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MP Scooty Yojana: 7400 से ज्यादा स्टूडेंट्स को आज स्कूटी की सौगात देंगे CM मोहन यादव, इस बार 70% नंबर की भी शर्त

भोपाल। मध्य प्रदेश के 7,400 से ज्यादा मेधावी छात्र-छात्राओं को आज स्कूटी की सौगात मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल में होने वाले कार्यक्रम में स्कूटी खरीदने के लिए उनके खातों में पैसे ट्रांसफर करेंगे। हालांकि इस बार योजना में एक बड़ा बदलाव है। स्कूल में 12वीं टॉप कर लेना ही काफी नहीं होगा, कम से कम 70 प्रतिशत नंबर भी होने चाहिए। साथ ही 12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में पास की हो।

कार्यक्रम भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में होगा। स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों के नियमित छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। इसमें सभी संकायों के विद्यार्थी शामिल हैं।

ई-स्कूटी के लिए 1.20 लाख, दूसरे वाहन के लिए 90 हजार रुपये तक

ई-स्कूटी लेने वाले विद्यार्थी को अधिकतम 1.20 लाख रुपये तक मिलेंगे, जबकि मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसमें वाहन की कीमत के साथ रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और तय एक्सेसरीज का खर्च भी शामिल है।

प्रदेश में अब तक इस योजना से 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिल चुका है। इस पर करीब 246 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। योजना को 2030-31 तक जारी रखने के लिए 495 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

खाते में पैसे आने से पहले स्कूटी मत खरीद लेना

योजना में स्कूटी पाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह बात सबसे जरूरी है। खाते में पैसे आने से पहले वाहन नहीं खरीदना है। अगर किसी ने पहले ही स्कूटी खरीद ली तो उसके बाद योजना के पैसे नहीं लिए जा सकेंगे। ऐसा करने पर विद्यार्थी, उसके पालक और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी प्रस्तावित हो सकती है। इसलिए पहले योजना की पूरी प्रक्रिया होगी, खाते में पैसे आएंगे और उसके बाद ही वाहन खरीदा जाएगा।

स्कूटी पसंद करने से पहले शोरूम से लेना होगा कोटेशन

विद्यार्थी जिस वाहन को लेना चाहता है, उसके लिए पहले शोरूम से कोटेशन लेना होगा। इसमें वाहन की कीमत के साथ रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और एक्सेसरीज पर कितना खर्च आएगा, इसकी जानकारी होगी।

यह कोटेशन स्कूल के प्राचार्य को देना होगा, जहां से इसे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजा जाएगा। इसके बाद विद्यार्थी को मिलने वाली राशि तय कर उसके खाते में भेजी जाएगी।

कोई भी स्कूटी खरीदकर योजना का पैसा नहीं ले सकेंगे

खाते में पैसे आने का मतलब यह नहीं है कि विद्यार्थी अपनी पसंद का कोई भी वाहन खरीद सकता है। जिस श्रेणी और कोटेशन के आधार पर राशि दी गई है, उसी के मुताबिक वाहन खरीदना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी को भी यह देखना होगा कि विद्यार्थी ने उसी श्रेणी का वाहन खरीदा है, जिसके लिए उसे पैसे मिले हैं।

खुद का बैंक खाता नहीं तो माता-पिता के खाते में आएंगे पैसे

विद्यार्थी का अपना बैंक खाता है तो वाहन खरीदने की रकम उसी में आएगी। खाता नहीं होने पर माता-पिता या अभिभावक के खाते में भी पैसे भेजे जा सकेंगे। इसके लिए बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है। पासबुक में खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी भी साफ होनी चाहिए।

कुछ पैसे विद्यार्थी को, कुछ सीधे डीलर को

वाहन खरीदने की राशि विद्यार्थी के खाते में जाएगी, जबकि रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और एक्सेसरीज से जुड़ी रकम सीधे वाहन विक्रेता के खाते में भेजी जाएगी। इसके बाद डीलर रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस सहित जरूरी प्रक्रिया पूरी करेगा।

स्कूटी मिली तो तीन साल तक बेच नहीं पाएंगे

योजना के तहत खरीदे गए वाहन को तीन साल तक बेचा या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। रजिस्ट्रेशन के समय वाहन पर तीन साल के लिए मध्य प्रदेश शासन के नाम हाइपोथिकेशन दर्ज रहेगा।

यानी योजना का लाभ लेकर वाहन खरीदने के तुरंत बाद उसे बेचने का रास्ता नहीं होगा। तीन साल पूरे होने के बाद ही इसे किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर किया जा सकेगा।

जिले में कलेक्टर की टीम रखेगी नजर

हर जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी। इसमें जिला परिवहन अधिकारी और जिला कोषालय अधिकारी सदस्य होंगे, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव रहेंगे। समिति यह देखेगी कि सही विद्यार्थी को योजना का लाभ मिले, पैसे सही खाते में जाएं और उसी श्रेणी का वाहन खरीदा जाए जिसके लिए राशि दी गई है।

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आज इंदौर में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, युवाओं से सीधा संवाद करेंगे, शहर में इन रास्तों पर भारी वाहन का प्रवेश रहेगा बंद

आज इंदौर में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में होने वाला है। लंबे समय से कांग्रेस पार्टी इंदौर में इस कार्यक्रम की तैयारी कर रही है। बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का यह कार्यक्रम इंदौर में पहली बार आयोजित हो रहा है। तय कार्यक्रम के मुताबिक वे दोपहर में शहर पहुंचेंगे, रेडिसन होटल में रुकने के बाद रीजनल पार्क के सामने स्थित आईडीए मैदान में छात्रों के बीच पहुंचेंगे। कार्यक्रम के लिए बड़े डोम, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम पहले से पूरे कर लिए गए हैं।

वहीं कांग्रेस के मुताबिक ‘छात्रों की गूंज’ को पारंपरिक राजनीतिक सभा की बजाय युवाओं के संवाद कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया है। मंच पर छात्रों को शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवाल पूछने का मौका मिलेगा। पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की बात सीधे सुनना और उनके अनुभवों को सामने लाना है।

युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया कार्यक्रम

दरअसल कांग्रेस ने करीब 2 लाख रजिस्ट्रेशन होने का दावा किया है जबकि प्रशासन को लगभग 15 हजार छात्रों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। बता दें कि कार्यक्रम को 31 शर्तों के साथ अनुमति मिली है और आयोजन स्थल पर प्रवेश के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी तय की गई है। पार्टी ने भीड़ प्रबंधन में सहयोग के लिए अपने वॉलेंटियर भी तैनात किए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 15 से 29 साल की उम्र के युवाओं की संख्या बड़ी है और इसी वर्ग को ध्यान में रखकर कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसी वजह से प्रचार अभियान में भी कॉलेज, हॉस्टल और युवाओं तक सीधे पहुंचने की रणनीति अपनाई गई।

राहुल गांधी के दौरे के चलते बदला ट्रैफिक प्लान

वहीं राहुल गांधी के इंदौर दौरे को देखते हुए पुलिस ने शहर में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। एयरपोर्ट से रेडिसन होटल तक उनके स्वागत के लिए लवकुश चौराहा, एमआर-10 चौराहा, विजय नगर चौराहा और होटल के आसपास स्वागत स्थल तय किए गए हैं। इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होंगे। कार्यक्रम के दौरान कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। भारी वाहनों के लिए अलग रास्ते तय किए गए हैं जबकि कुछ मार्गों पर फोर व्हीलर की आवाजाही सीमित रहेगी। पुलिस ने लोगों से निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करने और भीड़ वाले इलाकों में निजी वाहन लाने से बचने की अपील की है।

इसके साथ ही पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं होगा। कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा, मेडिकल और अग्निशमन की व्यवस्थाएं भी पहले से तैनात कर दी गई हैं ताकि आयोजन के दौरान आवाजाही और व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

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  Sports

CSK: चेन्नई सुपर किंग्स ने खोजा नया गुरु, 16 साल बाद हुआ फ्लेमिंग युग का अंत

Chennai Super Kings new head coach: चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL 2027 से पहले बड़ा बदलाव किया है। भारत के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान को टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया गया है। 47 साल के जहीर ने स्टीफन फ्लेमिंग की जगह ली है। फ्लेमिंग करीब 16 साल तक CSK से जुड़े रहे और उनकी कोचिंग में टीम ने पांच बार IPL ट्रॉफी अपने नाम की।

जहीर के लिए यह पहली बार होगा, जब वह किसी IPL टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे पहले वह लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर रह चुके हैं। LSG और जहीर का साथ 2025 में खत्म हुआ था। इससे पहले वह 2018 से 2022 तक मुंबई इंडियंस के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट ऑपरेशंस और बाद में ग्लोबल हेड ऑफ डेवलपमेंट की भूमिका निभाई।

CSK के खिलाफ खेल चुके हैं जहीर
जहीर का CSK से पुराना मुकाबला कनेक्शन भी रहा है। उन्होंने अपने IPL करियर में 100 मैच खेले और 102 विकेट लिए। वह 2010 और 2011 में IPL फाइनल खेलने वाली टीम का हिस्सा भी रहे, लेकिन दोनों बार CSK के खिलाफ हार मिली।

मुंबई इंडियंस के साथ जहीर ने 2019 और 2020 में लगातार दो खिताब भी जीते। उस समय टीम के हेड कोच महेला जयवर्धने थे। अब जहीर खुद CSK के हेड कोच की भूमिका में नजर आएंगे।

CSK के सामने बड़ी चुनौती
CSK पिछले कुछ समय से मुश्किल दौर से गुजर रही है। टीम 2023 में खिताब जीतने के बाद से अब तक प्लेऑफ में नहीं पहुंच सकी है। 2025 में CSK अंक तालिका में सबसे नीचे रही थी। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने टीम में युवा खिलाड़ियों को शामिल करने पर जोर दिया। आयुष म्हात्रे, डेवाल्ड ब्रेविस और कार्तिक शर्मा जैसे खिलाड़ियों को मौका मिला, लेकिन मैदान पर इसका असर उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखा।

फ्लेमिंग ने जुलाई 2026 में हेड कोच का पद छोड़ दिया था। उनकी आखिरी IPL सीजन में CSK ने 14 मैचों में छह जीत और आठ हार के साथ आठवें स्थान पर सीजन खत्म किया।

जहीर के सामने नई टीम तैयार करने की चुनौती
CSK के साथ जुड़ने के बाद जहीर ने कहा कि IPL की सबसे सफल टीमों में से एक का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने चेपॉक में CSK के फैंस के माहौल को भी खास बताया।

अब जहीर के सामने सबसे बड़ी चुनौती CSK की नई पीढ़ी तैयार करने और टीम को फिर से प्रतिस्पर्धी बनाने की होगी। फ्रेंचाइजी की SA20 और अमेरिका की Major League Cricket टीमों में भी फ्लेमिंग कोच की भूमिका में थे। इन दोनों टीमों के नए कोच का ऐलान अभी नहीं हुआ है।

Mon, 21 Sep 2026 19:47:45 +0530

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