राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस-TMC आएं साथ! सायोनी घोष के बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले सियासी हलचल तेज है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बीच NCPI सांसद सायोनी घोष ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस-TMC गठजोड़ की उम्मीद जताई। जानें उन्होंने गठबंधन और नंदीग्राम विवाद पर क्या कहा।
19 सितंबर को Radha Ashtami और Mahalakshmi Vrat, सुबह 11:01 से पूजा का Shubh Muhurat
आज यानी 19 सितंबर को देशभर में राधा अष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि बेहद ही खास मानी जाती है। इतना ही नहीं, आज से धन और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने वाला 16 दिनों का महालक्ष्मी व्रत भी शुरु हो रहा है।
एक ही में दो बड़े पर्व पड़ रहे हैं, तो लोगों के मन में सवाल आता है कि दोनों की पूजा एक साथ कैसे की जाए। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि महालक्ष्मी व्रत और राधा अष्टमी की पूजा कैसे की जाए।
राधा अष्टमी की पूजा करने का शुभ मुहूर्त
राधा अष्टमी पर पूजा करने का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 01 बजकर 28 मिनट तक है। इस समय में आप राधा रानी की पूजा कर सकती हैं।
राधा अष्टमी की कैसे करें पूजा?
- सबसे पहले स्नान करें और बाद महालक्ष्मी और राधा अष्टमी व्रत का संकल्प लें। सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- राधा अष्टमी की पूजा सुबह या दोपहर के समय करना शुभ माना जाता है।
- अब चौकी पर कपड़ा बिछाकर श्री राधा-कृष्ण की मूर्ति को विराजमान करें।
- पंचामृत से स्नान कराने के बाद सुंदर वस्त्र को पहनाएं।
- अब आप किशोरी जी का श्रृंगार करें।
- दीपक जलाकर आरती करें।
- आप राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र और कथा का पाठ करें।
इन शुभ मुहूर्त पर करें मां लक्ष्मी व्रत की पूजा
प्रातःकाल मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 57 मिनट से 6 बजकर 8 मिनट तक
दूसरा शुभ मुहूर्त: सुबह 7 बजकर 40 मिनट से लेकर 9 बजकर 11 मिनट तक
मध्याह्न शुभ मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 1 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 28 मिनट तक
इन मुहूर्त में आप महालक्ष्मी व्रत की पूजा-अर्चना और कलश स्थापना कर सकते हैं।
महालक्ष्मी व्रत की पूजा विधि
- सबसे पहले आप एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर कलश की स्थापना करें और मां लक्ष्मी की प्रतिमा रखें।
- अब एक सूती धागे में 16 गांठें लगाकर उसे हल्दी से पीला करें और मां लक्ष्मी को अर्पित करें। पूजा के बाद इसे दाहिने हाथ में बांध लें।
- माता लक्ष्मी को रोली, अक्षत, कमल के फूल अर्पित करें।
- इसके बाद 16 श्रृंगार की चीजें अर्पित करें।
- दीपक जलाकर मां लक्ष्मी की आरती करें और कथा को पढ़ें।
- पूजा के दौरान मंत्रों का जप करें।
किन चीजों का भोग लगाएं?
आप इस दिन राधा रानी को पेड़ा या पंजीरी, फल का भोग लगाएं। माता लक्ष्मी को खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
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