UP Election 2027: सोनभद्र की चार सीटों पर इस बार क्या होगा खेल?
Kursi Ka Countdown: सोनभद्र में 4 विधानसभा सीटें हैं, घोरावल, राबर्ट्सगंज, ओबरा और दुद्धी. इनमें ओबरा और दुद्धी अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं और चारों सीटें राबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं. जिले की राजनीति में आदिवासी और अन्य सामाजिक समीकरणों के साथ विकास, रोजगार, खनन, विस्थापन, बिजली, सड़क और पेयजल जैसे स्थानीय मुद्दे अहम माने जाते हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में NDA ने जिले की सभी चार सीटें जीती थीं, जबकि अब आगामी चुनावों को लेकर गठबंधन और विपक्षी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं. हालिया बयानों में अपना दल (एस) ने भी NDA के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी पर जोर दिया है. ‘कुर्सी का काउंटडाउन’ की इस सीरीज में आज बात सोनभद्र की…
जिले की जनसंख्या और साक्षरता का हाल
2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की कुल जनसंख्या 1,862,559 (पुरुष 9,71,344 और महिला 8,91,215) है, जहां लिंगानुपात 918 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष और जनसंख्या घनत्व 270 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, तथा जिले की औसत साक्षरता दर 64.03% (पुरुष साक्षरता 74.92% एवं महिला साक्षरता 52.14%) दर्ज की गई है.
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सीट 1- घोरावल
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सोनभद्र की घोरावल विधानसभा सीट (निर्वाचन क्षेत्र संख्या-400) पर बीजेपी के डॉ. अनिल कुमार मौर्य ने जीत दर्ज की थी. उन्हें 1,01,277 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के रमेश चंद्र दुबे 77,355 वोटों के साथ दूसरे और बहुजन समाज पार्टी के मोहन सिंह कुशवाहा 46,941 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. डॉ. अनिल कुमार मौर्य ने रमेश चंद्र दुबे को 23,922 वोटों के अंतर से हराया था और यह उनकी लगातार दूसरी जीत थी.
सीट 2- राबर्ट्सगंज
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सोनभद्र की राबर्ट्सगंज विधानसभा सीट (AC No. 401) पर बीजेपी के भूपेश चौबे ने जीत दर्ज की थी. उन्हें 84,496 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के अविनाश कुशवाहा को 78,875 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे. बहुजन समाज पार्टी के अविनाश शुक्ला 32,887 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. भूपेश चौबे ने अविनाश कुशवाहा को 5,621 वोटों के अंतर से हराया था.
सीट 3- ओबरा
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सोनभद्र की ओबरा विधानसभा सीट (सीट संख्या-402) पर बीजेपी के संजीव कुमार गोंड ने जीत दर्ज की थी. उन्हें 78,364 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के अरविंद कुमार उर्फ सुनील सिंह गोंड को 51,922 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे. बहुजन समाज पार्टी के सुभाष खरवार 20,131 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। संजीव कुमार गोंड ने अरविंद कुमार को 26,442 वोटों के अंतर से हराया था.
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सीट 4- दुद्धी (एसटी)
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सोनभद्र की दुद्धी (एसटी) विधानसभा सीट (निर्वाचन क्षेत्र संख्या-403) पर बीजेपी के रामदुलार ने जीत दर्ज की थी. उन्हें 84,407 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के विजय सिंह 78,110 वोटों के साथ दूसरे और बहुजन समाज पार्टी के हरिराम 23,879 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. रामदुलार ने विजय सिंह को 6,297 वोटों के अंतर से हराया था. इस सीट पर नोटा को भी 4,756 वोट मिले थे.
2027 चुनाव में क्या रहेगा माहौल?
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सोनभद्र की चारों सीटों पर राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं. 2022 में बीजेपी ने घोरावल, रॉबर्ट्सगंज, ओबरा और दुद्धी सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी, लेकिन 2024 में रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीट और दुद्धी विधानसभा उपचुनाव में सपा की जीत ने जिले की राजनीति में नए संकेत दिए हैं.
रॉबर्ट्सगंज में 2022 में बीजेपी की जीत का अंतर घटकर 5,621 वोट रह गया था, जबकि दुद्धी में सपा ने उपचुनाव जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. ऐसे में 2027 में दोनों दलों की नजर आदिवासी और स्थानीय मतदाताओं के साथ रोजगार, खनन, विस्थापन, वनाधिकार और विकास जैसे मुद्दों पर होगी. बीजेपी के सामने अपनी पिछली पकड़ बनाए रखने की चुनौती होगी, जबकि सपा 2024 के चुनावी प्रदर्शन को विधानसभा स्तर तक मजबूत करने की कोशिश करेगी.
एआई से 2030 तक दुनिया के खत्म होने का 'जीरो' प्रतिशत खतरा: एनवीडिया प्रमुख जेन्सेन हुआंग
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जेन्सेन हुआंग ने उन आशंकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वर्ष 2030 तक दुनिया के लिए विनाशकारी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी स्थिति के पैदा होने की संभावना जीरो प्रतिशत है।
सीबीएस न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में हुआंग ने कहा कि एआई के कारण दुनिया के खत्म होने जैसी भविष्यवाणियां तर्कहीन हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या ऐसी चेतावनियों के पीछे राजनीतिक, व्यावसायिक या सिर्फ ध्यान आकर्षित करने की मंशा हो सकती है।
हुआंग ने कंपनियों से एआई विकास की गति तेज करने का आह्वान किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उत्पादों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कंपनियों को ऐसे एआई सिस्टम जारी नहीं करने चाहिए जो पूरी तरह तैयार या सुरक्षित न हों।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रौद्योगिकी जगत के कई अन्य नेताओं ने अधिक शक्तिशाली एआई प्रणालियों के विकास की रफ्तार को नियंत्रित करने और सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने की वकालत की है।
हाल के दिनों में एंथ्रोपिक के सीईओ दारियो अमोदेई, ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने उन्नत एआई प्रणालियों को लेकर अधिक सख्त सुरक्षा उपायों की मांग की थी।
हुआंग ने कहा कि उद्योग को एआई का विकास इस तरह करना चाहिए जिससे अमेरिका की समृद्धि को बढ़ावा मिले और साथ ही उत्पादों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में सेल्सफोर्स ड्रीमफोर्स सम्मेलन में भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए थे। वहां उन्होंने एआई के लिए अलग से नए कानून बनाने का विरोध किया और कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करना मुख्य रूप से प्रत्येक कंपनी की इंजीनियरिंग और विकास प्रक्रिया की जिम्मेदारी है।
हाल ही में लॉस एंजिलिस में आयोजित ऑल-इन समिट में बोलते समय हुआंग को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक अप्रत्याशित फोन कॉल भी प्राप्त हुआ। ट्रंप ने उपस्थित लोगों से कहा कि रोबोट दुनिया पर कब्जा नहीं करने जा रहे हैं और इस पूरे विवाद को एक झांसा बताया।
इस बीच, अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में संघीय एजेंसियों को एआई क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व के रास्ते में आने वाली बाधाओं को हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की एआई एक्शन प्लान में तेज नवाचार और कम नियामकीय प्रतिबंधों पर जोर दिया गया है।
दूसरी ओर, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने इस सप्ताह कहा था कि उन्नत एआई का विकास इस सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए कि यह मानवता की मदद करे और हमेशा मानव नियंत्रण में बना रहे। उन्होंने भी एआई विकास में संतुलित और सोच-समझकर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया था।
वहीं, सितंबर की शुरुआत में एंथ्रोपिक के सीईओ दारियो अमोदेई ने चेतावनी दी थी कि एआई की प्रगति उसे समझने और नियंत्रित करने के प्रयासों से तेज हो सकती है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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