविधा मिलेगी और वे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से संतुष्ट होंगे.
पंचायत विकास दिवस के कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत विकास दिवस के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में भी सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के विभिन्न अवयवों को शामिल किया जाए. इसके जरिए स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जाएगा. कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कायाकल्प पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अधिकारी
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी समेत कई मंत्री, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation











