स्कूटी की चाबी नहीं, सपनों के ताले की चाबी! CM डॉ. मोहन यादव ने मेधावी छात्रों को दी सौगात, 7400 बच्चों के खिले चेहरे
भोपाल। किसी को सीए बनना है, किसी का सपना न्यूरोसर्जन बनने का है तो कोई खेती को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाकर अपना एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करना चाहता है। ऐसे ही सपने आंखों में लिए प्रदेश के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों के लिए शनिवार का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘मुख्यमंत्री स्कूटी योजना’ के तहत इन विद्यार्थियों को स्कूटी की सौगात दी।
भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 मेधावी विद्यार्थियों को स्वयं स्कूटी की चाबी सौंपी। उन्होंने विद्यार्थियों पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया और उनसे संवाद कर जाना कि वे आगे चलकर क्या बनना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को स्कूटी मिलने की बधाई देने के साथ एक जरूरी सीख भी दी। उन्होंने कहा कि स्कूटी चलाते समय यातायात नियमों का पालन जरूर करें।
किसी को बनना है CA, किसी का सपना न्यूरोसर्जन बनने का
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों के बारे में पूछा। एमपी टॉपर खुशी राय ने बताया कि स्कूटी मिलने से उन्हें कॉलेज आने-जाने में मदद मिलेगी। वे सीए की तैयारी कर रही हैं।
किसान परिवार से आने वाले आकाश साहू ने बताया कि वे एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। इसके लिए जरूरी लाइसेंस और अन्य तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। रवि केवट और मरियम खान ने भी सीए बनने की इच्छा जताई।
मिनी जैन ने नीट परीक्षा पास कर न्यूरोसर्जन बनने का सपना साझा किया। रानी सांपले उच्च शिक्षा हासिल कर वकील बनना चाहती हैं, जबकि खुशी यादव एमबीबीएस करना चाहती हैं। शिव कुमार कौल ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में आगे बढ़ने की बात कही। देवेश गुप्ता ने सांदीपनि विद्यालयों में मिल रही सुविधाओं का जिक्र किया।
CM बोले- बच्चा स्कूटी लेकर घर पहुंचता है तो गांव का भी बढ़ता है गौरव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है। शासकीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को करीब एक लाख रुपये तक कीमत वाली स्कूटी दी जा रही है, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि जब कोई बच्चा अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर घर में स्कूटी लेकर आता है तो माता-पिता के साथ गांव और समाज का गौरव भी बढ़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूली बच्चों को नि:शुल्क किताबें, ड्रेस और साइकिल भी उपलब्ध करा रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी मेहनत और योग्यता के बल पर आगे बढ़ें और प्रदेश के विकास में योगदान दें।
2600 करोड़ से 38 हजार करोड़ पहुंचा स्कूल शिक्षा का बजट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2002-03 तक स्कूल शिक्षा विभाग का बजट करीब 2600 करोड़ रुपये था, जबकि वर्तमान में स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश के कई स्कूलों में बच्चों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जबकि आज विद्यार्थी अपने भविष्य और करियर को लेकर बड़े सपने देख रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2002-03 तक प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉप आउट दर 16 प्रतिशत थी, जो अब शून्य हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं और बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र, DBT और डिजिटल पेमेंट पर बोले CM डॉ. मोहन यादव
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज गरीब से गरीब व्यक्ति का बैंक खाता खुल चुका है और सरकारी योजनाओं तथा सहायता की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के खाते में पहुंच रही है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि वे दो बार देश के प्रधानमंत्री और रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे, लेकिन जो काम अर्थशास्त्र के बड़े-बड़े जानकार नहीं कर पाए, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दिखाया।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में डिजिटल पेमेंट सिस्टम और कोविड टीकाकरण का भी जिक्र किया।
बच्चों से बोले CM- देश और प्रदेश का भविष्य आपके हाथों में
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य उनके हाथों में है। बच्चे उच्च शिक्षा हासिल कर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थी सीए, डॉक्टर और इंजीनियर बनने के साथ पुश्तैनी व्यवसाय और खेती-किसानी को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाने तथा एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू करने के सपने भी देख रहे हैं।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जब आज के विद्यार्थी पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे तो देश दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार युवा शक्ति और प्रतिभाओं का सम्मान करते हुए विकसित भारत @2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
LIVE: भोपाल में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत आयोजित मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण कार्यक्रमhttps://t.co/MoKrPHsmmg
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 19, 2026
इंदौर में व्यापरी पर हुए हमले के विरोध में आज गोपाल मंदिर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की 212 दुकानें रहेंगी बंद, जानिए क्या है पूरा मामला?
इंदौर के सराफा इलाके में फुटपाथ पर दुकान लगाने को लेकर हुए विवाद ने अब व्यापारी आंदोलन का रूप ले लिया है। दरअसल गोपाल मंदिर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती तब तक विरोध जारी रहेगा। घटना के बाद बाजार में कारोबारियों के बीच नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।
बता दें कि राजवाड़ा के आसपास और सराफा बाजार में बड़ी मात्रा में फुटपाथ पर दुकान लगती है। सुबह से शाम तक इन रास्तों पर भीड़ रहती है। इसे शहर के सबसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी गिना जाता है। अब व्यापारियों का यह आंदोलन आम लोगों के बीच भी चर्चा बटोर रहा है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल शुक्रवार शाम सराफा क्षेत्र में गोपाल मंदिर के पास फुटपाथ पर दुकान लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान व्यापारी नितेश चौरसिया के साथ मारपीट होने का आरोप लगाया गया। नितेश का कहना है कि विवाद के दौरान एक युवक ने उन पर चाकू से हमला करने की कोशिश की और कट्टा दिखाकर धमकाया। घटना के बाद आसपास मौजूद व्यापारी बड़ी संख्या में सराफा थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई घंटे तक व्यापारी थाने के बाहर डटे रहे और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में इस तरह की घटनाएं सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं। उनका मानना है कि मामले में जल्द कार्रवाई होने से व्यापारियों में भरोसा कायम रहेगा और बाजार का माहौल सामान्य होगा।
आज 212 दुकानें बंद रहेंगी
वहीं गोपाल मंदिर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के पदाधिकारियों ने विरोध के तौर पर आज 212 दुकानें बंद रखने का फैसला लिया है। व्यापारियों के मुताबिक यह फैसला पूरे बाजार की सहमति से लिया गया है और इसका उद्देश्य प्रशासन का ध्यान मामले की ओर आकर्षित करना है। व्यापारी संगठन का कहना है कि पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग पहले ही की जा चुकी है। इसके अलावा आज एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिश्नर और नगर निगम कमिश्नर से भी मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था और बाजार में अतिक्रमण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकता है।
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