खुदा की नमाज के दौरान मस्जिद में लोगों के उड़े चिथड़े... आत्मघाती धमाका, 21 लोगों की मौत, खून और चीखों से थर्राया कोहाट
उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत का कोहाट जिला शुक्रवार को एक ऐसे मंजर का गवाह बना, जिसे सोचकर ही रूह कांप उठती है। जुमे की मुकद्दस नमाज का वक्त था, पुरानी पुलिस लाइन स्थित मस्जिद में पुलिसकर्मी और स्थानीय नागरिक खुदा की इबादत में सिर झुकाए बैठे थे। तभी अचानक एक जोरदार धमाके से पूरी जमीन हिल गई। धमाका इतना भयावह था कि पल भर में इबादतगाह का शांत माहौल चीखों, खून और बिखरी लाशों के खौफनाक ढेर में तब्दील हो गया। इस कायराना आतंकी हमले में 15 पुलिसकर्मियों और एक मुख्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. इजराइल खान ओरकजई समेत कम से कम 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
यह धमाका उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पेशावर से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में कोहाट में पुरानी पुलिस लाइन के पास स्थित मस्जिद में हुआ। कोहाट अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ताहिर शाह ने बताया कि विस्फोट में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 15 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि घायलों में 73 पुलिसकर्मी और 30 आम नागरिक हैं। जियो न्यूज के अनुसार, मारे गए लोगों में लियाकत मेमोरियल अस्पताल के मुख्य जिला विशेषज्ञ डॉ. इजराइल खान ओरकजई भी शामिल हैं। हमले की जिम्मेदारी एक कम चर्चित आतंकी संगठन ‘इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान’ ने ली है। यह संगठन हाफिज गुल बहादुर समूह, हरकत इंकलाब-ए-इस्लामी पाकिस्तान और लश्कर-ए-इस्लाम का गठबंधन है, जिसका गठन अप्रैल 2025 में हुआ था। बचाव अधिकारियों ने बताया कि मारे गए और घायल हुए ज्यादातर लोग मस्जिद में जुमे की नमाज अदा कर रहे पुलिसकर्मी थे।
घटनास्थल से सामने आए वीडियो में मस्जिद के अंदर नमाजियों के शव पड़े दिखाई दिए। खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक जुल्फिकार हमीद ने बताया कि विस्फोटकों से लदे एक वाहन ने पुरानी पुलिस लाइन के गेट में टक्कर मार दी, जिससे विस्फोट हुआ, और इसके बाद हथियारबंद आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी हुई। हमीद ने कहा, वाहन गेट से टकराया और फिर उसमें विस्फोट हो गया। इसके बाद गोलीबारी भी हुई।
उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान विशेष शाखा की इमारत में एक और आत्मघाती विस्फोट हुआ। यह विस्फोट जुमे की नमाज के दौरान हुआ, जिससे मस्जिद के बाहर गड्ढा हो गया और इमारत का बाहरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एक दीवार भी ढह गई। पेशावर स्थित केंद्रीय पुलिस कार्यालय के अनुसार, सात हथियारबंद आतंकवादी पुलिस लाइन में घुस गए, जहां पुलिस और आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) के जवानों के साथ उनकी मुठभेड़ हुई। अधिकारी ने बताया कि अब तक छह आतंकवादी मारे जा चुके हैं, जिनमें आत्मघाती हमलावर और स्नाइपर शामिल हैं।
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सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। शाह ने बताया कि 13 घायलों को लियाकत मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 90 अन्य को जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां आपात स्थिति घोषित कर दी गई। खैबर पख्तूनख्वा के रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस ने बताया कि कोहाट-हंगू मार्ग को सभी तरह के यातायात के लिए बंद कर दिया गया है और पुलिस लाइन के पास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
बचाव अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट में आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। विस्फोट के बाद प्रांतीय पुलिस प्रमुख हमीद ने जिले के क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी से रिपोर्ट मांगी। उन्होंने अधिकारियों को घायलों को समय पर बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, खैबर पख्तूनख्वा पुलिस आतंकवाद के खिलाफ लोहे की दीवार की तरह खड़ी है और इस तरह के कायराना हमले हमारे संकल्प को कमजोर नहीं कर सकते।
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पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घटना की निंदा की तथा कहा कि विदेशी समर्थन प्राप्त आतंकवादियों का पूरी तरह खात्मा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। सरकारी रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, शरीफ ने विस्फोट के संबंध में संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
Donald Trump ने रूस और ईरान पर नए Sanctions कानून पर किए हस्ताक्षर
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 19 सितंबर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अधिनियम पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दे दिया है। इस कानून में रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और उससे बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने वाले चीन एवं भारत जैसे देशों पर भारी शुल्क लगाने का प्रावधान है। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को प्रतिनिधि सभा के विधेयक एच.आर. 5334 ‘लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम, 2026’ पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दिया।
यह रूस पर वैधानिक प्रतिबंधों, शुल्क एवं अन्य पाबंदियों को लागू करने एवं उनका दायरा बढ़ाने और ईरान पर लागू मौजूदा प्रतिबंधों की अवधि बढाने का अधिकार देता है।’’ अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने इस अधिनियम को बुधवार को पारित किया था। इसमें रूस के नेतृत्व और ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ मॉस्को के रक्षा उद्योग में सहयोग करने वालों तथा उसके तथाकथित ‘शेडो फ्लीट’ (प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जहाजों के नेटवर्क) पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। यह अधिनियम राष्ट्रपति ट्रंप को रूस से तेल एवं गैस खरीदने वाले चीन तथा भारत समेत अन्य देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार भी देता है।
कानून को लागू करने के संबंध में ट्रंप को व्यापक विवेकाधिकार दिया गया है। इसमें यह तय करना भी शामिल है कि किन देशों पर शुल्क लगाया जाए, शुल्क की दर क्या हो और प्रतिबंधों से संबंधित प्रावधानों में छूट दी जाए या नहीं। यह कानून राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के 30 दिन के भीतर लागू होगा।
इसके तहत राष्ट्रपति को उन देशों से आयातित वस्तुओं पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाना होगा, जो कानून लागू होने से पहले के 12 महीनों के दौरान कुल मात्रा के हिसाब से रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े खरीदार रहे हों। किसी देश को गैस से संबंधित शुल्क से छूट मिल सकती है, बशर्ते संबंधित अवधि में उसने रूस से जितनी गैस खरीदी हो, वह रूस के कुल गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम हो और उस देश ने रूसी गैस का आयात घटाने के लिए ‘‘महत्वपूर्ण कदम’’ उठाए हों।
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