India on Iran | दोस्त ईरान! ट्रंप की धमकी के बीच भारत ने कर दिया बड़ा ऐलान
ईरान की सड़कों पर कोहराम मचा। वहां की सरकार के खिलाफ जंग छिड़ चुकी और अब तो हालात इस कदर बिगड़ गए। भारत सरकार ने भी सीधा और कड़ा संदेश जारी कर दिया। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने दिल्ली से पूरी दुनिया को बता दिया कि ईरान की पल-पल की हलचल पर भारत की पैनी नजर है। विदेश सचिव ने कहा कि हम ईरान में हो रहे बदलावों पर नजर रख रहे हैं। ईरान में भारतीय प्रवासियों और भारत से गए छात्रों का एक बड़ा समुदाय है। वहां लगे प्रतिबंधों के बावजूद हमारा दूतावास छात्र समुदाय तक पहुंचने में कामयाब रहा और पता चला है कि वह सभी ठीक और अब तक उन्हें कोई मुश्किल नहीं हुई। हमने वहां मौजूद अपने सभी देशवासियों को सलाह दी है कि वह बाहर ना निकलें या खुद को गड़बड़ी के बीच में ना फंसाएं। ईरान में मौजूदा हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने गाइडलाइन भी जारी की है जिसमें साफ कहा गया है कि बाहर ना निकलें।
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प्रदर्शन से दूर रहें और सिर्फ सुरक्षित ठिकानों पर ही रुके। रही बात ईरान की तो वहां हालात काफी बिगड़ चुके हैं। लगभग 500 लोगों की मौत हो चुकी है। अब अगर इस बात को समझते हैं कि आखिर ईरान में ऐसा क्या हुआ कि मौत का आंकड़ा 500 के पार चला गया। तो आपको बता दें 28 दिसंबर को बढ़ती महंगाई के खिलाफ जो चिंगारी सुलगी थी वो अब एक ऐसी आग बन चुकी है जो ईरान के धार्मिक नेतृत्व को झुलसा रही है। सड़कों पर सिर्फ नौजवान नहीं बल्कि महिलाएं और बुजुर्ग भी सीना तान कर खड़े हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक केवल दो हफ्ते के भीतर 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है और 10,000 से ज्यादा लोग सलाखों के पीछे हैं। वहां की सरकार इस विद्रोह के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ बता रही है और वो इस विद्रोह को कुचलने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए भी तैयार है।
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ईरान ने कहा कि वह युद्ध और बातचीत दोनों के लिए तैयार है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों के सम्मेलन में कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर हालात बिगड़ते हैं तो वह पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि इंरान बातचीत के लिए भी तैयार है, बशर्ते वह बराबरी, आपसी सम्मन और निष्पक्ष शर्तों पर हो। ट्रंप को बहाना मिले, इसलिए प्रदर्शन हुए। ईरान के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि उनके देश में हिंसक प्रदर्शन हुए ताकि ट्रंप को हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके। विदेश मंत्री ने हालांकि अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया। अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बात की। कतर की ओर से वित्त पेषित अल जजीरा सैटलाइट न्यूज नेटवर्क ने उनके बयान प्रसारित किए।
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