IIT बॉम्बे का खुलासा बना जानलेवा, ChatGPT से नकल का तरीका किया सार्वजनिक तो छात्र ने किया सुसाइड
IIT Bombay: IIT बॉम्बे में नकल की घटना को सार्वजनिक करना छात्र के लिए भारी पड़ गया. नकल का तरीका सार्वजनिक होने के बाद छात्र ने अपने कमरे में सुसाइड कर लिया है. इससे छात्रों में आक्रोश देखने को मिला रहा है. छात्र डायरेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े हैं
देश के कई IIT में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के बीच अब IIT बॉम्बे के पोवई कैंपस में भी एक छात्र की मौत का मामला सामने आया है. छात्र एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ाई कर रहा था. घटना के बाद IIT बॉम्बे के छात्रों ने कैंपस के गेट पर प्रदर्शन किया और मामले की विस्तृत जांच की मांग की. छात्रों का कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि आखिर किन परिस्थितियों के चलते छात्र इतना बड़ा कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं.
छात्रों के मुताबिक, इस साल IIT बॉम्बे कैंपस में यह तीसरी ऐसी घटना है. लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए छात्रों ने संस्थान से मामले की गंभीरता से जांच करने और इसके पीछे की वजहों का पता लगाने की मांग की है.
IIT प्रशासन का खुलासा बना वजह?
आईआईटी प्रशासन ने छात्र को नकल करते हुए पकड़ा था. लेकिन प्रशासन इस मामले में संवेदनशीलता नहीं दिखा पाया. रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा के दौरान छात्र पर नकल करने का आरोप लगा था. उसे कथित तौर पर दूसरे छात्र की कॉपी में देखते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद उसे परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहा गया. आईआईटी प्रशासन ने छात्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी.
वहीं, IIT बॉम्बे ने अपने बयान में बताया कि छात्र परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था. संस्थान के मुताबिक, छात्र ने सवालों के जवाब पाने के लिए अपना प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड किया था. चर्चा है कि नकल का तरीका सार्वजनिक करने का तरीका छात्र के लिए शर्म का विषय बन गया. कॉलेज के छात्र आईआईटी के इसी फैसले को छात्र की मौत की वजह मान रहे हैं.
मानसून के आगमन के साथ ही तमिलनाडु में डेंगू के मामलों में तेजी
चेन्नई, 19 सितंबर (आईएएनएस)। मानसून के आगमन के साथ ही तमिलनाडु में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं और राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य भर में परीक्षण किए गए 1,320 लोगों में से 244 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
रोजाना करीब 200 मामले सामने आ रहे हैं। 15 सितंबर तक तमिलनाडु में डेंगू के 16,577 मामले दर्ज किए गए और नौ मौतें हुईं। चेन्नई सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बना हुआ है।
शहर में एक ही दिन में बुखार से पीड़ित 156 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 87 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। चेंगलपट्टू, कोयंबटूर, तिरुवनमलाई, कृष्णागिरी, सलेम, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, तंजावुर और विलुपुरम में भी बड़ी संख्या में मामले सामने आए हैं।
सरकार ने मच्छर नियंत्रण और रोग निगरानी अभियानों को तेज कर दिया है और तमिलनाडु भर में 25,000 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया है। ये टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में संक्रमण के स्रोतों को खत्म करने, स्वच्छता कार्य करने और बुखार के मामलों की निगरानी करने में लगी हुई हैं।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों को भी निवारक उपायों को मजबूत करने और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री अरुण राज ने चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पिछले सात दिनों में डेंगू के मामलों में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन उन्होंने लोगों से घबराहट न करने का आग्रह किया।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे घरों के अंदर और आसपास पानी जमा होने से रोकें और लगातार बुखार होने पर चिकित्सा सहायता लें।
नाम तमिलर काची के मुख्य समन्वयक सीमान ने इस वृद्धि के लिए टीवीके सरकार की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मांग की कि जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं, वहां युद्धस्तर पर नीलावेम्बु काढ़ा और कबासुरा कुडीनीर वितरित किया जाए।
इसी बीच, अन्ना विश्वविद्यालय के छात्र हरीश कुमार का गुरुवार को लगातार बुखार से पीड़ित रहने के बाद निधन हो गया। उनकी मृत्यु से चार दिन पहले ही मृदुला और जयश्री की भी मृत्यु हो चुकी है, जिससे परिसर में चिंता का माहौल छा गया है।
हालांकि, जन स्वास्थ्य निदेशालय ने स्पष्ट किया कि हरीश कुमार को डेंगू नहीं था और उनकी मृत्यु स्क्रब टाइफस से हुई थी। इस महामारी के बीच, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज जापान की ताकेडा फार्मास्युटिकल के साथ मिलकर अगले साल की पहली छमाही में क्यूडेंगा नामक डेंगू वैक्सीन को भारत में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिसे भारत का पहला डेंगू टीका बताया जा रहा है।
यह टीका, जो चार से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए है और तीन महीने के अंतराल पर दो खुराक में दिया जाता है, डेंगू वायरस के सभी चार प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है।
--आईएएनएस
एसएके/एएस
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